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फर्जी दस्तावेजों के जरिए नेपाली नागरिकों के आधार कार्ड बनाने वाले रैकेट का भंडाफोड़

फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले रैकेट का भंडाफोड़ (प्रतीकात्मक तस्वीर)
फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले रैकेट का भंडाफोड़ (प्रतीकात्मक तस्वीर)

पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि उन्होंने फर्जी तरीके से 10 ऐसे नेपाली नागरिकों का आधार कार्ड बनाया है, जिनके पास एक भी दस्तावेज नहीं थे. इसके लिए उन्होंने पहले फर्जी स्कूल लिविंग सर्टिफिकेट, मार्कशीट सहित तमाम फर्जी दस्तावेज बनवाए और उसी के जरिए फिर नेपाली नागरिकों के फर्जी आधार कार्ड बनवाए.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 10, 2021, 6:34 PM IST
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मुंबई. मुंबई क्राइम ब्रांच (Mumbai Crime Branch) ने छापा मारकर एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो फर्जी दस्तावेजों के आधार नेपाल (Nepal) से भारत आए नेपाली नागरिकों का हिंदुस्तानी आधार कार्ड (Indian Aadhar Card) बनाते थे. इस मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच ने 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिसमें से 10 नेपाल के नागरिक हैं, जिनके आधार कार्ड फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बनाए गए, जबकि दो अन्य आधार कार्ड बनाने वाले लोगों को भी पकड़ा गया है.

दरअसल मुंबई क्राइम ब्रांच की यूनिट 11 को अपने सूत्रों से यह जानकारी मिली कि बोरीवली पश्चिम इलाके के चामुंडा सर्कल पर स्थित केनरा बैंक में फर्जी दस्तावेजों के जरिए आधार कार्ड बनाए जा रहे हैं. इस जानकारी के मिलते ही क्राइम ब्रांच की टीम ने छापा मारा और आधार कार्ड काउंटर पर बैठे दो आरोपियों विनोद चव्हाण और उमेश अरविंद चौधरी को गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तार आरोपियों ने पहले तो क्राइम ब्रांच की टीम को यहां-वहां घुमाया, लेकिन जब कड़ाई से पूछताछ हुई तो आधार कार्ड गोरखधंधे का खुलासा कर दिया. मुंबई क्राइम ब्रांच के डीसीपी अकबर पठान ने बताया कि जानकारी मिलते ही टीम ने छापा मारा और दो आरोपियों को पहले और उनसे पूछताछ के बाद 10 नेपाली नागरिकों को गिरफ्तार किया, जिनके फर्जी आधार कार्ड बनाए गए थे.

आरोपियों ने पूछताछ में किया खुलासा
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि उन्होंने फर्जी तरीके से 10 ऐसे नेपाली नागरिकों का आधार कार्ड बनाया है, जिनके पास एक भी दस्तावेज नहीं थे. इसके लिए उन्होंने पहले फर्जी स्कूल लिविंग सर्टिफिकेट, मार्कशीट सहित तमाम फर्जी दस्तावेज बनवाए और उसी के जरिए फिर नेपाली नागरिकों के फर्जी आधार कार्ड बनवाए. इसके एवज में वह इन नेपाली नागरिकों से 3500-8000 रुपए लेते थे. क्राइम ब्रांच के डीसीपी अकबर पठान के मुताबिक जो आरोपी फर्जी आधार कार्ड बनाते थे, उनका रिक्रूटमेंट FIA Technologies के जरिए हुआ था और उन्होंने व्हॉट्सअप पर एक वायरल मैसेज के जरिए इसके लिए अप्लाई किया था. इस मामले में जब UIDAI से क्राइम ब्रांच ने संपर्क किया तो उन्होंने केनरा बैंक के रजिस्ट्रार को आधार कार्ड बनाने का सेंटर दिया था.



इस मामले में क्राइम ब्रांच के रडार पर केनरा बैंक के तमाम कर्मचारी हैं, क्योंकि गिरफ्तार आरोपियों के साथ उनकी मिलीभगत होने का शक क्राइम ब्रांच को है. इतना ही नहीं, गिरफ्तार आरोपियों ने और कितने नेपालियों का आधार कार्ड फर्जी दस्तावेजों के जरिए बनाया है, इसकी भी जांच की जा रही है.
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