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विवादित बयानों से सुर्खियों में रहते हैं शरद पवार के राजनीतिक वारिस भतीजे अजित पवार

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Updated: October 12, 2019, 9:23 AM IST
विवादित बयानों से सुर्खियों में रहते हैं शरद पवार के राजनीतिक वारिस भतीजे अजित पवार
एनसीपी प्रमुख शरद पवार के राजनीतिक वारिस हैं अजित पवार. (फाइल फोटो)

अजित पवार (Ajit Pawar) महाराष्ट्र (Maharashtra) के नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (NCP) के कद्दावर नेता हैं. उन्हें महाराष्ट्र की सियासत में मराठा क्षत्रप शरद पवार (Sharad Pawar) का राजनीतिक वारिस माना जाता है. अजित शरद पवार के बड़े भाई अनंत राव पवार के बेटे हैं.

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  • Last Updated: October 12, 2019, 9:23 AM IST
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मुंबई. अजित पवार (Ajit Pawar) महाराष्ट्र (Maharashtra) के नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (NCP) के कद्दावर नेता हैं. उन्हें महाराष्ट्र की सियासत में मराठा क्षत्रप शरद पवार (Sharad Pawar) का राजनीतिक वारिस माना जाता है. अजित शरद पवार के बड़े भाई अनंत राव पवार के बेटे हैं. अजित पवार प्रदेश की राजनीति में इतना ज्यादा सक्रिय हैं कि वहां कई लोग उन्हें शरद पवार का असली वारिस भी मानते हैं. अजित पवार अपने चाचा शरद पवार की तरह राजनीति में मुकाम हासिल करना चाहते हैं लेकिन वे चाचा की तरह कई मुद्दों पर संतुलित बयान नहीं दे पाते हैं बल्कि अपने कई बयानों से वो अक्सर विवादों में रहते हैं.

शरद पवार के बड़े भाई अनंत राव के बेटे अजित पवार का जन्म 22 जुलाई 1959 को महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के देवलेली परवार गांव में हुआ था. अजित पवार के पिता अनंत राव हिंदी सिनेमा के प्रसिद्ध निर्माता-निर्देशक वी शांताराम के स्टूडियो में काम करते थे. लेकिन पिता के असामयिक निधन से अजित पवार की ज़िंदगी बदल गई.

सेकंड्री लेवल की पढ़ाई के बाद आगे की पढ़ाई के लिए वो मुंबई आ गए. मुंबई में उनके चाचा शरद पवार कांग्रेस पार्टी में बड़े नेताओं की श्रेणी में गिने जाते थे. चाचा शरद पवार के सियासी रसूख को देखकर अजित पवार भी राजनीति में आने का मन बन चुके थे और उन्हें चाचा की तरफ से पहला ब्रेक भी मिल गया. साल 1982 में अजित पवार मुंबई में बोर्ड ऑफ कॉपरेटिव शुगर फैक्ट्री में चुने गए और यहीं से अजित पवार के राजनीतिक करियर ने पहला कदम आगे बढ़ाया.

राजनीतिक जीवन

अजित पवार साल 1991 में पुणे डिस्ट्रिक्ट कॉपरेटिव बैंक के चेयरमैन के तौर पर चुने गए और इस पद पर वो लगातार 16 साल तक बने रहे. इस दरम्यान वो बारामती से सांसद भी चुने गए. अजित पवार 1995, 1999, 2004, 2009, 2014 में बारामती से विधायक बने और महाराष्ट्र सरकार में कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी भी संभाली. साल 2012 में अजित पवार उप-मुख्यमंत्री भी बने और साल 2014 तक इस पद पर बने रहे.

इससे पहले जलसंसाधन मंत्री,ग्रामीण विकास और कृषि मंत्री के तौर पर प्रदेश की राजनीति में अहम भूमिका का निर्वाह करते रहे. साल 1999 में विलास राव देशमुख की सरकार में अजित पवार पहली बार राज्य में कैबिनेट मंत्री बने जब नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के गठन के बाद पहली बार राज्य में एनसीपी और कांग्रेस पार्टी की संयुक्त सरकार बनी.

NCP Chief Sharad Pawar
एनसीपी प्रमुख और दिग्गज नेता शरद पवार (फाइल फोटो)

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कई दफा विवादों में घिरे अजित पवार
पिछले दिनों मुंबई पुलिस के आर्थिक अपराध शाखा ने हाईकोर्ट के आदेश पर अजित पवार सहित 70 लोगों के खिलाफ बैंक के 1000 करोड़ के गवन मामले में आरोपी बनाया गया है. इससे पहले चाचा शरद पवार के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट माने जाने वाले लवासा प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए जल संसाधन मंत्री रहते हुए पद और पोस्ट के बेजा इस्तेमाल का भी आरोप लगा.

आरोप है कि महाराष्ट्र कृष्णा वेली डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (MKVDC) ने साल 2002 में 141 हेक्टेयर जमीन लवासा को मार्केट रेट से कम दामों पर आवंटित किया था. साल 2013 में सूखे से जूझ रहे राज्य के मामले में उनके विवादित बयान प्रदेश ही नहीं बल्कि देश में चर्चा का विषय रहा था और इसको लेकर अजित पवार को माफी भी मांगनी पड़ी थी. किसी न किसी बहाने सुर्खियों में रहने वाले अजित पवार साल 2014 में तब विवादों में घिर गए थे जब शरद पवार की बेटी सुप्रिया सूले के लिए उन्होंने वोट मांगते हुए ये कह दिया था कि अगर सुप्रिया सुले को वोट नहीं दिया तो उनका पानी का सप्लाई बंद कर दिया जाएगा.

फिलहाल अजित पवार पर आर्थिक अपराध शाखा की तलवार लटक रही है वहीं वो आने वाले चुनाव में बीजेपी और शिवसेना का पटखनी देने के लिए कांग्रेस और एनसीपी के खेमे में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना को भी लाना चाहते हैं जिसको लेकर कांग्रेस की तरफ से ग्रीन सिग्नल का इंतजार है. ज़ाहिर है एनसीपी के प्रदेश स्तर पर युवराज कहे जाने वाले अजित पवार आने वाले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और एनसीपी गठबंधन के लिए कितने असरदार होंगे इस पर निगाहें सबकी बनी रहेगी.

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First published: October 12, 2019, 9:23 AM IST
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