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महाराष्ट्र में सियासी हलचल बढ़ी, मनोहर जोशी बोले- फिर साथ आ सकते हैं शिवसेना-भाजपा

भाषा
Updated: December 10, 2019, 9:08 PM IST
महाराष्ट्र में सियासी हलचल बढ़ी, मनोहर जोशी बोले- फिर साथ आ सकते हैं शिवसेना-भाजपा
शिवसेना के दिग्गज नेता मनोहर जोशी ने कहा कि, भाजपा और शिवसेना फिर साथ आ सकते हैं.

महाराष्ट्र की राजनीति के लिहाज से मनोहर जोशी (Manohar Joshi) का बयान बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है. जोशी ने पत्रकारों से कहा कि शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) इस मुद्दे पर उचित समय पर निर्णय लेंगे.

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मुंबई. शिवसेना (Shiv Sena) के दिग्गज नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर जोशी (Manohar Joshi) ने एक अहम बयान देकर महाराष्ट्र में राजनीति सरगर्मी बढ़ा दी है. उन्होंने भविष्य में शिवसेना और भाजपा के साथ आने की संभावना जताई है. मंगलवार को कहा कि उनकी पार्टी और भाजपा निकट भविष्य में फिर साथ आ सकते हैं. महाराष्ट्र की राजनीति के लिहाज से उनका बयान बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है. जोशी ने पत्रकारों से कहा कि शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे इस मुद्दे पर उचित समय पर निर्णय लेंगे.

लड़ने की जगह बेहतर है कि कुछ बातों को बर्दाश्त किया जाए
मनोहर जोशी ने कहा, ‘छोटे मुद्दों पर लड़ने की जगह बेहतर है कि कुछ बातों को बर्दाश्त किया जाए. जिन मुद्दों को आप दृढ़ता के साथ महसूस करते हैं, उसे साझा करना अच्छा है. अगर दोनों दल साथ में काम करते हैं तो यह दोनों के लिए बेहतर होगा.’

सीएम पद पर विवाद के कारण अलग हो गए थे दोनों दल
मनोहर जोशी ने कहा, ‘ऐसा नहीं है कि शिवसेना अब कभी भी भाजपा के साथ नहीं जाएगी. उद्धव ठाकरे सही समय पर सही निर्णय लेंगे.’ वरिष्ठ शिवसेना नेता का यह बयान ऐसे समय पर आया है, जब दोनों दलों के बीच हाल में मुख्यमंत्री पद को लेकर सहमति नहीं बन पाने के चलते अलगाव हो गया था. इसके बाद शिवसेना, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) और कांग्रेस ने मिलकर महाराष्ट्र में सरकार बनाई.

सवालों के जवाब मिलने के बाद ही राज्यसभा में बिल का समर्थन करेंगे: उद्धव ठाकरे
शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मंगलवार को कहा कि शिवसेना राज्यसभा में तब तक नागरिकता (संशोधन) विधेयक का समर्थन नहीं करेगी, जब तक कि पार्टी द्वारा लोकसभा में उठाए गए सवालों का जवाब नहीं मिल जाता. शिवसेना ने सोमवार को निचले सदन में इस विधेयक का समर्थन किया था.

लोकसभा में सोमवार को पारित हो गया नागरिकता संशोधन विधेयक 
सोमवार को लोकसभा ने इस विधेयक को पारित कर दिया. इसमें अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से धार्मिक प्रताड़ना के कारण 31 दिसंबर 2014 तक भारत आए गैर मुस्लिम शरणार्थियों यानी हिन्दू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों के लोगों को भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन करने का पात्र बनाने का प्रावधान है.

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First published: December 10, 2019, 9:06 PM IST
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