महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले मराठा आरक्षण संशोधन बिल दोनों सदनों से पारित

महाराष्ट्र विधानमंडल के दोनों सदनों ने सर्वसम्मति से मराठा आरक्षण (SEBC) संशोधन विधेयक पारित कर दिया है. संशोधित कानून के अनुसार, नौकरियों में मराठों के लिए 13 प्रतिशत आरक्षण और शिक्षा में 12 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है.

News18Hindi
Updated: July 5, 2019, 11:48 PM IST
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले मराठा आरक्षण संशोधन बिल दोनों सदनों से पारित
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले मराठा आरक्षण संशोधन बिल दोनों सदनों से पारित.
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Updated: July 5, 2019, 11:48 PM IST
महाराष्ट्र विधानमंडल के दोनों सदनों ने सर्वसम्मति से मराठा आरक्षण (SEBC) संशोधन विधेयक पारित कर दिया है. संशोधित कानून के अनुसार, नौकरियों में मराठों के लिए 13 प्रतिशत आरक्षण और शिक्षा में 12 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है.

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मराठा आरक्षण का संशोधित बिल विधानसभा और विधान परिषद में पेश करते कहा था कि मराठा समाज के सामाजिक व शैक्षणिक रुप से पिछड़े वर्ग (एसईबीसी) को आरक्षण देने के कानून को बॉम्बे हाई कोर्ट ने वैध ठहराते हुए आरक्षण का प्रतिशत 16 से घटाकर 12 और 13 प्रतिशत करने का फैसला सुनाया था, इसलिए आरक्षण में तकनीकी अड़चन को दूर करने के लिए सरकार ने कानून में संशोधन किया है. उन्होंने कहा था कि अदालत ने मराठा समाज को दिए गए 16 प्रतिशत आरक्षण को खत्म कर दिया था. राज्य के महाअधिवक्ता ने राज्य सरकार को मूल कानून में संशोधन करते हुए शिक्षा में 12 प्रतिशत और नौकरियों में 13 प्रतिशत आरक्षण का बिल लाने का सुझाव दिया था.



कैबिनेट ने जारी किया था अध्यादेश
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महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने बीती 17 मई पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल पाठ्यक्रमों में मराठा छात्रों को आरक्षण देने के लिए सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्गों (एसईबीसी) आरक्षण अधिनियम, 2018 में संशोधन करने के लिए अध्यादेश को अपनी मंजूरी दे दी थी. कैबिनेट ने अध्यादेश लागू होने के बाद प्रभावित होने वाले सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों के शुल्क के पुनर्भुगतान को भी अपनी मंजूरी दे दी थी.

मराठा समुदाय के लिए 16 फीसदी आरक्षण को हाईकोर्ट ने कर दिया था नामंजूर
इससे पहले बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ ने पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल पाठ्यक्रमों में मराठा समुदाय के लिए 16 फीसदी आरक्षण इस आधार पर नामंजूर कर दिया था कि प्रवेश प्रक्रिया बहुत पहले शुरू हो चुकी थी. उच्चतम न्यायालय ने उच्च न्यायालय के फैसले को बरकरार रखा था. कैबिनेट की बैठक के बाद संवाददाताओं से बात करते हुए राजस्व मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने कहा था कि अध्यादेश का मसौदा राज्यपाल को भेजा जा रहा है. उन्होंने कहा, ‘इस अध्यादेश से उन छात्रों को राहत मिलेगी जो मराठा आरक्षण के तहत दाखिला ले चुके हें लेकिन अदालत द्वारा प्रक्रिया पर रोक लगाने के बाद प्रभावित हुए हैं. अब प्रवेश की तीसरा चरण शुरू होगा."

सरकार ने कही थी सामान्य वर्ग के छात्रों की फीस का पुनर्भुगतान करने की बात
मंत्री ने कहा था कि सामान्य वर्ग के जो छात्र प्रभावित होंगे वे निजी कॉलेजों में दाखिला लेने की कोशिश कर सकते हैं और सरकार उनकी फीस का पुनर्भुगतान करेगी. पाटिल ने कहा कि सामान्य श्रेणी के छात्र प्रबंधन कोटा के तहत दाखिला लेने की कोशिश कर सकते हैं और सरकार उनकी मदद करेगी.

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First published: July 5, 2019, 11:48 PM IST
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