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NRC और CAA पर शिवसेना में ही 'बगावत', पार्टी सांसद ने किया मोदी सरकार का समर्थन

NRC और CAA पर शिवसेना में ही 'बगावत', पार्टी सांसद ने किया मोदी सरकार का समर्थन

हेमंत पाटिल महाराष्ट्र के हिंगोली से सांसद हैं.

हेमंत पाटिल महाराष्ट्र के हिंगोली से सांसद हैं.

महाराष्ट्र (Maharashtra) में हिंगोली से शिवसेना सांसद हेमंत पाटिल (Hemant Patil) ने इस मुद्दे पर अपना समर्थन दिया है. उन्होंने हिंगोली प्रशासन को पत्र लिखकर सीएए और एनआरसी मु्द्दे पर अपना समर्थन दिया है. बता दें कि शिवसेना ने सीएए के मुद्दे पर जहां लोकसभा में सरकार का साथ दिया था, वहीं राज्यसभा में वॉकआउट कर दिया था. बाद में शिवसेना ने इस मुद्दे पर सरकार के खिलाफ कई बयान दिए थे.

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    नई दिल्ली. नागरिकता कानून (citizenship amendment act) और एनआरसी (NRC) के मुद्दे पर भले शिवसेना (Shivsena) का रुख केंद्र सरकार से अलग हो, लेकिन पार्टी के एक सांसद ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार के कदम का समर्थन किया है. महाराष्ट्र में हिंगोली से शिवसेना सांसद हेमंत पाटिल (Hemant Patil) ने इस मुद्दे पर अपना समर्थन दिया है. उन्होंने हिंगोली प्रशासन को पत्र लिखकर सीएए और एनआरसी मुद्दे पर अपना समर्थन दिया है. बता दें कि शिवसेना ने सीएए के मुद्दे पर जहां लोकसभा में सरकार का साथ दिया था, वहीं राज्यसभा में वॉकआउट कर दिया था. बाद में शिवसेना ने इस मुद्दे पर सरकार के खिलाफ कई बयान दिए थे.

    NDTV की रिपोर्ट के अनुसार, इस मुद्दे पर प्रशासन को लिखे पत्र में हेमंत पाटिल ने कहा, एनआरसी और सीएए के समर्थन में होने वाले प्रदर्शन में मैं शामिल नहीं हो पाऊंगा. इसका मुझे खेद है, क्योंकि मैं एक जरूरी काम में व्यस्त हूं, लेकिन इसे मेरा पूरा समर्थन रहेगा. उन्होंने लिखा, शिवसेना एक हिंदुत्व पार्टी रही है. ऐसे में मेरा इन दो मुद्दों पर हमेशा समर्थन रहेगा.

    अपनी जमीन बचाने की कवायद
    सूत्रों के अनुसार, पाटिल ने ये बयान अपने वोटर्स को खुश करने के लिए दिया है. माना जा रहा है कि इससे वह बीजेपी को अपनी संसदीय सीट पर कोई मौका नहीं देना चाहते. बता दें कि विधानसभा चुनावों के बाद बीजेपी और शिवसेना के बीच गठबंधन टूट गया था. अब हिंदुत्व के मुद्दे पर बीजेपी लगातार शिवसेना पर निशाना साध रही है.

    लोकसभा में समर्थन, राज्यसभा में वॉकआउट
    कांग्रेस शिवसेना के बीच साथ आने के बाद पहली बार मतभेद तब सामने आए, जब सीएए के मुद्दे पर संसद में दोनों के स्टैंड अलग अलग रहे. इसके बाद दोनों के मतभेद शरद पवार की वजह से सुलझे. सीएए के मुद्दे पर केंद्र सरकार पर विरोधी दल निशाना साध रहे हैं. इसमें सरकार ने पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से आए शरणार्थियों को शरण देने की बात कही है. इसमें मुस्लिमों को शामिल नहीं किया गया है. इसी बात पर कांग्रेस समेत दूसरे दल केंद्र सरकार पर निशाना साध रहे हैं.

    इस बिल का लोकसभा में शिवसेना ने समर्थन किया, हालांकि दो दिन बाद जब राज्यसभा में वोटिंग की बात आई तो शिवसेना ने वॉकआउट कर दिया. बाद में अपनी सफाई पेश करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि नागरिकता कानून सावरकर के विचारों के खिलाफ है. ठाकरे ने कहा, सावरकर के अनुसार, सिंधु नदी से सिंधु सागर तक भारत एक है.

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    Tags: Citizenship Act, NRC, Shiv sena

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