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बिल से नागरिकता पाने वाले लोगों को 25 साल तक न मिले मताधिकार: शिवसेना सांसद

News18Hindi
Updated: December 9, 2019, 10:24 PM IST
बिल से नागरिकता पाने वाले लोगों को 25 साल तक न मिले मताधिकार: शिवसेना सांसद
शिवसेना सांसद विनायक राउत ने कहा कि, पाकिस्तान और बांग्लादेश के धार्मिक अल्पसंख्यकों को देश में सम्मान दिया जाए, लेकिन इसमें श्रीलंका में प्रताड़ित होने वाले तमिलों को भी शामिल किया जाए. (फाइल फोटो)

शिवसेना (Shiv Sena) सांसद विनायक राउत (Vinayak Raut) ने दावा किया कि पश्चिमी देशों के डर के चलते ईसाई समुदाय को इस विधेयक के दायरे में लाया गया है.

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  • Last Updated: December 9, 2019, 10:24 PM IST
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मुंबई. शिवसेना ने नागरिकता संशोधन विधेयक (Citizenship Amendment Bill) पर सरकार से कई बिन्दुओं पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग करते हुए सोमवार को लोकसभा में कहा कि जिन लोगों को इस विधेयक के अमल में आने पर नागरिकता मिलने वाली है, उन्हें 25 साल तक मताधिकार नहीं दिया जाए. ‘नागरिकता (संशोधन) विधेयक 2019’ पर चर्चा में भाग लेते हुए शिवसेना सांसद विनायक राउत (Vinayak Raut) ने कहा कि उनकी पार्टी इस पक्ष में है कि पाकिस्तान और बांग्लादेश के धार्मिक अल्पसंख्यकों को यहां सम्मान दिया जाए, लेकिन इसमें श्रीलंका में पीड़ा झेलने वाले तमिलों को भी शामिल किया जाए. उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिमी देशों के डर के चलते ईसाई समुदाय को इस बिल के दायरे में लाया गया है.

पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से कितने लोग भारत में आए?
विनायक राउत ने कहा कि गृहमंत्री ने यह स्पष्ट नहीं किया कि पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से कितने लोग भारत में आए और इस विधेयक के पारित होने के बाद कितने लोगों को नागरिकता दी जाएगी. राउत ने कहा कि देश बहुत मुश्किलों का सामना कर रहा है और ऐसे में इन लोगों को नागरिकता देने से देश पर कितना बोझ पड़ेगा.

अनुच्छेद 370 हटने के बाद कितने कश्मीरी पंडितों को वहां बसाया गया?

शिवसेना सांसद ने कहा कि अगर विषय पर कुछ राजनीति नहीं हो रही है तो जिन लोगों को नागरिकता दी जाएगी उन्हें 25 साल तक मताधिकार नहीं मिलना चाहिए. शिवसेना नेता ने यह भी पूछा कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद कितने कश्मीरी पंडितों को वहां बसाया गया है. विनायक राउत ने दावा किया कि पश्चिमी देशों के डर के चलते ईसाई समुदाय को इस विधेयक के दायरे में लाया गया है.

अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर नाकाम सरकार उठा रही है विभाजनकारी कदम
द्रमुक नेता दयानिधि मारन ने आरोप लगाया कि इस सरकार का हर कदम एक समुदाय के खिलाफ है और इस समुदाय के बीच डर का माहौल है. मारन ने कहा कि अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर नाकाम होने के बाद सरकार इस तरह के ‘विभाजनकारी’ कदम उठा रही है. तृणमूल कांग्रेस के अभिषेक बनर्जी ने कहा कि यह सरकार स्वामी विवेकानंद, सरदार पटेल और दूसरे महापुरुषों के सिद्धांतों एवं विचारों के खिलाफ कदम उठा रही है.पाकिस्तानी बोहरा, अहमदिया तथा श्रीलंकाई तमिलों को भी बिल के दायरे में लाया जाए
दयानिधि मारन ने एनआरसी और नागरिकता विधेयक दोनों की आलोचना की. बनर्जी ने कहा कि बंगालियों के खिलाफ किसी भी कदम को स्वीकार नहीं किया जाएगा. वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के मिथुन रेड्डी ने कहा कि पाकिस्तान के बोहरा और अहमदिया समुदायों तथा श्रीलंका के तमिलों को भी इस विधेयक के दायरे में लाया जाए.

भाषा के इनपुट के साथ 

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First published: December 9, 2019, 10:06 PM IST
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