मुंबई: खामोश हुई मजदूरों की 'आवाज'. ट्रेड यूनियन लीडर दादा सामंत ने की खुदकुशी

मुंबई में ट्रेड यूनियन लीडर पुरुषोत्तम नारायण ने की खुदकुशी (प्रतीकात्मक तस्वीर)
मुंबई में ट्रेड यूनियन लीडर पुरुषोत्तम नारायण ने की खुदकुशी (प्रतीकात्मक तस्वीर)

ट्रेड यूनियन लीडर पुरुषोत्तम नारायण सामंत (Purshottam Narayan Samant) ने बोरीवली स्थित आवास में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. वह 92 साल के थे.

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मुंबई. महाराष्ट्र (Maharashtra) में वरिष्ठ ट्रेड यूनियन लीडर पुरुषोत्तम नारायण सामंत (Purshottam Narayan Samant) ने शनिवार को कथित रूप से खुदकुशी (Suicide) कर ली. पुरुषोत्तम नारायण ने बोरीवली स्थित आवास में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. वह 92 साल के थे. बताया जा रहा है कि मजदूरों की आवाज उठाने वाले नेता कोविड-19 की स्थिति और निजी स्वास्थ्य को लेकर व्यथित थे.

एक पुलिस अधिकारी ने शनिवार ने बताया कि महाराष्ट्र जनरल कामगार यूनियन के नेता को शुक्रवार सुबह को अपनी बड़ी बेटी के घर फांसी से लटका पाया गया. वह प्रमुख श्रमिक नेता दत्ता सामंत के भाई थे जिनकी 1997 में गैंगस्टर ने गोली मारकर हत्या कर दी थी. पुरुषोत्तम नारायण महाराष्ट्र की राजनीति में दादा सामंत के नाम से जाने से जाते थे.

पुलिस को मिला सुसाइड नोट



आत्महत्या की वजह के बारे में पूछे जाने पर दहीसार थाने के एक अधिकारी ने बताया कि उन्हें मौके से दादा सामंत का एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उन्होंने लिखा है कि वह कोविड-19 की स्थिति और निजी स्वास्थ्य मुद्दों से आजिज आ गये थे. अधिकारी ने बताया कि दादा सामंत कोरोना वायरस संक्रमित नहीं थे. उन्होंने किसी गड़बड़ी और साजिश से भी इनकार किया.
मजदूरों की 'आवाज' थे दादा सामंत

महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री जितेंद्र आव्हाड से उनकी बेटी की शादी भी हुई थी. अपने भाई दत्ता सामंत से पहले ही वे ट्रेड यूनियन की राजनीति में सक्रिय थे. वे लगातार मजदूरों की आवाज उठाते रहते थे.1982 से 1983 के बीच हुई टेक्सटाइल स्ट्राइक में भी दादा सामंत ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.

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