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शरद पवार बोले, केंद्र सरकार की ‘तानाशाही’ से अहिंसक तरीके से लड़ना होगा
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Updated: January 9, 2020, 3:51 PM IST
शरद पवार बोले, केंद्र सरकार की ‘तानाशाही’ से अहिंसक तरीके से लड़ना होगा
शरद पवार ने कहा कि केंद्र सरकार की ‘तानाशाही’ नीतियों का जवाब महात्मा गांधी द्वारा बताए गए अहिंसक तरीकों से देने की जरूरत है. (फाइल फोटो)

शरद पवार (Sharad Pawar) ने मुंबई में पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा (Yashwant Sinha) की ‘गांधी शांति यात्रा’ को हरी झंडी दिखाने के बाद कहा कि, केंद्र सरकार की ‘तानाशाही’ नीतियों का विरोध महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) द्वारा बताए गए अहिंसक तरीकों से देना चाहिए.

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  • Last Updated: January 9, 2020, 3:51 PM IST
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मुंबई. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) प्रमुख शरद पवार (Sharad Pawar) ने कहा कि भाजपा नीत केंद्र सरकार ‘तानाशाही’ नीतियों का इस्तेमाल कर रही है और इसका जवाब महात्मा गांधी द्वारा बताए गए अहिंसक तरीकों से देने की जरूरत है.

पवार ने शहर में पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा की नागरिकता संशोधन कानून (Citizenship Amendment Act) और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (National Register of Citizens) के खिलाफ ‘गांधी शांति यात्रा’ को हरी झंडी दिखाने के बाद यह बात कही. इस मौके पर महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के नेता पृथ्वीराज चव्हाण तथा राज्य के मंत्री नवाब मलिक भी मौजूद थे. यात्रा को शरद पवार ने गेटवे ऑफ इंडिया से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया.

लोगों को लग रहा है कि दस्तावेज न होने पर उन्हें शिविरों में रहना होगा
पवार के हवाले से एक बयान में कहा गया, ‘सरकार तानाशाही नीतियों का इस्तेमाल कर रही है. जेएनयू में जो कुछ भी हुआ, उसका पूरे देश में विरोध हुआ. सरकार की तानाशाही का जवाब गांधी जी के अहिंसक तरीके से देने की जरूरत है.’ उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने ऐसे हालात पैदा कर दिए हैं जहां लोगों को लग रहा है कि अगर उनके पास आवश्यक दस्तावेज नहीं होंगे तो उन्हें सरकार द्वारा बनाए गए शिविरों में रहना होगा.



पूरे देश में एनआरसी लागू नहीं करने का वादा करे केंद्र सरकार
यशवंत सिन्हा के नेतृत्व में ‘राष्ट्र मंच’ ने संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) को वापस लेने की मांग करते हुए यह यात्रा निकाली है. साथ ही मांग की है कि सरकार संसद में यह घोषणा करे कि पूरे देश में एनआरसी लागू नहीं होगा.

दिल्ली में राजघाट पहुंचकर समाप्त होगी यह यात्रा
शरद पवार ने संवाददाताओं से कहा कि, प्रदर्शनकारी चाहते हैं कि सरकार यह सुनिश्चित करे कि जेएनयू में हुई हिंसा जैसी ‘राज्य प्रायोजित’ घटना की उच्चतम न्यायालय के किसी वर्तमान न्यायाधीश के नेतृत्व में न्यायिक जांच कराई जाएगी. यात्रा का समापन 30 जनवरी को दिल्ली में राजघाट पर होगा. आयोजकों ने बताया कि यात्रा महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली से होते हुए गुजरेगी तथा 3,000 किलोमीटर की दूरी तय करेगी.

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First published: January 9, 2020, 3:51 PM IST
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