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शिवसेना ने की नेहरू और कांग्रेस की तारीफ, बोली- विपक्ष न होने से राजनीति हो जाती है मनमानी
Mumbai News in Hindi

भाषा
Updated: September 16, 2019, 8:08 AM IST
शिवसेना ने की नेहरू और कांग्रेस की तारीफ, बोली- विपक्ष न होने से राजनीति हो जाती है मनमानी
शिवसेना नेता संजय राउत ने प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और कांग्रेस की सराहना की है. (फाइल फोटो)

शिवसेना (Shiv Sena) नेता संजय राउत (Sanjay Raut) ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी (Atal Bihar Vajpayee) भी जवाहरलाल नेहरू (Nehru) के नक्शेकदम पर चलते थे.

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  • Last Updated: September 16, 2019, 8:08 AM IST
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पुणे. शिवसेना (Shiv Sena) के वरिष्ठ नेता संजय राउत (Sanjay Raut) ने संसदीय लोकतंत्र (Parliamentary Democracy) का सम्मान करने के लिए देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू (Jawahar Lal Nehru) और कांग्रेस (Congress) पार्टी की सराहना की है. साथ ही उन्होंने मौजूदा परिदृश्य में विपक्षी (Opposition) पार्टी के अस्तित्व को लेकर भी सवाल खड़ा किया. उन्होंने कहा कि विपक्ष की अनुपस्थिति किसी देश की राजनीति को मनमाना और एकतरफा बना देती है.

राउत ने कहा, 'जवाहरलाल नेहरू और कांग्रेस के बारे में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन उन्होंने संसदीय लोकतंत्र में शिष्टाचार को बनाए रखा है. वह कांग्रेस ही थी जो आजादी के बाद संसद में शिष्टाचार और परंपराओं से संबंधित कुछ नियम लेकर आई.' राउत ने कार्य मंत्रणा समिति (बीएसी) के गठन के लिए कांग्रेस को श्रेय भी दिया.

वाजपेयी भी नेहरू के नक्शेकदम पर चले
शिवसेना के वरिष्‍ठ नेता ने कहा, 'वह जवाहरलाल नेहरू ही थे, जिन्होंने देश में विपक्षी दल के महत्व को पहचाना. जब शुरू में विपक्षी दल कमजोर था, तो वह कहते थे कि उन्हें प्रधानमंत्री की भूमिका निभाने के साथ-साथ विपक्ष के नेता की भूमिका भी निभानी होगी.' राउत ने कहा कि यहां तक कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी भी नेहरू के नक्शेकदम पर चलते थे. उन्होंने कहा, 'यदि कोई विपक्षी दल नहीं है तो देश का लोकतंत्र कमजोर हो जाता है और राजनीति मनमानी और एकतरफा हो जाती है.'



अवसरवादियों पर भी साधा निशाना
शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' के अपने साप्ताहिक कॉलम में पार्टी सांसद ने अगले महीने प्रस्तावित महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले सत्तारूढ़ बीजेपी और शिवसेना में शामिल होने के लिए कतार में खड़े अवसरवादियों पर कटाक्ष किया. उन्होंने मौजूदा परिदृश्य में 'विपक्षी पार्टी' के अस्तित्व को लेकर गंभीर सवाल भी खड़ा किया. उन्होंने कहा, 'मराठवाड़ा में पानी की कमी अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के समान ही महत्वपूर्ण है, लेकिन कोई भी इस विशेष मुद्दे का हवाला देते हुए पार्टी नहीं छोड़ रहा है.'

'राजनीति कठिन, लेकिन कुछ लोगों ने इसे सरल बना दिया है'
राउत ने लिखा, 'भले ही हर जगह सूखा हो, लेकिन बीजेपी और शिवसेना में अन्य दलों के नेताओं का तांता लगा हुआ है. राजनीति एक कठिन कला है, लेकिन अब कुछ लोगों ने इसे सरल बना दिया है.' वह जाहिर तौर पर दल-बदलू नेताओं के उस राग का जिक्र कर रहे थे कि वे मतदाताओं की खातिर और अपने निर्वाचन क्षेत्रों के विकास के लिए अपने मूल दल को छोड़ रहे है.

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First published: September 16, 2019, 7:53 AM IST
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