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शिवसेना सत्ता की भूखी नहीं, सत्य की राजनीति में भरोसा करती है: राउत

भाषा
Updated: October 29, 2019, 3:06 PM IST
शिवसेना सत्ता की भूखी नहीं, सत्य की राजनीति में भरोसा करती है: राउत
संजय राउत ने कहा है कि शिवसेना सत्य की राजनीति करती है. (फाइल फोटो)

शिवसेना (Shiv Sena) के वरिष्ठ नेता संजय राउत (Sanjay Raut) ने मंगलवार को कहा कि उनकी पार्टी ने हमेशा ही ‘सत्य की राजनीति’ की है और वह सत्ता की भूखी नहीं है. महाराष्ट्र (Maharashtra) में हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों में बीजेपी ने 105 और शिवसेना ने 56 सीटें जीती हैं और राज्य की अगली सरकार में सत्ता में भागीदारी को लेकर दोनों के बीच तकरार चल रही है.

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मुंबई. शिवसेना (Shiv Sena) के वरिष्ठ नेता संजय राउत (Sanjay Raut) ने मंगलवार को कहा कि उनकी पार्टी ने हमेशा ही ‘सत्य की राजनीति’ की है और वह सत्ता की भूखी नहीं है. महाराष्ट्र (Maharashtra) में हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों में बीजेपी ने 105 और शिवसेना ने 56 सीटें जीती हैं और राज्य की अगली सरकार में सत्ता में भागीदारी को लेकर दोनों के बीच तकरार चल रही है. राउत ने कहा, ‘(शिवसेना अध्यक्ष) उद्धव ठाकरे ने कहा है कि हमारे पास अन्य विकल्प भी हैं लेकिन हम उन विकल्पों को स्वीकार करने का पाप नहीं करना चाहते...शिवसेना ने सत्य की राजनीति की है और पार्टी सत्ता के लिए भूखी नहीं है.’

‘राजनीति में कोई संत नहीं हैं’
राउत ने सोमवार को कहा था कि उनकी पार्टी को महाराष्ट्र में अगली सरकार बनाने के वास्ते विकल्प खोजने के लिए बाध्य नहीं किया जाना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा था कि ‘राजनीति में कोई संत नहीं हैं.’ उन्होंने दावा किया था दोनों पार्टियां सत्ता में समान भागीदारी के फार्मूले पर सहमत थीं और मुंबई में तो इस बारे में घोषणा भी कर दी गई थी. राउत संसद में शिवसेना के मुख्य सचेतक और पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ के कार्यकारी संपादक हैं.

सत्ता में बराबर की भागीदारी पर शिवसेना का जोर

शिवसेना के एक अन्य नेता ने मंगलवार को कहा था कि मेलघाट, अचलपुर, रामटेक और नेवासा सीटों के चार निर्दलीय विधायकों ने ठाकरे से मुलाकात कर उनकी पार्टी को अपना समर्थन देने का आग्रह किया था. उन्होंने दावा किया था कि शिवसेना के पास अब 60 विधायकों का समर्थन है. 21 अक्टूबर को हुए महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भाजपा के विधायकों की संख्या 2014 की तुलना में घट गई जिसके बाद शिवसेना सत्ता में बराबर की भागीदारी पर जोर दे रही है.

शिवसेना ने मांगा लिखित में आश्वासन
पिछले सप्ताह ठाकरे ने बीजेपी को उनके और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह एवं मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बीच, 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले 50:50 के फार्मूले पर बनी सहमति की याद दिलाई थी. शिवसेना ने राज्य में अगली गठबंधन सरकार बनाने का दावा करने के बारे में बातचीत करने से पहले भाजपा से ‘सत्ता में बराबर की भागीदारी के फार्मूले’ के कार्यान्वयन का लिखित आश्वासन मांगा है.
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किस पार्टी को कितनी सीट
महाराष्ट्र में 288 सदस्यीय विधानसभा के लिए हुए चुनाव में भाजपा को 105 और शिवसेना को 56 सीटें मिली हैं. शरद पवार नीत एनसीपी ने 54 सीट जीतीं, जबकि कांग्रेस के हिस्से 44 सीट आई हैं. गत 24 अक्टूबर को चुनाव परिणाम की घोषणा के बाद से ही कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन के तबकों की ओर से ऐसे संकेत मिलते रहे हैं कि राज्य में बीजेपी से परे सरकार गठन का शिवसेना का कदम हकीकत में बदल सकता है. हालांकि, कांग्रेस-एनसीपी की ओर से इस बारे में औपचारिक रूप से कुछ नहीं कहा गया है.

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First published: October 29, 2019, 3:06 PM IST
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