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प्रफुल्ल पटेल को हरा चुके नाना पटोले बोले- ब्रह्मा, विष्णु, महेश जैसी है 3 दलों की उद्धव सरकार

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Updated: January 13, 2020, 12:02 PM IST
प्रफुल्ल पटेल को हरा चुके नाना पटोले बोले- ब्रह्मा, विष्णु, महेश जैसी है 3 दलों की उद्धव सरकार
नाना पटोले को शुरू से ही तेज-तर्रार किसान नेता माना जाता रहा है. (फाइल फोटो)

महाराष्ट्र विधानसभा के अध्यक्ष (Maharashtra Assembly Speaker) नाना पटोले (Nana Patole) ने सरकार में असंतोष पर कहा कि सभी संतुष्‍ट नहीं किया जा सकता है.

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  • Last Updated: January 13, 2020, 12:02 PM IST
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शिरडी (अहमदनगर). एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल (Praful Patel) को हरा चुके महाराष्ट्र विधानसभा के अध्यक्ष नाना पटोले (Nana Patole) ने रविवार को कहा कि शिवसेना, कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की महाराष्ट्र विकास अघाड़ी सरकार 'ब्रह्मा, विष्णु, महेश’ की तरह है. उन्होंने कहा कि यह सरकार 288 सदस्यों वाली विधानसभा में 170 विधायकों के समर्थन से अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा करेगी. साल 2014 में वह कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए और एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल को हराकर राष्ट्रीय सुर्खियां बन गए. शिरडी में साईं बाबा मंदिर में दर्शन करने के बाद नाना पटोले ने रविवार को पत्रकारों से बातचीत की.

पत्रकारों ने उनसे राज्य मंत्रिपरिषद में शामिल न किए जाने को लेकर कई विधायकों में नाखुशी के बारे में सवाल पूछा तो उन्होंने कहा, 'एक परिवार में अगर चार बेटे हैं, तो कुछ खुश हो सकते हैं, कुछ नाखुश.’ मतलब यह है कि सबको खुश नहीं किया जा सकता.

तेज-तर्रार नेता माने जाते हैं पटोले
नाना पटोले महाराष्ट्र के विदर्भ में स्थित सकोली विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस एमएलए हैं. करीब 32 सालों से राजनीति कर रहे नाना पटोले का जन्म एक किसान परिवार में हुआ है. उन्हें शुरू से ही तेज-तर्रार नेता माना जाता रहा है. वे विदर्भ के कुनबी समुदाय का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो ओबीसी का एक समुदाय है. वह शुरू से ही किसानों के मुद्दों को उठाते रहे हैं.

भाजपा में शामिल होकर प्रफुल्ल पटेल को हराया था
नानाभाऊ पटोले बतौर कांग्रेसी महाराष्ट्र में विपक्ष के नेता भी रहे हैं. साल 2014 के लोकसभा चुनावों से ठीक पहले पटोले कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए और उन्हें इसका फायदा भी हुआ. वर्ष 2014 के आम चुनावों में उन्होंने नागपुर की भंडारा गोंदिया सीट से एनसीपी के बड़े कद के नेता प्रफुल्ल पटेल को करीब डेढ़ लाख वोटों से हरा दिया.

मतभेद के कारण छोड़ दी थी भाजपासाल 2014 में सांसद बनने के लगभग 4 साल बाद 2018 में नानाभाऊ पटोले ने मतभेद के कारण भाजपा से इस्तीफा दे दिया और फिर से कांग्रेस में शामिल हो गए. नाना पटोले ने कांग्रेस के टिकट पर 2019 में नितिन गडकरी के खिलाफ नागपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा लेकिन वे हार गए.

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First published: January 13, 2020, 10:43 AM IST
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