अपना शहर चुनें

States

विधानसभा चुनाव से पहले इस बात को लेकर आमने सामने है बीजेपी-शिवसेना

शिवसेना चाहती है कि चुनाव से पहले बीजेपी मुख्यमंत्री चेहरा का ऐलान न करे. (फाइल फोटो)
शिवसेना चाहती है कि चुनाव से पहले बीजेपी मुख्यमंत्री चेहरा का ऐलान न करे. (फाइल फोटो)

महाराष्ट्र में इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले सबकी नजर बीजेपी-शिवसेना गठबंधन के स्वरूप पर टिकी हुई है. 2014 के विधानसभा चुनावों में दोनों दलों के रिश्ते तल्ख हो गए थे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 2, 2019, 1:03 PM IST
  • Share this:
महाराष्ट्र में इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले सबकी नजरें बीजेपी-शिवसेना गठबंधन के स्वरूप पर टिकी हुई हैं. वर्ष 2014 के विधानसभा चुनाव में दोनों दलों के रिश्ते तल्ख हो गए थे. हालांकि 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने बातचीत कर रिश्तों को ठीक कर लिया था. लेकिन स्थानीय स्तर पर तल्खी अभी कम नहीं हुई है.

केंद्रीय मंत्रिमंडल के गठन के समय भी मंत्रियों के कोटे को लेकर दोनों दलों में तनाव की खबरें आई थी. लेकिन तब सब कुछ शांत हो गया था. अब दोनों राजनीतिक पार्टियां मुख्यमंत्री पद को लेकर आमने-सामने हैं.

ये है विवाद का असली कारण
2014 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले बीजेपी और शिवसेना के रिश्ते खराब हो गए थे. दोनों पार्टियां अलग-अलग चुनाव लड़ीं और बीजेपी अकेले सत्ता के करीब पहुंची. बाद में बीजेपी ने राज्य में अकेले अपने दम पर सरकार भी बनाई. हालांकि बाद में शिवसेना साथ आ गई. अब सरकार बिना किसी संकट के अपना 5 साल का कार्यकाल भी पूरा कर रही है. लेकिन इस विधानसभा चुनावों से पहले एक बार फिर दोनों राजनीतिक पार्टियों के रिश्तों में तनाव की खबरें आ रही हैं.
मुख्यमंंत्री देवेंद्र फडणवीस और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे (फाइल फोटो)




शिवसेना की चाह- न हो मुख्यमंत्री उम्मीदवार की घोषणा
सूत्रों की मानें तो बीजेपी देवेंद्र फडणवीस को मुख्यमंत्री उम्मीदवार घोषित करते हुए चुनाव लड़ना चाहती है जबकि शिवसेना इसके लिए तैयार नहीं है. शिवसेना चाहती है कि इन चुनावों से पहले गठबंधन का मुख्यमंत्री पद का कोई उम्मीदवार घोषित न किया जाए. शिवसेना इन चुनावों में उद्धव ठाकरे के बेटे और पार्टी के युवा चेहरे आदित्य ठाकरे को आगे रखकर चुनाव लड़ना चाहती है. ऐसे में अगर फडणवीस मुख्यमंत्री उम्मीदवार घोषित हो जाएंगे, तो आदित्य के साथ युवाओं का वो जोश नहीं होगा जिसकी शिवसेना को उम्मीद है.

विरोधी दलों के विधायकों को इसलिए अपने साथ ले रही है बीजेपी
शिवसेना के विधानसभा चुनाव में बराबर-बराबर सीटों की मांग पर भी बीजेपी नेतृत्व सहमत नजर नहीं आ रहा है. सूत्रों की मानें तो बीजेपी नेतृत्व सीटें जीतने के आधार पर टिकटों का बंटवारा करना चाहती है और इसी दावे को मजबूत करने के लिए पार्टी कांग्रेस और एनसीपी के दिग्गज नेताओं को एक-एक कर बीजेपी में शामिल कर रही है.

आदित्य ठाकरे को शिवसेना महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री बनाने की चाहत रखती है.


विरोधी दलों के लगभग 5 विधायक बीजेपी का दामन थाम चुके हैं, जबकि ये सिलसिला अभी जारी है. जानकारों का मानना है कि बीजेपी कांग्रेस और एनसीपी के एक दर्जन से ज्यादा विधायकों के संपर्क में बहुत पहले से है. लेकिन बीजेपी इनको पार्टी में शामिल करने से पहले इस बात का इतंजार कर रही थी कि विधानसभा का कार्यकाल 6 महीने से कम का बचा हो. ऐसा इसलिए कि उन सीटों पर उपचुनाव न कराना पड़े.

विधानसभा चुनाव की चर्चा नए सिरे से होगी
बीजेपी सूत्रों का कहना है कि लोकसभा चुनाव के समय भी विधानसभा सीटों को लेकर कोई बात नहीं हुई थी. विधानसभा चुनाव की चर्चा नए सिरे से होगी. साफ है, महाराष्ट्र चुनावों के पहले दोनों पार्टियों के रिश्तों को लेकर अभी और खबरें आनी हैं. बीजेपी और शिवसेना के रिश्ते का सही स्वरूप जानने के लिए अभी इंतजार करना होगा.

ये भी पढ़ें-

चाहकर भी BJP का साथ नहीं छोड़ सकती JDU और शिवसेना, ये हैं वजहें

वफादार कुत्ते ने अपनी जान देकर मालिक को मौत से बचाया
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज