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BJP और शिवसेना के बीच जो भी ‘निर्णय’ हुआ था, उसे सार्वजनिक करें: खड़से

पीटीआई
Updated: November 8, 2019, 7:39 AM IST
BJP और शिवसेना के बीच जो भी ‘निर्णय’ हुआ था, उसे सार्वजनिक करें: खड़से
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मंत्रिमंडल में नंबर 2 की स्थिति में रह चुके खडसे को राज्य भाजपा में काफी हद तक दरकिनार कर दिया जा चुका है.

वरिष्ठ बीजेपी (BJP) नेता एकनाथ खड़से (Eknath Khadse) ने कहा कि अतीत में भगवा सहयोगियों के बीच जो कुछ भी ‘तय’ किया गया था, उसे सत्ता-साझा करने के मुद्दे को ठीक से समझने के लिए सार्वजनिक किया जाना चाहिए.

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जलगांव. महाराष्ट्र सरकार (Maharashtra Government) के पूर्व मंत्री और वरिष्ठ बीजेपी नेता एकनाथ खड़से (Eknath Khadse) ने कहा है कि बीजेपी (BJP) और शिवसेना (Shiv Sena) के बीच विधानसभा चुनाव के पहले जो भी ‘निर्णय’ किया गया था, उसे अब सार्वजनिक कर देना चाहिए. शिवसेना के वरिष्ठ नेतागण दावा कर रहे हैं कि विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी ने रोटेशन के आधार पर मुख्यमंत्री का पद और मंत्रिमंडल में आधा मंत्री पद शेयर करने की सहमति दी थी. हालांकि, बीजेपी ने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी के साथ ऐसी किसी भी सहमति से इनकार किया है और शिवसेना से देवेंद्र फडणवीस को पूर्ण अवधि के लिए बतौर मुख्यमंत्री स्वीकार करने का आग्रह किया है.

खडसे की टिप्पणियों के कारण कई बार बैकफुट पर आ चुकी है बीजेपी
बीजेपी ने खडसे को विधानसभा चुनाव का टिकट देने से इनकार कर दिया था और उनकी बेटी को जलगांव जिले के मुक्तैनगर की अपनी पारिवारिक सीट से मैदान में उतारा, लेकिन वो शिवसेना के बागी चंद्रकांत पाटिल से हार गईं थीं. खडसे ने कहा, ‘शिवसेना नेता कह रहे हैं कि लोकसभा चुनाव से पहले उनसे कुछ वादा किया गया था. उस मामले में, जो भी तय किया गया था, उसे सबसे आगे लाया जाना चाहिए और चर्चा की जानी चाहिए.’ खडसे की आलोचनात्मक टिप्पणियों ने हाल के दिनों में कई मौकों पर उनकी पार्टी को बैकफुट पर डाल दिया है.

बीजेपी और शिवसेना के बीच मध्यस्थता करने के लिए पर्याप्त वरिष्ठ नहीं 

चुनाव परिणाम आने के दो सप्ताह बाद भी भगवा सहयोगियों में सरकार गठन के लिए खींचतान के बारे में पूछे जाने पर अनुभवी राजनीतिज्ञ ने कहा, ‘मैं अब बीजेपी और शिवसेना के बीच मध्यस्थता करने के लिए पर्याप्त वरिष्ठ नहीं हूं’. कई बार विधायक रहे खडसे ने पुणे में एक भूमि सौदे में उनके खिलाफ लगाए गए अभियोग के आरोपों के बाद जून 2016 में फडणवीस कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया था. इस भूमि सौदे के मामले में कोई भी गलत काम करने से वो बार-बार इनकार कर चुके हैं.

सरकार बनाने के लिए चाहिए 145 विधायकों का समर्थन
बीजेपी और शिवसेना मुख्यमंत्री पद के मुद्दे पर रस्साकशी में उलझे हैं, जिसके परिणामस्वरूप सरकार सरकार बनाने में गतिरोध बना हुआ है. महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 105 सीटों पर जीत हासिल की है, जबकि शिवसेना 56, एनसीपी 54 और कांग्रेस ने 44 सीटें हासिल की हैं. 288 सदस्यों वाली विधानसभा में सरकार बनाने के लिए 145 विधायकों का समर्थन होना चाहिए.
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First published: November 8, 2019, 4:48 AM IST
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