महाराष्‍ट्र में कोरोना का सितम, 1 दिन में रिकॉर्ड 773 मरीजों की मौत और 66,836 केस

महाराष्‍ट्र में महामारी से एक दिन में 773 मरीजों की मौत हो गई है. (सांकेतिक फोटो)

महाराष्‍ट्र में महामारी से एक दिन में 773 मरीजों की मौत हो गई है. (सांकेतिक फोटो)

Maharashtra: महाराष्‍ट्र में आज कोरोना से होने वाली मौतों ने अब तक के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. राज्‍य में एक दिन में 773 मरीजों की मौत हो गई है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 25, 2021, 1:22 PM IST
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मुंबई. महाराष्‍ट्र में कोरोना वायरस महामारी का कहर बरकरार है. राज्‍य में शुक्रवार को 773 लोगों की महामारी से मौत हो गई, जो एक दिन में मौतों की सर्वाधिक संख्‍या है. वहीं, इस दौरान 66,836 से ज्‍यादा केस भी सामने आए.

हालांकि राज्‍य के लिए राहत वाली बात ये है कि इस दौरान 74,045 मरीज स्‍वस्‍थ होकर घर भी लौटे हैं. इसके साथ ही राज्‍य में 6,91,851 सक्रिय मामले हैं. जबकि कुल संक्रमितों की संख्‍या बढ़कर 41,61,676 हो गई है. 34,04,792 लोग रिकवर हो चुके हैं और 63,252 मरीजों की जान जा चुकी है.

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अगर मुंबई की बात करें तो यहां एक दिन में 7,221 नए केस सामने आए हैं. जबकि इस दौरान 72 मरीजों की मौत भी हो गई है. हालांकि इस अवधि में 9,541 मरीज स्‍वस्‍थ भी हुए हैं. मुंबई में संक्रमण के 81,538 सक्रिय मामले हैं.
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BMC ने ऑक्सीजन संबंधी आकस्मिक स्थिति रोकने के लिए प्रक्रिया तय की



बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने शुक्रवार को यहां घोषणा की कि उसने कोविड-19 महामारी के बीच ऑक्सीजन की आपूर्ति के कारण किसी भी आकस्मिक स्थिति को रोकने के लिए एक प्रक्रिया तय की है. एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, बीएमसी ने नगर के सभी अस्पतालों और नागरिक प्रशासन के विभिन्न विभागों को दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करने को कहा है. नयी प्रक्रिया के अनुसार, मैकेनिकल और इलेक्ट्रिक विभागों के मुख्य इंजीनियर वार्ड-वार सभी निजी कोविड अस्पतालों, उनके ऑक्सीजन आपूर्तिकर्ताओं और उनके पास मौजूद सिलेंडर के बारे में आंकड़े एकत्र करेंगे.

विज्ञप्ति में कहा गया है कि यह जानकारी बीएमसी के वार्ड नियंत्रण और खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) को दी जाएगी. इसमें कहा गया है कि अस्पतालों को कम से कम 24 घंटे पहले या उनके समझौते के अनुसार ऑक्सीजन की मांग दर्ज करानी होगी. विज्ञप्ति में कहा गया है कि अगर 16 घंटे के भीतर ऑक्सीजन की आपूर्ति उपलब्ध नहीं हुयी तो अस्पतालों को वार्ड नियंत्रण कक्षों को सूचित करना होगा.



पिछले दिनों नगर निकाय को एक हफ्ते में दो बार ऑक्सीजन संबंधी आकस्मिक स्थिति का सामना करना पड़ा. इसके बाद यह कदम उठाया गया है. निकाय को घाटकोपर के एक निजी अस्पताल में सिलेंडरों की व्यवस्था करनी पड़ी और आपूर्ति को लेकर छह अस्पतालों से 168 कोविड रोगियों को अन्यत्र स्थानांतरित करना पड़ा.
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