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उद्धव ने कहा- महाराष्ट्र में NRC लागू नहीं होने देंगे, बॉलीवुड डारेक्टर बोले- हमें आप पर गर्व है

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Updated: February 4, 2020, 1:30 PM IST
उद्धव ने कहा- महाराष्ट्र में NRC लागू नहीं होने देंगे, बॉलीवुड डारेक्टर बोले- हमें आप पर गर्व है
उद्धव ठाकरे ने कहा था कि महाराष्ट्र में एनआरसी लागू नहीं होने देंगे (फाइल फोटो)

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने कहा था कि वह महाराष्ट्र में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) को लागू नहीं होने देंगे. इस पर बॉलीवुड के डायरेक्टर संजय गुप्ता (Sanjay Gupta) ने ट्वीट कर कहा, 'हमें आप पर गर्व है सर'

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  • Last Updated: February 4, 2020, 1:30 PM IST
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मुंबई. महाराष्ट्र (Maharashtra) के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा था कि वह महाराष्ट्र में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) को लागू नहीं होने देंगे. क्योंकि इससे लोगों को नागरिकता साबित करना मुश्किल होगा. सीएम के इस बयान को लेकर बॉलीवुड के मशूहर डायरेक्टर संजय गुप्ता (Sanjay Gupta) ने ट्वीट किया है. गुप्ता ने कहा कि सीएम उद्धव ठाकरे के इस फैसले पर हमें गर्व है. डारेक्टर का यह ट्वीट सोशल मीडियो पर वायरल हो रहा है.

डायरेक्टर संजय गुप्ता (Sanjay Gupta) ने सीएम उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray)  के एनआरसी (NRC) और सीएए पर दिए बयान को लेकर सोशल मीडिया पर उनकी तारीफों के पुल बांध दिए. उन्होंने ट्वीट कर कहा, 'आप पर हमें गर्व है सर'. बता दें कि इससे पहले संजय गुप्ता ने बजट से पहले भी एक ट्वीट किया था. जिसको लेकर सोशल मीडिया पर खूब चर्चा हुई थी. गुप्ता ने ट्वीट में लिखा, 'कल बजट का दिन और मुझे डर लग रहा है, इसके लिए नहीं कि बजट में क्या होगा, बल्कि इसके लिए इससे ध्यान विचलित करने के लिए क्या किया जाएगा.'



'NRC से नागरिकता साबित करना होगा मुश्किल'बता दें कि हाल ही में अपने मुखपत्र सामना को दिए इंटरव्यू में उद्धव ठाकरे ने कहा था कि अगर राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) देश में को लागू किया जाता है तो हिंदुओं और मुसलमानों दोनों को ही नागरिकता साबित करना मुश्किल होगा, लेकिन मैं महाराष्ट्र में ऐसा नहीं होने दूंगा. हम महाराष्ट्र में NRC लागू नहीं होने देंगे.’उद्धव ठाकरे का यह बयान ऐसे समय आया, जब सीएए और NRC के खिलाफ दिल्ली के शाहीन बाग समेत देश के कई शहरों में विरोध प्रदर्शन जारी है. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) मुसलमानों के खिलाफ है और धर्म के आधार पर भेदभाव करता है.

देश के हर राज्य में हो रहा है इस कानून का विरोध
संशोधित नागरिकता कानून (CAA) के तहत पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में धार्मिक उत्पीड़न के कारण देश में शरण लेने आए हिंदू, ईसाई, सिख, पारसी, जैन और बौद्ध धर्म के उन लोगों को भारत की नागरिकता दी जाएगी, जिन्होंने 31 दिसंबर 2014 तक भारत में प्रवेश कर लिया था. ऐसे सभी लोग भारत की नागरिकता के लिए आवेदन कर सकेंगे. इस कानून के विरोधियों का कहना है कि इसमें सिर्फ गैर मुस्लिमों को ही नागरिकता देने की बात कही गई है, इसलिए यह कानून धार्मिक भेदभाव वाला है, जो कि संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन है.

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First published: February 4, 2020, 1:28 PM IST
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