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Maharashtra Politics: शिवसेना का बुजुर्ग नेताओं पर तंज- पुराने दूल्हे मनोरंजन के लिए ही अच्छे


Updated: December 16, 2019, 2:46 PM IST
Maharashtra Politics: शिवसेना का बुजुर्ग नेताओं पर तंज- पुराने दूल्हे मनोरंजन के लिए ही अच्छे
उद्धव कैबिनेट में जगह पाने को लेकर नए और पुराने चेहरों के बीच घमासान छिड़ा हुआ है. (फाइल फोटो)

महाराष्‍ट्र (Maharashtra Politics) में शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस की गठजोड़ वाली सरकार बनने के बाद अब मंत्री पद को लेकर घमासान मचा हुआ है. 'सामना' (Saamana) में प्रकाशित संपादकीय में बुजुर्ग नेताओं पर हमला बोला गया है.

  • Last Updated: December 16, 2019, 2:46 PM IST
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मुंबई. महाराष्‍ट्र में शिवसेना, राष्‍ट्रवादी कांग्रेस और कांग्रेस की गठजोड़ वाली सरकार बनने के बाद अब मंत्री पद को लेकर तनातनी की स्थिति अभी तक बरकरार है. अब नए और पुराने चेहरे को उद्धव कैबिनेट में जगह देने का मामला गरमा गया है. शिवसेना ने इसको लेकर तीखी टिप्‍पणी की है. पार्टी ने मंत्रिमंडल में नए चेहरों को प्राथमिकता देने की वकालत की है. पार्टी के मुखपत्र 'सामना' में वरिष्‍ठ नेताओं पर तीखा प्रहार किया गया है. 'सामना' में प्रकाशित संपादकीय में पार्टी ने कहा कि पुराने दूल्‍हे मनोरंजन के लिए ही अच्‍छे होते हैं. महाराष्‍ट्र विधानसभा के नागपुर में होने वाली शीतकालीन अधिवेशन में उद्धव कैबिनेट का विस्‍तार हो सकता है.

'पका हुआ मुरब्‍बा खाने में ही अच्‍छे'
शिवसेना ने स्‍पष्‍ट शब्‍दों में कहा कि वरिष्‍ठ और पुराने नेता यंग लीडर्स के लिए मंत्री पद छोड़ने को तैयार नहीं हैं. 'सामना' में प्रकाशित संपादकीय में लिखा गया, 'शिवसेना को भी पुराने प्रसिद्ध और नए युवाओं में से मोहरों को चुनना होगा. ऐसी अपेक्षा है कि महाराष्ट्र की राजनीति में अब तरो-ताजा चेहरे आएं. पका हुआ मुरब्बा और अचार खाने में ही अच्छे लगते हैं. वहीं, लोगों की सोच है कि पुराने दूल्हे मनोरंजन के लिए ही अच्छे होते हैं. लेकिन, युवाओं के लिए कुर्सी छोड़ने को पुराने तैयार नहीं हैं. हम नहीं होंगे तो महाराष्ट्र को अथवा सरकार को अड़चन आएगी, इस भ्रम से इन लोगों (बुजुर्ग नेताओं) को बाहर निकलना चाहिए. देवेंद्र फडणवीस गए, उनकी वजह से न तो राज्य का कुछ रुका और न ही मंत्रालय का.'

'मलाईदार पद चाहते हैं पुराने नेता'

शिवसेना ने कहा कि पुराने नेताओं को इस भ्रम में नहीं रहना चाहिए कि उनके बिना सरकार का काम नहीं चलेगा. सामना के संपादकीय में किसी भी पार्टी का नाम लिए बिना लिखा गया, 'सरकार के अन्य विभाग भी महत्वपूर्ण होते हैं, लेकिन 'मलाईदार' या 'वजनदार' विभाग की चाहत कुछ वर्षों से बलवती होती जा रही है. इस मानसिकता से बाहर निकलना अनिवार्य है. जिन्हें लगता है कि मलाईदार समझे जानेवाले विभागों से ही देश और जनता की सेवा की जा सकती है, उनकी नीयत साफ नहीं है.

NCP-कांग्रेस के इन नेताओं का लिया नाम
'सामना' में प्रकाशित संपादकीय में उद्धव मंत्रिमंडल में राष्‍ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस की ओर से मंत्री बनाए जाने वाले संभावित नामों का भी उल्‍लेख किया गया है. शिवसेना का मानना है कि कांग्रेस के अशोक चव्‍हाण और पृथ्‍वीराज चव्‍हाण के साथ ही NCP के अजित पवार मंत्री पद के दावेदार हैं. इसके अलावा एनसीपी के नवाब मलिक, माणिक कोकाटे, राजजेश टोपे जैसे नेताओं का भी जिक्र किया गया. 

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First published: December 16, 2019, 2:45 PM IST
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