ED के सामने पेश हुए मनसे प्रमुख राज ठाकरे, 9 घंटे हुई पूछताछ

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Updated: August 22, 2019, 9:37 PM IST
ED के सामने पेश हुए मनसे प्रमुख राज ठाकरे, 9 घंटे हुई पूछताछ
ईडी के सामने पेश हुए मनसे प्रमुख राज ठाकरे

राज ठाकरे (Raj Thackeray) गुरुवार सुबह लगभग साढ़े 11 बजे पत्नी शर्मिला, बेटे अमित और बहू के साथ मुंबई के बल्लार्ड पियर स्थित ईडी (Enforcement Directorate) दफ्तर पहुंचे थे.

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महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (Maharashtra Navnirman Sena/मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे (Raj Thackeray) गुरुवार को प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate/ईडी) के सामने पेश हुए. कोहिनूर सीटीएनएल लोन (Kohinoor CTNL Loan Case) मामले में ईडी ने उनसे करीब 9 घंटे पूछताछ की. इससे पहले राज ठाकरे गुरुवार सुबह लगभग साढ़े 11 बजे पत्नी शर्मिला, बेटे अमित और बहू के साथ मुंबई के बल्लार्ड पियर स्थित ईडी दफ्तर पहुंचे थे.

क्या है कोहिनूर मिल मामला
कोहिनूर मिल खरीदने के मामले में प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी पीएमएलए के तहत मामले की जांच कर रहा है. साल 2003 में राज ठाकरे और राजन शिरोडकर के साथ साझेदारी कर मनोहर जोशी के बेटे उन्मेश जोशी ने अपनी कंपनी कोहिनूर सीटीएनएल के ज़रिए कोहिनूर मिल का सौदा किया था. जोशी, ठाकरे और शिरोडकर तीनों ने बराबरी की साझेदारी में पूरा सौदा 421 करोड़ रुपये में तय किया था. हालांकि 5 साल बाद 2008 में ठाकरे अपना हिस्सा बेचकर अलग हो गए थे.

कैसे खरीदी गई ज़मीन

कोहिनूर सीटीएनएल कंपनी ने मुंबई के दादर में कोहिनूर स्क्वेयर टावर बनवाया था. जहां ये टावर बना है, उसी ज़मीन के कर्ज को लेकर ये केस जारी है. इस टावर की पहली पांच मंज़िलों पर भव्य मॉल है. बताया जाता है कि कोहिनूर सीटीएनएल ने आईएलएंडएफएस (IL&FS) से कर्ज़ लिया था. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ कोहिनूर सीटीएनएल ने 225 करोड़ रुपये का निवेश किया था और IL&FS ने अपनी हिस्सेदारी 2008 में सिर्फ 90 करोड़ रुपये में सरेंडर कर दी थी. बाद में प्रोजेक्ट के लिए उठाए गए कर्ज़ को कोहिनूर सीटीएनएल चुका नहीं पाई.

इसलिए हुई थी ठाकरे की आलोचना
इस डील के बाद कहा गया था कि ज़मीन कौड़ियों के भाव खरीदी गई. वहीं, मराठी अस्मिता के मुद्दे को राजनीति में भुनाने के लिए मशहूर रहे ठाकरे को उस वक्त की रिपोर्टों में मराठी मज़दूरों का रोज़गार छीनने वाला तक करार दे दिया गया था. इन्हीं आलोचनाओं का जवाब देने के लिए ठाकरे ने भूमिपूजन समारोह में 100 मिल मज़दूरों के बेटों को आलीशान प्रोजेक्ट में नौकरी दिए जाने तक की घोषणा कर दी थी. लेकिन समय बदला और पांच ही साल में ठाकरे खुद इस पूरी प्रॉपर्टी से अलग हो गए.
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First published: August 22, 2019, 8:44 PM IST
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