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संजय राउत बोले- कोई और सरकार गठित नहीं कर पाया तो करेंगे रणनीति की घोषणा

भाषा
Updated: November 10, 2019, 2:45 PM IST
संजय राउत बोले- कोई और सरकार गठित नहीं कर पाया तो करेंगे रणनीति की घोषणा
संजय राउत ने कहा है कि अगर कोई राज्य में सरकार गठित नहीं कर पाता है तब हम अपनी अगली रणनीति बताएंगे. (फाइल फोटो)

शिवसेना (Shiv Sena) के नेता संजय राउत (Sanjay Raut) ने कहा कि यदि महाराष्ट्र (Maharashtra) में कोई और सरकार गठित नहीं कर पाता है तो उनकी पार्टी अपनी अगली रणनीति की घोषणा करेगी. उन्होंने साथ ही कहा कि राजनीति उनके दल के लिए कोई कारोबार नहीं है.

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मुंबई. शिवसेना (Shiv Sena) के नेता संजय राउत (Sanjay Raut) ने कहा कि यदि महाराष्ट्र (Maharashtra) में कोई और सरकार गठित नहीं कर पाता है तो उनकी पार्टी अपनी अगली रणनीति की घोषणा करेगी. उन्होंने साथ ही कहा कि राजनीति उनके दल के लिए कोई कारोबार नहीं है. राउत ने किसी व्यक्ति या पार्टी का नाम लिए बगैर कहा कि ‘अजेय’ होने का बुलबुला फूट गया है और सरकार गठन के लिए नेता को ‘खरीदने’ का घमंड राज्य में अब काम नहीं करता.

राउत ने कहा कि यदि कोई सरकार गठित नहीं करता है, तो शिवसेना ‘दखल देगी.’ उन्होंने राज्य में सरकार गठित करने के लिए बीजेपी को आमंत्रित करने के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के निर्णय का स्वागत किया. उन्होंने कहा, ‘हम बीजेपी को आमंत्रित करने के राज्यपाल के फैसले का स्वागत करते हैं. सबसे बड़े एकल दल को बुलाया जाना था. हमें समझ नहीं आता कि यदि बीजेपी को बहुमत का भरोसा था तो उसने (परिणाम घोषित होने के) 24 घंटे बाद ही दावा क्यों नहीं किया.’

तस्वीर साफ होने पर अगली रणनीति की घोषणा
रावत ने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि सरकार गठन के लिए बीजेपी के पास दावा करने के लिए पर्याप्त संख्या है.... मुझे बताया गया है कि राज्यपाल ने बीजेपी से उन्हें 11 नवंबर को रात आठ बजे तक अपने निर्णय के बारे में सूचित करने को कहा है.’ शिवसेना की आगे की योजना के बारे में पूछे जाने पर राउत ने कहा, ‘राज्यपाल के पहले कदम पर तस्वीर साफ हो जाने दीजिए. यदि कोई और सरकार गठित नहीं कर पाता है तो शिवसेना अपनी रणनीति घोषित करेगी.’

यह पूछे जाने पर कि क्या शिवसेना ने कांग्रेस और एनसीपी के साथ कोई ‘समझौता’ किया है, उन्होंने कहा, ‘हम कोई कारोबारी नहीं हैं, जो समझौता करें. राजनीति शिवसेना के लिए कोई कारोबार नहीं है. ‘लाभ’ और ‘हानि’ हमारे शब्दकोष में नहीं हैं.’

कोई विधायक दल नहीं बदलेगा
उन्होंने विधायकों के पाला बदलने की आशंका से भी इनकार किया. राउत ने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि किसी पार्टी का कोई विधायक दल बदलेगा. यदि कोई सरकार गठन के लिए किसी अन्य पार्टी को तोड़ने की कोशिश करता है तो मुझे नहीं लगता कि यह कोशिश इस बार कामयाब होगी.’ उन्होंने कहा, ‘किसी नेता को खरीदने और सरकार गठन करने का घमंड इस राज्य में काम नहीं करेगा. अजेय होने का बुलबुला फूट गया है.’
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ठाकरे के निवास के बाहर यहां शिवसेना कार्यकर्ताओं द्वारा उन्हें मुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग करते हुए लगाए पोस्टरों के बारे में पूछे जाने पर राउत ने कहा, ‘उद्धव ठाकरे शिवसेना के नेता हैं और वह सही समय पर उचित फैसला करेंगे. उन्होंने पहले ही कह दिया है कि वह शिवसेना के किसी नेता को मुख्यमंत्री बनाएंगे.’



कांग्रेस महाराष्ट्र की दुश्मन नहीं
जब एक पत्रकार ने पूछा कि क्या शिवसेना एनसीपी के साथ संभावित गठबंधन के मद्देनजर विपक्षी दल की आलोचना नहीं कर रही, इस पर राउत ने कहा, ‘हमने बीजेपी की भी आलोचना नहीं की है. चुनाव प्रचार मुहिम समाप्त हो चुकी है और मुहिम के दौरान कही गई बाते अप्रासंगिक हैं.’ यह पूछे जाने पर कि क्या कांग्रेस सरकार गठित करने के लिए शिवसेना का समर्थन करेगी, राउत ने कहा कि सोनिया गांधी नीत पार्टी ‘महाराष्ट्र की दुश्मन नहीं’ है.

उन्होंने कहा ‘यदि कांग्रेस ने महाराष्ट्र में स्थायी सरकार सुनिश्चित करने का कोई फैसला किया है तो हम उसका स्वागत करते हैं.’ राउत ने कहा कि हर राजनीतिक दल के दूसरे दल के साथ मतभेद हैं. जैसे कि, शिवसेना और बीजेपी के बीच बेलगावी जिले को लेकर महाराष्ट्र एवं कर्नाटक के सीमा विवाद के मामले में मतभेद है.

अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत
उन्होंने अयोध्या में विवादित स्थल पर राम मंदिर के निर्माण का रास्ता साफ करने वाले सुप्रीम कोर्ट के फैसले का भी स्वागत किया. राउत ने कहा, ‘लोग इस फैसले का लंबे समय से इंतजार कर रहे थे.’ इससे पहले उन्होंने शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ में राज्य में सरकार गठन पर गतिरोध की पृष्ठभूमि में जर्मन तानाशाह अडोल्फ हिटलर का जिक्र किया और महाराष्ट्र के कार्यवाहक मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस पर निशाना साधते हुए उन पर डर की राजनीति खेलने का आरोप किया.

किसी भी दल को नहीं मिला है बहुमत
राउत ने फडणवीस का नाम लिए बगैर कहा, ‘जब राजनीतिक सहयोग हासिल करने की कोशिश और धमकाने के तरीके काम नहीं करते तो यह स्वीकार करने का समय होता है कि हिटलर मर चुका है और गुलामी के गहराते बादल छंट गए हैं.’ 21 अक्टूबर को महाराष्ट्र में हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 105 और शिवसेना ने 56 सीटों पर जीत हासिल की. राज्य में 288 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत हासिल करने के लिए 145 सीटों पर जीत की आवश्यकता होती है.

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First published: November 10, 2019, 2:45 PM IST
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