लाइव टीवी

पायल तड़वी केस: तीनों आरोपियों को नहीं मिली पढ़ाई पूरी करने की अनुमति, HC ने खारिज की याचिका
Mumbai News in Hindi

भाषा
Updated: February 21, 2020, 11:36 PM IST
पायल तड़वी केस: तीनों आरोपियों को नहीं मिली पढ़ाई पूरी करने की अनुमति, HC ने खारिज की याचिका
पायल तड़वी मामला: आरोपियों को परा स्नातक की पढा़ई पूरी करने की नहीं मिली अनुमति

Payal Tadvi case: न्यायमूर्ति साधना जाधव ने कहा कि तीनों डॉक्टर हेमा आहूजा, भक्ति मेहर और अंकिता खंडेलवाल स्नातक हैं और वे मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद परा स्नातक की पढ़ाई कर सकती हैं.

  • भाषा
  • Last Updated: February 21, 2020, 11:36 PM IST
  • Share this:
मुंबई. बंबई उच्च न्यायालय (Bombay High Court) ने पायल तड़वी आत्महत्या मामले (Payal Tadvi case) में आरोपी तीन महिला डॉक्टरों को यहां बीवाईएल नायर अस्पताल से परा स्नातक की पढ़ाई पूरी करने की अनुमति देने से शुक्रवार को इनकार कर दिया. तीनों महिलाओं पर तड़वी को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है.

कोर्ट ने कहा- सुनवाई पूरी होने के बाद कर सकती हैं पढ़ाई
न्यायमूर्ति साधना जाधव ने कहा कि तीनों डॉक्टर हेमा आहूजा, भक्ति मेहर और अंकिता खंडेलवाल स्नातक हैं और वे मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद परा स्नातक की पढ़ाई कर सकती हैं. उच्च न्यायालय ने विशेष अदालत को दस महीने के भीतर सुनवाई पूरी करने का भी निर्देश दिया.

कोर्ट ने तीनों डॉक्‍टरों को जमानत देते हुए दिए ये निर्देश



उच्च न्यायालय ने अगस्त 2019 में, तीनों डॉक्टरों को जमानत देते हुए उन्हें नगर निकाय द्वारा संचालित बीवाईएल नायर अस्पताल में प्रवेश नहीं करने का निर्देश दिया था और सुनवाई पूरी होने तक उनके मेडिकल लाइसेंस को भी निलंबित कर दिया था. बीवाईएल नायर अस्पताल से जुड़ी द्वितीय वर्ष की मेडिकल छात्रा पायल तड़वी ने 22 मई, 2019 को अस्पताल परिसर में अपने छात्रावास के कमरे के भीतर आत्महत्या कर ली थी.



तडवी ने अपने सुसाइड नोट में तीन वरिष्ठ महिला डॉक्टरों को उनकी हालत के लिए और उन्हें परेशान करने के लिए जिम्मेदार ठहराया था.

आरोपियों पर है आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप
डॉक्टर पायल को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप उन्हीं के साथ काम करने वाली तीन महिला डॉक्टर हेमा आहूजा, भक्ति मेहरे और अंकिता खंडेलवाल पर लगा है. तीनों को पुलिस ने गिरफ्तार कर डॉ. पायल तड़वी को खुदकुशी के लिए उकसाने के आरोप में कोर्ट में पेश किया था. 4 जून 2019 को मुंबई की स्पेशल कोर्ट ने आरोपी तीनों डॉक्टरों को 10 जून तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया था.

कई धाराओं में दर्ज हुआ मामला
पुलिस ने इस मामले में डॉक्टर मेहरे, डॉ आहुजा और खंडेलवाल को गिरफ्तार किया गया था. इसके बाद इन सभी के खिलाफ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार रोकथाम) कानून, रैगिंग रोधी कानून, सूचना प्रौद्योगिकी कानून और भारतीय दंड संहिता की धारा 306 (आत्महत्या के लिये उकसाने) के तहत मामला दर्ज किया है.

बता दें कि आरोपी डॉक्टर भक्ति मेहरे, डॉक्टर हेमा आहूजा और डॉक्टर अंकिता खंडेलवाल ने जूनियर डॉक्टर पायल तड़वी को अनूसूचित जनजाति से होने की वजह से ताने मारे थे. इसके बाद 22 मई को वे अपने हॉस्टल के कमरे में मृत पाईं गई थी. प्रथम दृष्टया माना जा रहा है कि पायल ने आत्महत्या की है. लेकिन पोस्टमार्टम की रिपोर्ट में उनके गले पर चोट के निशान भी पाए गए थे.

ये भी पढ़ें: गुलशन कुमार पर बंदूक तानकर बोला था हत्यारा- बहुत हुई पूजा, अब ऊपर जाकर करना!

ये भी पढ़ें: 14 करोड़ की सरकारी मदद से पैदा हुए सिर्फ 233 बच्चे

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए Mumbai से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: February 21, 2020, 11:36 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
corona virus btn
corona virus btn
Loading