सूखे से जूझ रहे महाराष्ट्र को हाईवे का सहारा, तस्वीर बदल रहा गडकरी का ये प्लान

सूखे की समस्या की गंभीरता को समझते हुए केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने राज मार्ग विस्तार के साथ उनके आस-पास की सूखी नदियों और तालाबों को पुनर्जीवित करने का ऐलान किया है

अमिताभ सिन्हा | News18Hindi
Updated: July 11, 2019, 11:16 PM IST
सूखे से जूझ रहे महाराष्ट्र को हाईवे का सहारा, तस्वीर बदल रहा गडकरी का ये प्लान
महाराष्ट्र में सूखे की समस्या के समाधान के लिए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने एक नई पहल की है.
अमिताभ सिन्हा
अमिताभ सिन्हा | News18Hindi
Updated: July 11, 2019, 11:16 PM IST
महाराष्ट्र में कई जिले आज भी सूखे की भयंकर चपेट में हैं जिसके कारण गरीब किसानों को रोजमर्रा की जिंदगी में खासी समस्याओं का सामना करना पड़ता है. आलम ये है कि फसल बर्बादी और कर्जे में डूबे होने के कारण इन इलाकों में किसान आत्महत्या जैसा कदम तक उठा लेते हैं. इस समस्या की गंभीरता को समझते हुए केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने राज मार्ग विस्तार के साथ उनके आस-पास के सूखी नदियों और तालाबों को पुनर्जीवित करने का ऐलान किया है और इसके लिए गडकरी ने एक नई पहल भी की है.

नदियों और तालाबों से लिया जाएगा सड़क निर्माण का सामान


इस पहल के मुताबिक राज मार्ग के निर्माण के लिए जिन सामानों का उपयोग किया जाता है उसके लिए सड़क के आसपास के नदी, तालाबों की खुदाई और विस्तार को मंजूरी दे दी गई है. पहले सड़क निर्माण के लिए जो खनिज और सामान बाहर से लाया जाता था वह अब निर्माण क्षेत्र के पास मौजूद तालाब और नदी से ही लिया जाएगा. इस महत्वपूर्ण कदम से एक तो सड़क निर्माण कार्य के खर्च में बचत भी होगी और आस-पास के तालाब और नदियों को दोबारा जीवित किया जा सकेगा, ताकि इन सूखाग्रस्त इलाकों को सूखे से मुक्त किया जा सके.



इस काम की शुरुआत होगी महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले के खामगांव तहसील से. इस इलाके में सूखे के कारण किसानों के आत्महत्या करने के कई मामले देखने को मिले हैं. सूखाग्रस्त होने की वजह से, खामगांव के कई किसान आत्महत्या जैसे गंभीर कदम उठाने पर विवश हो जाते हैं. इसके कारण महाराष्ट्र के मान चित्र पर लाल निशान लगा है. गडकरी की इस घोषणा के बाद अब इस क्षेत्र के सभी तालाबों और नदियों को दोबारा जिन्दा किया जाएगा, जिससे राज मार्ग का निर्माण किया जाएगा. बता दें कि गडकरी के प्रयास से ही इस क्षेत्र में राजद मार्ग निर्माण के कार्य को अनुमति मिल चुकी है जिससे खामगांव विधानसभा में कई सकारात्मक बदलाव आने की उम्मीद की जा रही है.

बड़े प्रयास जारी
खामगांव विधानसभा क्षेत्र में राष्ट्रीय महामार्ग सुधार के 4 प्रकल्प प्रगति पर हैं. इन प्रकल्पों के निर्माण हेतु 27 तलाबों और 12 नदियों का उत्खनन किया गया है. कुल 3075000 घन मीटर खनिज निकाला गया है, जिससे इन जल स्त्रोतों की 3075 टीसीएम जल संचय करने की क्षमता बढ़ी हैं. इससे 52 गावों और 38 वाटर सप्लाई योजना को लाभ हुआ है. वहीं अब तक 15000 कुएं दोबारा पानी से भर गए हैं.
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इससे पहले इस इलाके के जल स्त्रोतों की संचय क्षमता कम होने के कारण बारिश होने के बाद भी नदी, तालाबों, और बांधों से पानी पुणा नदी में बह जाता था, लेकिन इसबार इन जल स्त्रोतों पर बांध बनाने और उत्खनन के कारण उनकी गहराई बढ़ने से पहाड़ों से बहने वाला पानी यहीं रोका गया. परिणाम ये कि खामगांव विधानसभा क्षेत्र के नदी, तालाब, बांधों में पानी मौजूद है. इस क्षेत्र के लोगो का मानना है कि 30 साल बाद इन सभी नदियों में इतना पानी भरा हुआ देखा है. अब ये पहल सफल होती है तो महाराष्ट्र के बाकी इलाकों में भी इसे धीरे-धीरे लागू किए जाने के संकेत हैं जिससे बाकी इलाकों को आने वाले वक्त में सूखे की मार नहीं झेलनी पड़े.
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