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MSCB घोटाला: शरद पवार और उनके भतीजे अजित पवार की बढ़ी मुश्किलें, ED ने दर्ज किया केस

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Updated: September 24, 2019, 7:53 PM IST
MSCB घोटाला: शरद पवार और उनके भतीजे अजित पवार की बढ़ी मुश्किलें, ED ने दर्ज किया केस
बता दें, ये स्कैम 25 हजार करोड़ रुपये का है. शुरुआत में मुंबई पुलिस ने इस मामले में एक एफआईआर दर्ज की थी. (File Photo)

महाराष्ट्र स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक (Maharashtra State Co-Operative Bank) घोटाले में ईडी (ED) ने शरद पवार और उनके भतीजे अजित पवार (Ajit Pawar) सहित अन्य 70 के खिलाफ पर मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया है.

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  • Last Updated: September 24, 2019, 7:53 PM IST
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मुंबई. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) प्रमुख शरद पवार (Sharad Pawar) की मुश्किलें बढ़ गई हैं. महाराष्ट्र स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक (Maharashtra State Co-Operative Bank) घोटाले में ईडी (ED) ने शरद पवार और उनके भतीजे अजित पवार (Ajit Pawar) सहित अन्य 70 के खिलाफ पर मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया है. ईडी ने महाराष्ट्र स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक से जुड़े हुए 70 लोगों को भी अपनी एफआईआर में आरोपी बनाया है.

बता दें, ये स्कैम 25 हजार करोड़ रुपये का है. शुरुआत में मुंबई पुलिस ने इस मामले में एक एफआईआर दर्ज की थी.

इससे पहले महाराष्ट्र स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक (एमएससीबी) घोटाले में बॉम्बे हाई कोर्ट ने मुंबई पुलिस को शरद पवार और उनके भतीजे अजित पवार समेत 70 अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था. हाई कोर्ट ने माना था कि इन सभी आरोपियों को बैंक घोटाले के बारे में पूरी जानकारी थी. प्रारंभिक दृष्ट्या इनके खिलाफ पुख्ता सबूत हैं. अदालत ने मुंबई पुलिस की आपराधिक शाखा को पांच दिन के भीतर एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए थे. जिस पर अमल करते हुए मुंबई पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी.

ये है मामला

शरद पवार और जयंत पाटिल समेत बैंक के अन्य डायरेक्टर के खिलाफ बैंकिंग और आरबीआई के नियमों का उल्लंघन करने का आरोप है. इन्होंने कथित तौर पर चीनी मिल को कम दरों पर कर्ज दिया था और डिफॉल्टर की संपत्तियों को कोड़ियों के भाव बेच दिया था. आरोप है कि इन संपत्तियों को बेचने, सस्ते लोन देने और उनका पुनर्भुगतान नहीं होने से बैंक को 2007 से 2011 के बीच 1,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था. महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और तत्कालीन वित्त मंत्री अजित पवार उस समय बैंक के डायरेक्टर थे. नाबार्ड ने महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव सोसायटी अधिनियम के तहत इस मामले की जांच कर अपनी रिपोर्ट सौंपी, जिसमें पवार और अन्य लोगों को बैंक घोटाले का आरोपी बनाया गया.

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First published: September 24, 2019, 7:41 PM IST
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