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Maharashtra Politics: शरद पवार ने 50 साल बाद सुशील कुमार शिंदे को लेकर खोला बड़ा राज!

पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस नेता सुशील कुमार शिंदे 1972 में महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले की एक सीट से चुनाव लड़ें. लेकिन उनकी उम्मीदवारी तत्कालीन कद्दावर नेता बाबू जगजीवन राम  ने खारिज कर दी थी. (File Photo)

पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस नेता सुशील कुमार शिंदे 1972 में महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले की एक सीट से चुनाव लड़ें. लेकिन उनकी उम्मीदवारी तत्कालीन कद्दावर नेता बाबू जगजीवन राम ने खारिज कर दी थी. (File Photo)

Maharashtra Politics: पवार ने कहा क‍ि वसंतदा और मैं विधानसभा चुनाव के वास्ते उम्मीदवारों को अंतिम रूप देने बैठक में शाम ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

वरिष्ठ कांग्रेस नेता बाबू जगजीवन राम ने की थी श‍िंदे के नाम पर CWC बैठक में आपत्‍त‍ि
अपने करीबी तयप्पा सोनवाने के नाम का रखा था प्रस्ताव
श‍िंदे के नाम पर आपत्ति जता कर बोले थे-'नहीं चलेगा'

पुणे. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के नेता शरद पवार ने सोमवार कहा कि वह चाहते थे कि पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस नेता सुशील कुमार शिंदे (Sushil Kumar Shinde) 1972 में महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले की एक सीट से चुनाव लड़ें. लेकिन उनकी उम्मीदवारी तत्कालीन कद्दावर नेता बाबू जगजीवन राम (Babu Jagjivan Ram) ने खारिज कर दी थी.

अपने अभिनंदन कार्यक्रम में पवार ने पुरानी बातों को साझा करते हुए कहा कि उन्होंने ही शिंदे से राजनीति में उतरने को कहा था. उन्‍होंने उनके कहने पर ही नौकरी छोड़ी थी.

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पवार ने कहा क‍ि मैं दबाव डाल रहा था कि वह अपनी नौकरी छोड़ दें तथा राजनीति एवं सार्वजनिक जीवन में आ जाएं. लेकिन कुछ पारिवारिक बाध्यता के चलते वह थोड़ा हिचक रहे थे. मैंने उनसे कहा कि उनकी विशिष्टिता वंचित वर्गों के लिए काम करने और उनके अधिकारों की सुरक्षा करने की है. आखिरकार उन्होंने सरकारी नौकरी से इस्तीफा देने का फैसला किया.

उन्होंने कहा क‍ि विधानसभा चुनाव होने ही वाले थे और मैंने वसंतदा (पाटिल) समेत प्रदेश नेतृत्व को शिंदे को आरक्षित करमाला निर्वाचन क्षेत्र (Karmala Vidhan Sabha seat) से टिकट देने के लिए राजी किया.

एनसीपी चीफ ने कहा कि शिंदे के नाम पर प्रदेश स्तर पर आम सहमति बन गयी और उनका नाम कांग्रेस की केंद्रीय समिति के पास भेजा गया.

पवार ने कहा क‍ि वसंतदा और मैं विधानसभा चुनाव के वास्ते उम्मीदवारों को अंतिम रूप देने बैठक में शामिल होने दिल्ली गए. जब करमाला की बारी आयी तब मैंने शिंदे का नाम सामने रखा. (यशवंतराव) चव्हाण एवं अन्य वरिष्ठ नेताओं ने सकारात्मक रूप से सिर हिलाया. लेकिन वरिष्ठ कांग्रेस नेता बाबू जगजीवन राम ने आपत्ति की और कहा कि ‘नहीं चलेगा.’ उन्होंने तयप्पा सोनवाने के नाम का प्रस्ताव रखा क्योंकि वह उनके सहयोगी थे.

Tags: Congress, Maharashtra News, NCP chief, Sharad pawar

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