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महाराष्ट्र में सत्ता संग्राम: राष्ट्रपति शासन पर शिवसेना का तंज- दया कुछ तो गड़बड़ है

News18Hindi
Updated: November 14, 2019, 9:40 AM IST
महाराष्ट्र में सत्ता संग्राम: राष्ट्रपति शासन पर शिवसेना का तंज- दया कुछ तो गड़बड़ है
शिवसेना के मुखपत्र सामना के संपादकीय में केंद्र सरकार, बीजेपी और राज्यपाल पर निशाना साधा गया है. (सांकेतिक तस्वीर)

महाराष्ट्र (Maharashtra) में राष्ट्रपति शासन (President Rule) लगाए जाने का शिवसेना (Shiv Sena) पहले दिन से विरोध कर रही है. अब पार्टी के मुखपत्र सामना (Saamana) के संपादकीय में केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधा गया है.

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  • Last Updated: November 14, 2019, 9:40 AM IST
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मुंबई. महाराष्ट्र (Maharashtra) में राष्ट्रपति शासन (President Rule) लगाए जाने का शिवसेना (Shiv Sena) पहले दिन से विरोध कर रही है. अब पार्टी के मुखपत्र सामना (Saamana) के संपादकीय में केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधा गया है. संपादकीय में कहा गया है कि राष्ट्रपति शासन पर घड़ियाली आंसू बहाने वाले को एक स्वांग के रूप में देखा जाना चाहिए. वहीं सरकार गठन के लिए राज्यपाल द्वारा 48 घंटे का समय नहीं देने को लेकर मुखपत्र में लिखा गया है, 'दया, कुछ तो गड़बड़ है.'

शिवसेना के मुखपत्र में राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को भी निशाने पर लिया गया है. संपादकीय में लिखा गया है, 'राज्यपाल कई वर्षों तक संघ के स्वयंसेवक थे. वे उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य के मुख्यमंत्री रह चुके हैं. लेकिन महाराष्ट्र अलग राज्य है. इसका आकार और इतिहास भव्य है. यहां टेढ़ा-मेढ़ा कुछ नहीं चलेगा. इतने बड़े राज्य में सरकार स्थापना करने के लिए आप 48 घंटे भी नहीं दे रहे होंगे तो 'दया, कुछ तो गड़बड़ है', जनता को ऐसा लग सकता है.'

कई दिनों तक चली खींचतान
सीएम की कुर्सी की मांग को लेकर बीजेपी और शिवसेना में काफी दिनों तक बीजेपी और शिवसेना के बीच खींचतान चली. ऐसे में राज्यपाल ने बीजेपी को सबसे बड़े दल होने के नाते सरकार बनाने के लिए न्योता दिया था, लेकिन देवेंद्र फडणवीस ने सरकार बनाने में असमर्थता जता दी. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी के पास पूर्ण बहुमत नहीं है. इसके बाद राज्यपाल ने शिवसेना को सरकार बनाने का न्योता दिया था. इसके बाद राज्यपाल ने एनसीपी को भी न्योता दिया था लेकिन वे भी सरकार गठन नहीं कर पाए. इसी के बाद राज्यपाल ने केंद्र से राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश की थी. राष्ट्रपति की सहमति के बाद मंगलवार को महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया.

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजे 24 अक्टूबर को आए थे. चुनाव पूर्व हुए बीजेपी-शिवसेना के गठबंधन को पूर्ण बहुमत मिला था. हालांकि सरकार का गठन नहीं हो पाया. बीजेपी को 105, शिवसेना को 56, एनसीपी को 54 और कांग्रेस को 44 सीटों पर जीत मिली थी. राष्ट्रपति शासन लगने के बाद भी राज्य में सरकार गठन के लिए पार्टियां प्रयासरत हैं. शिवसेना और बीजेपी दोनों ने कहा है कि हम राज्य में जल्द सरकार बनाएंगे.

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First published: November 14, 2019, 9:18 AM IST
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