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आरे में पेड़ों की कटाई से भड़के आदित्य ठाकरे, कहा- मेट्रो अधिकारियों को टेरर कैंप्स को नष्ट करने के लिए POK भेजा जाए

News18 Uttar Pradesh
Updated: October 5, 2019, 11:48 AM IST
आरे में पेड़ों की कटाई से भड़के आदित्य ठाकरे, कहा- मेट्रो अधिकारियों को टेरर कैंप्स को नष्ट करने के लिए POK भेजा जाए
आदित्य ठाकरे ने आरे जंगल की कटाई का किया विरोध (फाइल फोटो)

आदित्य ठाकरे (Aditya Thackeray) ने ट्वीट कर कहा कि मुंबई मेट्रो जिस तरह से आरे जंगल में पेड़ों की कटाई कर रहा है वह बहुत ही निंदनीय है, क्योंकि इनसे पर्यावरण (environment) को काफी नुकसान हो रहा है.

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मुंबई. शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के बेटे और युवा नेता आदित्य ठाकरे (Aditya Thackeray) ने मुंबई के आरे जंगल में पेड़ों की कटाई का विरोध कर रहे पर्यावरण कार्यकर्ताओं का समर्थन किया है. उन्होंने शनिवार को मुंबई मेट्रो (Mumbai Metro) के अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई. आदित्य ठाकरे ने ट्वीट कर कहा कि मुंबई मेट्रो जिस तरह से आरे जंगल में पेड़ों की कटाई कर रहा है वह बहुत ही निंदनीय है, क्योंकि इससे पर्यावरण को काफी नुकसान हो रहा है. ठाकरे ने आगे कहा कि ऐसे में इन मुंबई मेट्रो के अधिकारियों को पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (Pakistan Occupied Kashmir) में पोस्टिंग करना कैसा रहेगा. वहां पर उन्हें पेड़ों के काटने के बजाए आतंकी कैंपों को नष्ट करने की ड्यूटी दी जाए.

उन्होंने अगले ट्वीट में कहा कि शिवसेना के सदस्य धरनास्थल पर मौजूद हैं. ठाकरे ने साथ ही आम नागरिकों के समर्थन में कहा कि मुंबई के नागरिकों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया जा रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि आरे जंगल तेंदुए, बिल्ली और अन्य जानवरों के लिए घर था. इसलिए भारी पुलिस की सुरक्षा ने पेड़ों का काटना काफी निंदनीय है. इससे पहले आदित्य ठाकरे ने शुक्रवार को ट्वीट कर कहा था कि केंद्र सरकार के जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के अस्तित्व में आने का कोई मतलब नहीं है, जब मुंबई मेट्रो आरे के आसपास के क्षेत्र को नष्ट कर देता है. उन्होंने कहा कि मेट्रो 3 द्वारा लिया गया यह अहंकारी कदम है.



‘आरे जंगल’ संजय नेशनल पार्क का हिस्सा
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दरअसल, ‘आरे जंगल’ संजय नेशनल पार्क का हिस्सा है. यह जंगल पश्चिम उपनगर के बीचों-बीच है. इसलिए इसे मुंबई का ग्रीन लंग भी कहते हैं. इसकी 1000 एकड़ जमीन पर पहले ही अतिक्रमण और निर्माण कार्य हो चुका है और बाकी की 2200 एकड़ जमीन में से 90 एकड़ पर कुलाबा-बांद्रा-सीप्ज मेट्रो-3 के लिए कारशेड बनाया जाएगा. दावा किया जा रहा है कि यहां 3600 पेड़ हैं, लेकिन मेट्रो प्रोजेक्ट के चलते 2700 पेड़ों को काटा जा रहा है. ऐसे में पर्यावरण कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे मुंबई को बाढ़ से बचना चाहते हैं. उनकी माने तो मुम्बई को बाढ़ से सिर्फ जंगल ही बचा सकता है.

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First published: October 5, 2019, 10:17 AM IST
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