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महाराष्ट्र का सत्ता संग्राम: चुनाव परिणाम से लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले तक कब क्या हुआ, यहां पढ़िए

अखिल भारतीय हिंदू महासभा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी.

अखिल भारतीय हिंदू महासभा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी.

महाराष्ट्र (Maharashtra) में बीजेपी (BJP) के सरकार गठन को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट (Sup ...अधिक पढ़ें

    मुंबई. महाराष्ट्र (Maharashtra) में बीजेपी (BJP) के सरकार गठन को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने  27 नवंबर को फ्लोर टेस्ट कराने का आदेश दिया है.

    महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के परिणाम आने के बाद से सियासी घटनाक्रम ने लगातार करवट बदली है. आइये जानते हैं अब तक कब क्या हुआ:

    21 अक्टूबर 2019 : महाराष्ट्र निधानसभा की 288 साटों पर चुनाव हुए.

    24 अक्टूबर 2019 : महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के परिणाम घोषित हुए. बीजेपी को 105 सीटें, शिवसेना को 56, एनसीपी को 54 और कांग्रेस को 44 सीटें मिलीं.
    09 नवंबर : राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने सबसे बड़ा दल बनकर उभरी बीजेपी को सरकार बनाने का न्योता दिया और 48 घंटे का समय दिया.

    10 नवंबर : बीजेपी ने राज्यपाल के सामने सरकार बनाने में असमर्थता जताई.

    10 नवंबर : शिवसेना ने राज्यपाल से बहुमत साबित करने के लिए 24 घंटे का समय मांगा.

    11 नवंबर : शिवसेना ने राज्यपाल से तीन दिन का समय मांगा. कहा कि तीन दिन में हम शिवसेना के समर्थन में विधायकों के हस्ताक्षर वाला पत्र राज्यपाल को सौंप देंगे.

    11 नवंबर : राज्यपाल ने शिवसेना की मांग को खारिज कर दिया. इसके बाद एनसीपी को सरकार बनाने का न्योता भेजा.

    12 नवंबर : शिवसेना ने राज्यपाल के द्वारा उसके सरकार बनाने के दावे को खारिज करने पर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया.

    12 नवंबर : महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया.

    13 नवंबर : शिवसेना ने सुप्रीम कोर्ट में राज्यपाल के फैसले को चुनौती देने वाली अपनी याचिका में इसका उल्लेख नहीं किया.

    22 ननंबर : विकास अघाड़ी (गठबंधन) के अंतर्गत शिवसेना के मुखिया उद्धव ठाकरे का नाम मुख्यमंत्री पद के लिए तय हुआ.

    23 ननंबर : तड़के 5.47 बजे महाराष्ट्र से राष्ट्रपति शासन हटाया और देवेंद्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री और अजित पवार ने उप-मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली.

    23 नवंबर : इसके विरोध में शिवसेना-एनसीपी और कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की.

    24 नवंबर : सुप्रीम कोर्ट ने सॉलिसीटर जनरल से महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन हटाने, सरकार बनाने और विधायकों के समर्थन के कागजात मांगे.

    25 नवंबर : सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद फैसले को सुरक्षित कर लिया. और मंगलवार सुबह 10.30 पर फैसला सुनाने को कहा.

    26 नवंबर : सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को 48 घंटे में फ्लोर टेस्ट कराने का आदेश दिया.

     ये भी पढ़ें- सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद BJP का दावा- हमारे पास नंबर, कल फ्लोर टेस्ट में पूरी दुनिया देखेगी

    Tags: Ajit Pawar, Maharashtra asembly election 2019, Mumbai, Shiv sena, Supreme court of india

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