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Maharashtra: हॉर्स ट्रेडिंग की डर से होटल में रखे जा रहे MLA, लेकिन खुला घुम रहा 52 हजार की संपत्ति वाला यह विधायक

News18Hindi
Updated: November 26, 2019, 1:30 PM IST
Maharashtra: हॉर्स ट्रेडिंग की डर से होटल में रखे जा रहे MLA, लेकिन खुला घुम रहा 52 हजार की संपत्ति वाला यह विधायक
महाराष्ट्र के एकमात्र वामदल विधायक विनोद निकोले एक समय बड़ा पाव बेचा करते थे.

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सिटिंग विधायक पास्कल धनारे को 4,742 मतों से हराने वाले सीपीएम (CPM) के विनोद निकोले (Vinod Nikole) राज्य के एकमात्र वामदल के विधायक हैं. इसके साथ ही वे महाराष्ट्र के 288 विधायकों में सबसे गरीब भी हैं.

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  • Last Updated: November 26, 2019, 1:30 PM IST
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पालघर. महाराष्ट्र (Maharashtra) में राजनीतिक दल अपने विधायकों को खरीद फरोख्त की डर से होटल और रिसॉर्ट में रखे हुए हैं. वहीं राज्य में एक ऐसे विधायक हैं, जिनकी कुल संपत्ति 52,082 रुपए हैं लेकिन वे खुलेआम घुम रहे हैं. उन्हें खरीद फरोख्त का कोई डर नहीं है. वे अपने क्षेत्र की जनता की समस्याओं को सुन रहे हैं. भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सिटिंग विधायक पास्कल धनारे को 4,742 मतों से हराने वाले सीपीएम (CPM) के विनोद निकोले (Vinod Nikole) राज्य के एकमात्र वामदल के विधायक हैं. इसके साथ ही वे महाराष्ट्र के 288 विधायकों में सबसे गरीब भी हैं.

43 वर्षीय निकोले कभी पालघर जिले के डहाणू (Dahanu) इलाके में बड़ा पाव बेचा करते थे. वे सीपीएम के पिछले 15 सालों से पूर्णकालिक सदस्य हैं. इसके साथ ही वे ठाणे और पालघर जिले के सिटू के सचिव भी हैं. पिछले साल महाराष्ट्र में हुए किसानों का मार्च तो आपको याद ही होगा. नाशिक से शुरू होकर मुंबई तक पहुंचे किसानों के 200 किलोमीटर के इस पैदल मार्च में विनोद निकोले भी शामिल थे. यह मार्च किसानों के मुद्दे को लेकर आयोजित किया गया था.

1978 से 9 बार इस सीट पर वामदल का कब्जा
विनोद निकोले पालघर जिले की दहाणू विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए हैं. अनुसूचित जनजाति (SC) के लिए सुरक्षित इस सीट पर 1978 से 9 बार सीपीएम ने जीत दर्ज की है. इसबीच मात्र 2014 में ही यह सीट वामदल के हाथ से निकली थी. लेकिन 2019 के चुनाव में एक बार फिर से सीपीएम ने इस सीट पर जीत हासिल कर ली.

क्षेत्र की जनता पहले, राजनीति बाद में
ऐसा नहीं है कि विनोद निकोले राज्य में चल रही राजनीतिक हलचल से अंजान हैं लेकिन उनके लिए क्षेत्र की जनता की समस्याएं पहले हैं और राजनीति बाद में. आदिवासी बहुसंख्यक इस क्षेत्र की समस्याओं से वे बखूबी वाकिफ हैं. क्षेत्र में मेडिकल सुविधाओं से लेकर इंफ्रास्ट्रक्चर की भारी दिक्कत है. इन सबके के बीच विनोद निकोले फॉरेस्ट राइट एक्ट को लागू करने के लिए भी लगातार प्रयास कर रहे हैं.

शनिवार को हुआ था सरकार का गठन
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अक्टूबर में हुए महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में बीजेपी-शिवसेना गठबंधन को पूर्ण बहुमत मिला था. लेकिन सत्ता में बराबर की भागीदारी और ढाई साल के लिए शिवसेना की सीएम पद की मांग के कारण दोनों दलों में सहमति नहीं बन पाई. किसी भी दल द्वारा सरकार नहीं बना पाने के बाद राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू हो गया. इन सबके बीच शिवसेना ने सरकार बनाने के लिए एनसीपी और कांग्रेस से संपर्क किया. तीनों दलों की बातचीत अंतिम दौर में पहुंच चुकी थी. तभी एक अप्रत्याशित घटनाक्रम में राज्यपाल ने बीते शनिवार को सुबह-सुबह देवेंद्र फडणवीस को सीएम और अजित पवार को डिप्टी सीएम पद की शपथ दिला दी.

होटल नहीं, अपने क्षेत्र में मौजूद हैं विनोद निकोले
राज्यपाल के इस फैसले के बाद शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया. सुप्रीम कोर्ट ने दो दिन की सुनवाई के बाद बुधवार को फडणवीस सरकार से बहुमत साबित करने के लिए कहा है. इस पूरे राजनीतिक उठापटक के बीच कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना अपने विधायकों को हॉर्स ट्रेडिंग की डर से होटल और रिसॉर्ट में रख रहे हैं. एक दो दिन बाद इन्हें एक से दूसरे होटल शिफ्ट किया जा रहा है. वहीं सीपीएम विधायक विनोद निकोले इन सबसे बेखबर अपने क्षेत्र में लोगों के बीच मौजूद हैं.

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First published: November 26, 2019, 1:30 PM IST
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