लाइव टीवी

23 दिसंबर को हो सकता है महाराष्ट्र कैबिनेट का विस्तार, शरद पवार ने दिए ये संकेत...

News18Hindi
Updated: December 17, 2019, 11:10 PM IST
23 दिसंबर को हो सकता है महाराष्ट्र कैबिनेट का विस्तार, शरद पवार ने दिए ये संकेत...
शरद पवार (फाइल फोटो)

महाराष्‍ट्र में शिवसेना, राष्‍ट्रवादी कांग्रेस और कांग्रेस की गठजोड़ वाली सरकार बनने के बाद मंत्री पद को लेकर तनातनी की स्थिति की स्थिति चल रही है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 17, 2019, 11:10 PM IST
  • Share this:
नागपुर. महाराष्ट्र के नवगठित कैबिनेट का विस्तार और विभागों का आवंटन 23 दिसंबर को किए जाने की संभावना है. राकांपा के प्रवक्ता नवाब मलिक ने मंगलवार की रात संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि राकांपा प्रमुख शरद पवार ने नागपुर में शाम के समय पार्टी विधायकों की बैठक की, जहां राज्य विधानमंडल का शीतकालीन सत्र चल रहा है. बैठक में पवार ने संकेत दिए कि वह मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से मुलाकात करेंगे और कैबिनेट का विस्तार 21 दिसंबर को विधानसभा सत्र की समाप्ति के बाद दो दिन के भीतर होने की संभावना है.

मलिक ने पवार के हवाले से कहा, 'मंत्रियों को विभागों का आवंटन किया जाएगा ताकि वे काम शुरू कर सकें.' राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी प्रदेश में शिवसेना की अगुवाई वाली महाराष्ट्र विकास आघाडी सरकार का हिस्सा है, जिसमें कांग्रेस भी शामिल है.

मंत्री पद को लेकर तनातनी की स्थिति

महाराष्‍ट्र में शिवसेना, राष्‍ट्रवादी कांग्रेस और कांग्रेस की गठजोड़ वाली सरकार बनने के बाद मंत्री पद को लेकर तनातनी की स्थिति की स्थिति चल रही है. नए और पुराने चेहरे को उद्धव कैबिनेट में जगह देने का मामला गरमाया हुआ है. हाल ही में शिवसेना ने इसको लेकर तीखी टिप्‍पणी की. पार्टी ने मंत्रिमंडल में नए चेहरों को प्राथमिकता देने की वकालत की. पार्टी के मुखपत्र 'सामना' में वरिष्‍ठ नेताओं पर तीखा प्रहार किया गया. 'सामना' में प्रकाशित संपादकीय में पार्टी ने कहा कि पुराने दूल्‍हे मनोरंजन के लिए ही अच्‍छे होते हैं. महाराष्‍ट्र विधानसभा के नागपुर में होने वाली शीतकालीन अधिवेशन में उद्धव कैबिनेट का विस्‍तार हो सकता है.

'पका हुआ मुरब्‍बा खाने में ही अच्‍छे'

शिवसेना ने स्‍पष्‍ट शब्‍दों में कहा कि वरिष्‍ठ और पुराने नेता यंग लीडर्स के लिए मंत्री पद छोड़ने को तैयार नहीं हैं. 'सामना' में प्रकाशित संपादकीय में लिखा गया, 'शिवसेना को भी पुराने प्रसिद्ध और नए युवाओं में से मोहरों को चुनना होगा. ऐसी अपेक्षा है कि महाराष्ट्र की राजनीति में अब तरो-ताजा चेहरे आएं. पका हुआ मुरब्बा और अचार खाने में ही अच्छे लगते हैं. वहीं, लोगों की सोच है कि पुराने दूल्हे मनोरंजन के लिए ही अच्छे होते हैं. लेकिन, युवाओं के लिए कुर्सी छोड़ने को पुराने तैयार नहीं हैं. हम नहीं होंगे तो महाराष्ट्र को अथवा सरकार को अड़चन आएगी, इस भ्रम से इन लोगों (बुजुर्ग नेताओं) को बाहर निकलना चाहिए. देवेंद्र फडणवीस गए, उनकी वजह से न तो राज्य का कुछ रुका और न ही मंत्रालय का.''मलाईदार पद चाहते हैं पुराने नेता'
 शिवसेना ने कहा कि पुराने नेताओं को इस भ्रम में नहीं रहना चाहिए कि उनके बिना सरकार का काम नहीं चलेगा. सामना के संपादकीय में किसी भी पार्टी का नाम लिए बिना लिखा गया, 'सरकार के अन्य विभाग भी महत्वपूर्ण होते हैं, लेकिन 'मलाईदार' या 'वजनदार' विभाग की चाहत कुछ वर्षों से बलवती होती जा रही है. इस मानसिकता से बाहर निकलना अनिवार्य है. जिन्हें लगता है कि मलाईदार समझे जानेवाले विभागों से ही देश और जनता की सेवा की जा सकती है, उनकी नीयत साफ नहीं है.


ये भी पढ़ें:

CM नीतीश की जल-जीवन जागरण अभियान यात्रा के पीछे सामाजिक चेतना या फिर राजनीतिक उद्देश्य?

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए Mumbai से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: December 17, 2019, 11:10 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर