रैकेट का भंडाफोड़: आरक्षित टिकट के लिए यात्रियों को बना देते थे कैंसर मरीज

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रेलवे में कैंसर के मरीजों के लिए एक खास कोटा होता है. कैंसर पीड़ितों को सस्ते दरों पर कन्फर्म टिकट दिया जाता है.

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पश्चिम रेलवे के सतर्कता विभाग ने एक ऐसे रैकेट का भंडाफोड़ किया है, जो मुफ्त में या रियायती दरों पर आरक्षित टिकट दिलाने के लिए यात्रियों को कैंसर का मरीज़ बना देता था. बता दें, रेलवे कैंसर पेशेंट्स को रियायती दरों पर कन्फर्म टिकट देता है. रैकेट से जुड़े लोग इसका नाजायज़ फायदा उठाने के लिए देश के कुछ जाने-माने कैंसर रोग विशेषज्ञों के नाम का इस्तेमाल करते थे. इस मामले में रेलवे विजिलेंस विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मध्य प्रदेश के जबलपुर में एक शख्स को गिरफ्तार किया है.

वेस्टर्न रेलवे के सीपीआरओ रवींद्र भाकर ने बताया कि रेलवे में कैंसर के मरीजों के लिए एक खास कोटा होता है. कैंसर पीड़ितों को सस्ते दरों पर कन्फर्म टिकट दिया जाता है. इस गिरोह ने इसी सहूलियत का नाजायज़ फायदा उठाकर कई यात्रियों को कैंसर का मरीज़ बता दिया.

हिरासत में लिए गए शख्स से मिला टिकट




दरअसल बीते दिनों पश्चिम रेलवे को ऐसे एक गिरोह के मुंबई में सक्रिय होने की खुफिया जानकारी मिली थी. जिस पर काम करते हुए रेलवे ने ऐसी टिकटों पर सफ़र कर रहे यात्रियों पर छापेमारी की थी. ऐसी ही एक छापेमारी के दौरान मुंबई से चलकर वाराणसी जाने वाली महानगरी एक्सप्रेस के सेेकेंड AC कोच से एक शख़्स को हिरासत में लिया गया. 42 साल के इस शख़्स को कोई बीमारी न रहते हुए भी वह कैंसर के मरीजों के लिए आरक्षित कोटे पर सफ़र कर रहा था. विजिलेंस टीम ने उसे यात्रा के दौरान जबलपुर के पास ही हिरासत में ले लिया.
कैंसर रोग विशेषज्ञ की तरफ से जारी प्रमाणपत्र


सीपीआरओ रवींद्र भाकर ने बताया कि भारतीय रेल कैंसर के मरीजों के लिए 3rd AC और स्लीपर कोच के बेसिक किराए में 100% छूट देती है. वहीं फर्स्ट क्लास और सेकेंड AC कोच में सफर पर भी बेसिक किराए में 50% की छूट दी जाती है. और तो और इन मरीजों के साथ सफर कर रहे एक व्यक्ति को भी उसके किराए में 75% की रियायत मिल जाती है.

इन टिकटों को हासिल करने के लिए बस किसी कैंसर रोग विशेषज्ञ की तरफ से जारी एक प्रमाणपत्र की ज़रूरत होती है. जिसके लिए ये गिरोह मुंबई के जाने-माने ओंकोलॉजिस्ट्स के फर्जी सर्टिफिकेट्स का इस्तेमाल करता था. मामले में सामने आए एक नाम डॉ. एमबी अग्रवाल से जब न्यूज़ 18 इंडिया ने बात करने की कोशिश की तो उन्होंने साफ इनकार करते हुए फोन काट दिया.

कैंसर रोग विशेषज्ञ की तरफ से जारी एक प्रमाणपत्र


पश्चिम रेलवे ने ऐसे 80 फॉर्म्स की शिनाख्त कर ली है, जिनमें यात्रियों को फर्जी तौर पर कैंसर का मरीज़ बताया गया है. रेलवे इन सभी यात्रियों से पूछताछ में लगा है. सूत्रों की माने तो आने वाले दिनों में इस मामले में और भी चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं. फिलहाल विजिलेंस विभाग जल्द ही इस मामले में मुंबई जीआरपी में एफआईआर दर्ज करा सकता है और फिर जीआरपी इस मामले में जांच आगे बढ़ाएगी.

(मुंबई से दिवाकर सिंह की रिपोर्ट)

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