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आदित्य ठाकरे को डिप्टी CM बनाने को लेकर बैकफुट पर क्यों आई शिवसेना?

Anil Rai | News18Hindi
Updated: October 7, 2019, 3:37 PM IST
आदित्य ठाकरे को डिप्टी CM बनाने को लेकर बैकफुट पर क्यों आई शिवसेना?
शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के साथ आदित्य ठाकरे. (फाइल फोटो)

इतने जोर-शोर से आदित्य ठाकरे (Aditya Thackeray) को लॉन्च करने में लगे उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने आखिर आदित्य को डिप्टी सीएम बनाने के दांव पर यूटर्न क्यों ले लिया?

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  • Last Updated: October 7, 2019, 3:37 PM IST
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मुंबई. महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव (Maharashtra Assembly Election 2019) की घोषणा से पहले शिवसेना (Shiv Sena) ठाकरे परिवार (Thackeray Family) के पहले चुनावी योद्धा को लेकर काफी आक्रामक थी. मुंबई (Mumbai) समेत पूरे महाराष्ट्र (Maharashtra) में शिवसेना के नए पोस्टरबॉय आदित्य ठाकरे (Aditya Thackeray) के बैनर और होर्डिंग लगाए गए. खबरें यहां तक आई कि अगर भारतीय जनता पार्टी (BJP) से गठबंधन की बात नहीं बनी तो शिवसेना आदित्य ठाकरे को मुख्यमंत्री उम्मीदवार बनाकर मैदान में जा सकती है. लेकिन बीजेपी से गठबंधन की बात आगे बढ़ने पर आदित्य को उप मुख्यमंत्री का चेहरा माना जाने लगा.

इन खबरों को शिवसेना नेता संजय राउत के उस बयान ने और बल दिया जिसमें उन्होंने दावा किया कि चन्द्रयान भले ही चांद पर ठीक से नहीं उतर पाया हो लेकिन उनका सूर्ययान मंत्रायल की छठी मंजिल पर जरूर उतरेगा. लोगों ने यहां सूर्ययान का मतलब आदित्य ठाकरे से लगाया. लेकिन अब सामना को दिए एक साक्षात्कार में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने खुद इन खबरों की हवा निकाल दी है. उद्धव ने साफ किया कि आदित्य पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं, इसका मतलब ये नहीं को वो पहले ही चुनाव में मुख्यमंत्री या उपमुख्यमंत्री बन जाएं.

शिवसेना ने आखिर क्यों लिया यूटर्न
इतने जोर-शोर से आदित्य ठाकरे को लॉन्च करने में लगे उद्धव ठाकरे ने आखिर आदित्य को डिप्टी सीएम बनाने के दांव पर यूटर्न क्यों ले लिया? ये ऐसा सवाल है जिसका जबाब शिवसैनिकों के साथ-साथ महाराष्ट्र का हर वोटर जानना चाहता है लेकिन उद्धव ठाकरे या शिवसेना खुलकर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं.

जानकारों की माने तो बीजेपी से सीटों के बंटवारे पर हुई डील के बाद शिवसेना को डिप्टी सीएम की कुर्सी छोड़नी पड़ी. ऐसे में पार्टी का शीर्ष नेतृत्व नहीं चाहता है कि विधानसभा चुनाव के बीच किसी नेता का इस तरह का बयान आए जिससे गठबंधन के दलों में आपसी तल्खी बढ़े. इसलिए शिवसेना प्रमुख ने खुद सामने आकर इसका खंडन कर दिया.

यूटर्न के साथ ही उद्धव ने चला नया दाव
उद्धव ठाकरे अपने पिता बाल ठाकरे की विरासत संभाल रहे हैं इसलिए उन्हें पता है कि कोई भी जंग बिना सेना के उत्साह के नहीं जीती जाती. यहीं कारण है कि उद्धव ने डिप्टी सीएम की कुर्सी छोड़ने के साथ-साथ मंत्रिमंडल में 50-50 के फॉर्मूले का ऐलान भी कर दिया. चुनाव के दौरान शिवसैनिकों में जोश कायम रहे, इसकी कोर कसर उद्धव के इस बयान ने पूरी कर दी जिसमें उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की कुर्सी पर एक दिन शिवसैनिक जरूर बैठेगा.
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First published: October 7, 2019, 3:37 PM IST
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