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संजय राउत ने कांग्रेस-NCP के साथ सरकार बनाने की कोशिशों को बताया ‘अग्निपथ’

भाषा
Updated: November 13, 2019, 4:40 PM IST
संजय राउत ने कांग्रेस-NCP के साथ सरकार बनाने की कोशिशों को बताया ‘अग्निपथ’
संजय राउत महाराष्‍ट्र में सरकार बनाने को लेकर ट्वीट किया है. (फाइल फोटो)

महाराष्ट्र (Maharashtra) में राजनीतिक गतिरोध के बीच मंगलवार शाम राष्ट्रपति शासन (President's Rule) लागू हो गया. राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी (Governor Bhagat Singh Koshyari) ने केन्द्र को भेजी गयी अपनी रिपोर्ट में कहा था कि मौजूदा हालात में राज्य में स्थिर सरकार के गठन के तमाम प्रयासों के बावजूद यह असंभव प्रतीत होता है.

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मुंबई. शिवसेना (Shiv Sena) के राज्यसभा सांसद और प्रवक्ता संजय राउत (Sanjay Raut) बीमार होने के बाद ट्वीटर पर राजनीतिक रूप से सक्रिय हैं. उन्होंने बुधवार को शिवसेना, एनसीपी (NCP) और कांग्रेस (Congress) द्वारा सरकार बनाने की कोशिशों पर तीन बार ‘अग्निपथ’ (Agneepath) शब्द ट्वीट किया. राउत ने मंगलवार को कवि हरिवंश राय बच्चन की कविता की पंक्तियों के हवाले से कामयाब होने और हार न मानने के अपनी पार्टी के संकल्प को दोहराया था. बहरहाल, उन्होंने बुधवार को ट्वीट किया, 'अग्निपथ, अग्निपथ, अग्निपथ'. दरअसल, ‘अग्निपथ’ प्रख्यात कवि हरिवंश राय बच्चन की मशहूर कविता है. 1990 के दशक में 'अग्निपथ' नाम से फिल्‍म भी आ चुकी है.

राज्यसभा सदस्य और शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत (57) महाराष्ट्र में मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर यहां अस्पताल से ट्वीट कर रहे हैं. उनकी सोमवार को एंजियोप्लास्टी हुई थी. सरकार गठन की कोशिशों के तौर पर हिंदुत्व विचारधारा का समर्थन करने वाली शिवसेना, कांग्रेस तथा राकांपा के साथ सरकार बनाने का प्रयास कर रही है. पिछले महीने हुए विधानसभा चुनावों में उसने इन पार्टियों के खिलाफ चुनाव लड़ा था.

राष्ट्रपति शासन लागू हो गया
महाराष्ट्र में राजनीतिक गतिरोध के बीच मंगलवार शाम राष्ट्रपति शासन लागू हो गया. राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने केन्द्र को भेजी गयी अपनी रिपोर्ट में कहा था कि मौजूदा हालात में राज्य में स्थिर सरकार के गठन के तमाम प्रयासों के बावजूद यह असंभव प्रतीत होता है. गौरतलब है कि 288 सदस्यीय महाराष्ट्र विधानसभा में भाजपा 105 सीटों के साथ सबसे बड़े दल के तौर पर उभरी लेकिन 145 के बहुमत के आंकड़े से दूर रह गई. भाजपा के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ने वाली शिवसेना को 56 सीटें मिलीं. वहीं राकांपा ने 54 और कांग्रेस ने 44 सीटों पर जीत दर्ज की. सत्ता में साझेदारी को लेकर भाजपा-शिवसेना में मनमुटाव होने के बाद गठबंधन सहयोगी अलग हो गए और शिवसेना ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) का साथ छोड़ दिया.

सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी
विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी भाजपा ने बहुमत नहीं होने का हवाला देते हुए सोमवार को सरकार बनाने का दावा पेश करने से इंकार कर दियाथा. उसके बाद राज्यपाल ने दूसरी सबसे बड़ी पार्टी शिवसेना को दावा पेश करने का न्योता दिया. शिवसेना ने हालांकि राज्यपाल से मिलकर दावा किया कि उसे कांग्रेस और राकांपा का सैद्धांतिक समर्थन मिल चुका है, लेकिन वह दोनों दलों का समर्थन पत्र पेश करने में नाकाम रही. शिवसेना ने राज्यपाल से ऐसा करने के लिए तीन दिन का वक्त मांगा लेकिन उसका अनुरोध स्वीकार नहीं किया गया.

रात साढ़े आठ बजे तक का समय दिया था
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इसके बाद राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने तीसरी सबसे बड़ी पार्टी राकांपा को सरकार बनाने का दावा पेश करने का न्योता दिया. उन्होंने राकांपा को मंगलवार रात साढ़े आठ बजे तक का समय दिया था. राज्यपाल ने केन्द्र को भेजी अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि मंगलवार सुबह राकांपा ने उन्हें संदेश भेजा कि पार्टी को उचित समर्थन जुटाने के लिए और तीन दिन का वक्त चाहिए.

सत्ता में साझेदारी को लेकर नाराज शिवसेना ने भाजपा के बिना राकांपा-कांग्रेस के समर्थन से सरकार बनाने का प्रयास किया. लेकिन ऐसा नहीं होने पर पार्टी मंगलवार को उच्चतम न्यायालय पहुंच गयी. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाने की मंगलवार को सिफारिश की, जबकि राकांपा, कांग्रेस और शिवसेना के शीर्ष नेता संख्या बल जुटाने और राज्य में सरकार गठन को लेकर जारी गतिरोध को सुलझाने के लिए कई दौर की चर्चाएं करते रहे.

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First published: November 13, 2019, 12:13 PM IST
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