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महाराष्‍ट्र: उद्धव-शिंदे के बीच टीजर गेम्‍स, दशहरा रैलियों को लेकर सोशल मीडिया पर मच रहा है धमाल

दशहरा पर उद्धव ठाकरे का संबोधन शिवाजी पार्क में और सीएम एकनाथ शिंदे की रैली बीकेसी के एमएमआरडीए मैदान में होगी.

दशहरा पर उद्धव ठाकरे का संबोधन शिवाजी पार्क में और सीएम एकनाथ शिंदे की रैली बीकेसी के एमएमआरडीए मैदान में होगी.

महाराष्‍ट्र (Maharashtra) में शिवसेना के दोनों खेमे अपनी-अपनी दशहरा रैलियों के लिए तैयार हो चुके हैं. इधर, सोशल मीडिया ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

महाराष्‍ट्र में दशहरा रैली से पहले मची होड़
उद्धव और शिंदे खेमों के बीच टीजर गेम्‍स
सोशल मीडिया पर खूब चल रहे हैं वीडियो

शुभम चौहान 

मुंबई. मंच सज चुका है और महाराष्‍ट्र (Maharashtra) में शिवसेना के दोनों खेमे अपनी-अपनी दशहरा रैलियों के लिए तैयार हो चुके हैं. इधर, सोशल मीडिया (social media) पर ऑनलाइन प्रचार के लिए भी उनकी जंग अपने शबाब पर है. जहां चुनाव आयोग में धनुष और तीर के निशान की लड़ाई जारी है तो वही टीजर में भी साफ दिखाई दे रहा है. इस टीजर में बाल ठाकरे और उनकी राजनीतिक विचारधारा के उत्तराधिकारी को लेकर दावा किया गया है.

एक टीजर की शुरुआत शिवसैनिकों से भरे प्रतिष्ठित शिवाजी पार्क से होती है. यह शिवाजी पार्क, रैलियों के लिए एक पारंपरिक स्थल है, जो पार्टी मुख्यालय से कुछ ही दूर है. इस टीजर में उद्धव ठाकरे अपने दोनों हाथों को फैलाए दिखाई देते हैं. शिवाजी पार्क में हजारों शिवसैनिकों के बीच उद्धव मंच से कहते हैं कि ये मेरा ठाकरे परिवार है, यहां उपस्थित सभी के दिल में हिंदू हृदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे हैं.

दशहरा रैली में अपने भाषण के विषय पर उद्धव और उनके खेमे दोनों ने स्पष्ट किया है कि मुख्‍यमंत्री एकनाथ शिंदे का विद्रोह पर ही सबसे पहले चर्चा होगी. पार्टी के न केवल विभाजन, बल्कि अन्‍य स्थानों को लेकर भी दोनों गुटों की लड़ाई कोर्ट तक जा पहुंची है. उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे दोनों पक्षों ने शिवाजी पार्क में रैली करने की अनुमति मांगी थी. जिस पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने उद्धव ठाकरे के खेमे को शिवाजी पार्क में रैली करने की इजाजत दे दी थी.

उद्धव के दावों का मुकाबला कर रहा है शिंदे खेमा
उद्धव ठाकरे जहां अपने दावों से खुद को असली उत्‍तराधिकारी बताने में लगे हुए हैं. तो वहीं शिंदे खेमे ने भी पूरी तैयारी कर रखी है. गर्व से कहो, हम हिंदू हैं, और हम विचारधारा के उत्तराधिकारी हैं ऐसे नारों के जरिए शिंदे खेमा खुद को असली साबित करने में लगा हुआ है. वीडियो में भगवा झंडा ऊंचा रखने के बालासाहेब के संदेश को दिखाते हुए, शिंदे खेमे ने कहा है कि यह वही हैं जो ठाकरे और आनंद दिघे की हिंदुत्व की विचारधारा के असली उत्तराधिकारी हैं. शिंदे खेमे का दावा है कि ‘विचार महत्वपूर्ण हैं और हम बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा को आगे बढ़ा रहे हैं. हम उनकी भूमिका को आगे बढ़ा रहे हैं इसलिए हमें लोगों का समर्थन मिल रहा है. मैं जहां भी जाता हूं लोगों से जो प्रतिक्रिया मिलती है, उससे पता चलता है कि उन्होंने हमें स्वीकार किया और इसलिए वे बड़ी संख्या में आएंगे.

1966 में शिवाजी पार्क में हुई थी पहली रैली 

इसके अलावा, शिंदे खेमे ने नेता बालासाहेब और उद्धव ठाकरे दोनों की पुरानी क्लिप भी डाली हैं, जिसमें दोनों नेताओं ने कांग्रेस की आलोचना की है. अंततः तत्कालीन महा विकास अघाड़ी (एमवीए) सरकार में उसकी सहयोगी बन गई है. इस साल जून में शिंदे विद्रोह से पहले एमवीए सरकार मात्र ढाई साल तक चली थी. इसके बाद एकनाथ शिंदे के नेतृत्‍व में महाराष्‍ट्र में नई सरकार बनी है. दरअसल दशहरा रैली का महत्व इसलिए है क्योंकि पार्टी ने अपनी पहली रैली 1966 में शिवाजी पार्क में आयोजित की थी. तब से हर साल इस रैली का आयोजन होता रहा है. पहले बालासाहेब और फिर उद्धव ठाकरे ने इसी स्थान पर रैली की है. यह शिवसैनिकों के लिए एक वार्षिक कार्यक्रम है और इस बार भी बहुप्रतीक्षित दशहरा कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भीड़ जुटने की उम्मीद है.

Tags: Maharashtra, Social media

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