कोविड-19: अब मुंबई की बहुमंजिला इमारतें बनीं BMC के लिए चिंता का सबब
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कोविड-19: अब मुंबई की बहुमंजिला इमारतें बनीं BMC के लिए चिंता का सबब
हाउसिंग सोसायटी नियमों का ठीक ढंग से पालन नहीं कर रही हैं. (तस्वीर फ़र्स्टपोस्ट से साभार)

बीएमसी के आंकड़ों के मुताबिक मुंबई की सील की हुई बहुमंजिला इमारतों (High Rise Buildings) में तेजी से कोरोना के मामले बढ़े हैं. कहा जा रहा है कि हाउसिंग सोसायटी में नियमों का सही ढंग से पालन नहीं हो रहा है. नए मामलों ने BMC की चिंता बढ़ा दी है.

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  • Last Updated: June 22, 2020, 12:34 PM IST
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मुंबई. देश की आर्थिक राजधानी मुंबई (Mumbai) में अब बहुमंजिला इमारतें (High Rise Buildings) चिंता का नया सबब बन गई हैं. दरअसल दो महीने के अथक प्रयासों के बाद मुंबई के झग्गीबस्ती इलाके धारावी में कोरोना के नए मामलों में कमी आई है. लेकिन इसी बीच बहुमंजिला इमारतों में महामारी के नए मामले तेजी के साथ बढ़े हैं. बीएमसी के आंकड़ों के मुताबिक मुंबई की सील की हुई बहुमंजिला इमारतों में कोरोना के मामले बढ़े हैं. कहा जा रहा है कि हाउसिंग सोसायटी में नियमों का सही ढंग से पालन नहीं हो रहा है. नए मामलों ने BMC की चिंता बढ़ा दी है.

इन इलाकों में बढ़े केस
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मुंबई के कई इलाकों के बहुमंजिला रेजिडेंशियल कॉम्प्लेक्स में, इनमें D वार्ड (ग्रांट रोड) और T वार्ड (मुंलुंड) भी शामिल हैं, कोरोना के मामले बढ़े हैं. अनलॉक 1.0 की शुरुआत के बाद इन जगहों पर कोरोना के 379 मामले सामने आए हैं.

क्या कहती हैं बीएमसी की अधिकारी
फ़र्स्टपोस्ट में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक बीएमसी की डिप्टी एक्जिक्यूटिव हेल्थ ऑफिसर दक्षा शाह कहती हैं- 'बीएमसी ने इमारतों की सीलिंग को लेकर विस्तृत निर्देश जारी किए हुए हैं. हालांकि एक बार बिल्डिंग या फ्लोर सील कर दिए जाने के बाद जिम्मेदारी हाउसिंग सोसायटी की होती है. सोसायटी को ही खयाल रखना होता है कि कंटेनमेंट जोन से कोई बाहर न जाए या फिर अंदर न आए.'



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माना जा रहा है कि अब इन इमारतों में नए मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ ही बीएमसी नियमों के और कड़ाई से पालन पर ध्यान दे सकती है. गौरतलब है कि अब मुंबई में कोरोना के बढ़ते मामलों को रोकने के लिए नई रणनीति के साथ काम किया जा रहा है. तकरीबन 70 हजार कोरोना मामलों के साथ मुंबई भारत का सर्वाधिक प्रभावित शहर है.

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धारावी ने दी है राहत
इससे पहले झुग्गी बस्ती इलाके धारावी में नए मामलों की संख्या में कमी लाने में प्रशासन कामयाब रहा है. अप्रैल की शुरुआत में जब धारावी में कोरोना के नए मामलों की संख्या बढ़ी थी तो माना जा रहा था कि स्थिति भयावह हो सकती है. मूलभूत सुविधाओं की कमियों के साथ धारावी में बेहद सघन बस्ती है. सोशल डिस्टेंसिंग जैसे नियमों का पालन करवा पाना कठिन काम था. लेकिन प्रशासन की करीब दो महीने की मेहनत ने अब रंग दिखाना शुरू कर दिया है.
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