ओवैसी जैसे लोग मुसलमानों को बना रहे मूर्ख: शिवसेना

शिवसेना ने मुखपत्र 'सामना' में लिखा कि ट्रिपल तलाक विरोधी कानून मंजूर होते ही मुस्लिम महिलाओं ने देशभर में आनंदोत्सव मनाया. यह कांग्रेस के नसीब में भी आ सकता था, लेकिन 1985 में लोकसभा में 400 सीटें जीतने के बावजूद उन्होंने मुस्लिम महिलाओं को न्याय नहीं दिया.

News18Hindi
Updated: August 1, 2019, 8:49 AM IST
ओवैसी जैसे लोग मुसलमानों को बना रहे मूर्ख: शिवसेना
शिवसेना ने ट्रिपल तलाक पर मुखपत्र सामना के माध्‍यम से असदुद्दीन ओवैसी पर साधा निशाना.
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Updated: August 1, 2019, 8:49 AM IST
इंस्‍टेंट ट्रिपल तलाक बिल का विरोध करने पर शिवसेना ने असदुद्दीन ओवैसी पर निशाना साधा है. मुखपत्र 'सामना' के जरिए शिवसेना ने कहा, 'ओवैसी जैसे लोग अल्लाह के नाम पर मुसलमानों को मूर्ख बना रहे हैं. ट्रिपल तलाक अल्लाह की नहीं, बल्कि मुल्ला की देन है. आज से देश में मुल्लों का कानून नहीं चलेगा. कानून बनने से हम पांच और हमारे पच्चीस पर लगाम लगेगी.'

मुखपत्र में आगे कहा गया कि राजीव गांधी और कांग्रेस ने संविधान का अपमान किया, लेकिन इस बार मोदी सरकार अभिनंदन की पात्र है, जिसने यह (इंस्‍टेंट ट्रिपल तलाक के खिलाफ कानून) फैसला लिया. अब हिन्‍दुस्‍तान की 12 करोड़ मुस्लिम महिलाएं खुलकर सांस ले पाएंगी. वे ट्रिपल तलाक वाली गुलामी की बेड़ियों से मुक्त हो गई हैं. एक नई आशा के साथ करोड़ों महिलाएं एक नया जीवन जिएंगी.

कांग्रेस पर बोला हमला
शिवसेना ने इसके बहाने कांग्रेस पर भी हमला बोला है. पार्टी ने कहा कि कांग्रेस सहित कुछ धर्मनिरपेक्षवादियों ने आखिर तक 'ट्रिपल तलाक विरोधी कानून' मंजूर न होने पाए, इसके लिए खूब प्रयास किया. उनलोगों का कहना था कि यह कानून मंजूर हो गया तो देश का धर्मनिरपेक्षवाद खतरे में आ जाएगा. इसके बावजूद मुस्लिम समाज की एक कट्टर प्रथा को मोदी सरकार ने कचरे की टोकरी में फेंक दिया है. एक दीर्घकालीन 'अन्याय पर्व' को ठीक कर दिया गया है.

ओवैसी को लिया आड़े हाथ
शिवसेना ने सामना में लिखा कि मुस्लिमों के स्वयंभू मसीहा मियां ओवैसी ने हाय-तौबा मचाते हुए कहा कि 'ट्रिपल तलाक' तो अल्लाह की देन है. ओवैसी जैसे लोग अल्लाह के नाम पर पूरे मुस्लिम समाज को मूर्ख बना रहे हैं. मियां ओवैसी किस अल्लाह की बात कर रहे हैं? ये अल्लाह की देन नहीं, बल्कि मुल्ला की देन है. आज से देश में हिंदू-मुसलमानों के लिए एक ही कानून होगा. मुल्लों का अलग कानून नहीं चलेगा. मोदी सरकार ने ट्रिपल तलाक विरोधी विधेयक मंजूर करके ये दिखा दिया है.

शिवसेना ने इंस्‍टेंट ट्रिपल तलाक के बहाने कांग्रेस पर भी हमला बोला है. (फाइल फोटो)

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सामने में आगे लिखा गया कि मियां ओवैसी कहते हैं, 'इस्लाम में विवाह एक करार है, कॉन्ट्रेक्ट है. करार तोड़ने का अधिकार दूल्हे को है. इसका मतलब यह हुआ कि जब तक मन हो तब तक पत्नी के रूप में स्त्री का उपभोग करो और जब मन में आए तब 'तलाक-तलाक-तलाक' बोलकर करार तोड़ दो. मौखिक तलाक फोन और व्हॉट्सऐप पर भी दिए जा रहे हैं, लेकिन नए कानून के बाद इस प्रकार मौखिक रूप से तलाक देने वाले शौहर 3 साल की सजा और दंड के भागी बनेंगे. इसलिए अब उनकी मस्त कल्पना अर्थात 'हम पांच और हमारे पच्चीस' पर लगाम लगेगी. शिवसेना ने कहा कि ये सब अब हिंदुस्तानी कानून के अनुसार होगा. मुसलमानों का 'पर्सनल लॉ' और शरीयत यहां नहीं चलेगी. अदालत का फैसला आने तक बच्चे मां के साथ रहेंगे. इस दौरान शौहर को अपनी बीवी को 'गुजारा भत्ता' देना होगा. अपने मन से शादी करने के बाद अल्लाह की मर्जी से बीवी को बेसहारा करके दूसरी शादी करने का कानून अब बंद हो गया है. यह 10 करोड़ मुस्लिम महिलाओं की जीत है. शाहबानो प्रकरण में राजीव गांधी की कांग्रेस सरकार इसे आसानी से कर सकती थी लेकिन ऐसा नहीं हुआ.

'कांग्रेस ने न्‍याय नहीं किया'
शिवसेना ने मुख्‍य विपक्षी पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस ने न्याय नहीं किया तथा हिंदू और मुसलमानों के बीच की दूरियों को नहीं मिटाया. अब उसी खाई में वे खुद गिरे हैं. 'तलाक' के कारण क्या? भोजन में नमक कम था इसलिए तलाक, बीवी बीमार है इसलिए तलाक और बीवी मायके से पैसे नहीं लाती इसलिए तलाक. इस ट्रिपल तलाक ने मुसलमानों के घर को नर्क बना दिया था. ट्रिपल तलाक की शिकार 80 प्रतिशत महिलाएं गरीब घरों की हैं और उनकी आवाज दबा दी जाती थी. इन सभी महिलाओं को आजादी दिलाने का काम मोदी सरकार ने किया है. भगवान के घर देर है लेकिन अंधेर नहीं. आजादी के 70 सालों बाद ये अंधकार दूर हुआ. मोदी सरकार ने ये पुण्य का काम किया.

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First published: August 1, 2019, 8:17 AM IST
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