संजय राउत बोले- राहुल गांधी को कांग्रेस का नेतृत्व करने से रोकना, पार्टी को नष्ट कर देगा
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संजय राउत बोले- राहुल गांधी को कांग्रेस का नेतृत्व करने से रोकना, पार्टी को नष्ट कर देगा
संजय राउत ने शिवसेना के मुखपत्र सामना में कही ये बात (फाइल फोटो)

संजय राउत (Sanjay Raut) ने कहा, ‘राहुल गांधी को रोकने की सक्रियता पार्टी के अस्तित्व को ही नष्ट करने वाली सिद्ध होगी.’ उन्होंने कहा कि एक गैर गांधी का कांग्रेस अध्यक्ष होना अच्छा विचार है लेकिन इन 23 में से किसी में भी वह क्षमता नहीं है.'

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मुंबई. शिवसेना सांसद संजय राउत (Sanjay Raut) ने रविवार को कहा कि राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को कांग्रेस का नेतृत्व संभालने से रोकना देश की इस पुरानी पार्टी के ‘अस्तित्व को ही नष्ट’ करने वाला सिद्ध होगा. राउत ने शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ में प्रकाशित अपने साप्ताहित स्तंभ ‘रोकटोक’ में लिखा है कि कांग्रेस में एक ऐसे नेता की कमी है जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के खिलाफ पूरी मजबूती के साथ खड़ा रहे.

संजय राउत (Sanjay Raut) ने 23 कांग्रेसी नेताओं द्वारा सोनिया गांधी को ‘पूर्णकालिक’ सक्रिय नेतृत्व को लेकर लिखे गए पत्र का उल्लेख करते हुए सवाल किया कि इन नेताओं को सक्रिय होने से कौन रोक रहा है. उन्होंने कहा, ‘राहुल गांधी को रोकने की सक्रियता पार्टी के अस्तित्व को ही नष्ट करने वाली सिद्ध होगी.’ राउत ने कहा कि एक गैर गांधी का कांग्रेस अध्यक्ष होना अच्छा विचार है लेकिन इन 23 में से किसी में भी वह क्षमता नहीं है.

‘मुखौटों को उतारकर फेंकना होगा’
राउत की पार्टी शिवसेना महाराष्ट्र में कांग्रेस और राकांपा के साथ मिलकर सत्ता में है. राउत ने पूर्व कांग्रेस नेताओं द्वारा गठित की गई क्षेत्रीय पार्टियों का उल्लेख करते हुए कहा, ‘कांग्रेस अभी भी पूरे भारत में मौजूद है, सिर्फ मूल चेहरे पर मुखौटे बदल गए हैं. यदि उन मुखौटों को उतारकर फेंक दिया जाए तो पार्टी देश में एक मजबूत पार्टी के रूप में खड़ी हो जाएगी.’
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिवंगत वी एन गाडगिल ने कांग्रेस को कभी भी न मरने वाली एक वृद्धा बताया था. राउत ने कहा, ‘वृद्धा का क्या किया जाए? यह राहुल गांधी को ही तय करना चाहिए.’



उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों आजाद समेत कांग्रेस के 23 नेताओं ने सोनिया गांधी को पत्र लिखकर संगठन में ऊपर से लेकर नीचे तक बदलाव और पूर्णकालिक एवं सक्रिय अध्यक्ष की मांग की थी. उनके इस पत्र को पार्टी के भीतर कई लोगों ने कांग्रेस नेतृत्व को चुनौती देने के तौर पर लिया.

इस पत्र से जुड़े विवाद की पृष्ठभूमि में ही 24 अगस्त को सीडब्ल्यूसी की हंगामेदार और मैराथन बैठक हुई जिसमें सोनिया गांधी से अंतरिम अध्यक्ष के रूप में बने रहने का आग्रह किया गया और संगठन में जरूरी बदलाव के लिए उन्हें अधिकृत किया गया.

बैठक के आखिर में सोनिया ने कहा था कि कांग्रेस एक बड़ा परिवार है जहां कई मौकों पर असहमतियां होती हैं, लेकिन इस वक्त की जरूरत है कि लोगों के हित में और देश को विफल कर रही ताकतों से मिलकर लड़ा जाए.
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