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शिवसेना ने की राहुल गांधी की तारीफ, मुस्लिम समुदाय को दी ये सलाह

News18India
Updated: November 11, 2019, 10:50 AM IST
शिवसेना ने की राहुल गांधी की तारीफ, मुस्लिम समुदाय को दी ये सलाह
'सामना' के संपादकीय में शिवसेना ने की राहुल गांधी की तारीफ. (फाइल फोटो)

शिवसेना (Shiv Sena) ने 'सामना' के संपादकीय में कहा है कि मुसलमानों (Muslims) को अयोध्या (Ayodhya) में मिले 5 एकड़ जमीन पर मस्जिद बनाने के बाद उसका नामकरण किसी मुस्लिम संत या नेता के नाम पर करना चाहिए.

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  • Last Updated: November 11, 2019, 10:50 AM IST
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मुंबई. रामजन्म भूमि (Ram Janmabhoomi) और बाबरी मस्जिद विवाद पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) के फैसले के बाद शिवसेना (Shiv Sena) ने मुस्लिम समुदाय को सलाह दी है. पार्टी ने मुखपत्र 'सामना' में संपादकीय के जरिये कहा है कि मुसलमानों को अयोध्या में मिले 5 एकड़ जमीन पर मस्जिद बनाने के बाद उसका नामकरण बाबर की बदले किसी अन्य मुस्लिम संत या नेता के नाम पर करना चाहिए. साथ ही शिवसेना ने राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की तारीफ करते हुए कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद उन्होंने अत्यंत शालीनता से इस निर्णय का स्वागत किया. वहीं, (AIMIM) के सुप्रीमो असदुद्दीन ओवैसी पर संपादकीय में हमला बोला गया है. शिवसेना ने कहा है कि बाबर के नाम पर 5 एकड़ जमीन खैरात देने की दिलदारी सिर्फ हिंदुस्तान ही दिखा सकता है. ओवैसी के तथाकथित सत्य का मकबरा अफगानिस्तान में पड़ा है.

'प्रभु श्रीराम अयोध्या में ही जन्मे थे'
शिवसेना ने संपादकीय में लिखा है, 'प्रभु श्रीराम का जन्म अयोध्या में होने को लेकर जारी विवाद पर ऐतिहासिक फैसला आ गया है. प्रभु श्रीराम अयोध्या में ही जन्मे थे. वे ही अयोध्या के स्वामी हैं और जहां उनका जन्म हुआ उस जगह पर राम का भव्य मंदिर बनाया जाएगा. ऐसा निर्णय देश की सर्वोच्च न्यायालय ने दिया है. पांडवों ने कौरवों पर जीत हासिल की वैसी ही यह जीत है. अयोध्या में राम मंदिर बने इसके लिए जिन सैकड़ों रामभक्तों और कारसेवकों ने अपना बलिदान दिया, यह उनके संघर्ष की जीत है. पूरे देश की निगाहें फैसले पर टिकी थीं. सर्वोच्च न्यायालय की विशेष खंडपीठ अयोध्या विवाद के लिए स्थापित की गई थी. उसने बीते कई महीनों तक इस प्रकरण से संबंधित सभी पक्षकारों का पक्ष प्रतिदिन सुना और अंतत: निर्णय दिया है कि अयोध्या में विवादित जमीन हिंदुओं की ही है.'

सैकड़ों लोगों ने जान गंवाई

'सामना' में लिखा गया कि अयोध्‍या विवाद के कारण देश में लगातार रक्तरंजित संघर्ष हुआ. हिंदू-मुसलमान पक्ष के सैकड़ों लोगों ने जान गंवाई. आज यह सब रुकना चाहिए. भूतकाल भूल जाओ, दोनों पक्ष उज्ज्वल भविष्य का विचार करें. एक बड़ा कालखंड इस संघर्ष में बीत गया. अयोध्या निर्विवाद रूप से प्रभु श्री राम की ही है. इसके बावजूद विदेशी हमलावर बाबर के कारण यह सब हुआ.

'बाबर के नाम पर न हो मस्जिद'
शिवसेना ने कहा कि अयोध्या में मस्जिद के लिए जो पांच एकड़ जमीन दी जाएगी. उस पर बननेवाली मस्जिद की पहचान बाबर के नाम पर नहीं होनी चाहिए. इस देश में कई मुसलमान संत और नेता हुए, उनके नाम पर नए प्रार्थनास्थल का निर्माण होना चाहिए. सामना में कहा गया कि बाबर का निशान पहले शिवसैनिकों ने मिटाया, अब राष्ट्रवादी मुसलमान मिटाएं. कांग्रेस के नेता राहुल गांधी ने अत्यंत शालीनता से इस निर्णय का स्वागत किया है. अयोध्या का निर्णय देश की सर्वोच्च न्यायालय ने दिया है. उस निर्णय का सम्मान करेंगे, ऐसा राहुल गांधी ने कहा है. ऐसा सामंजस्य ओवैसी जैसे नेता को दिखाने में कोई हर्ज नहीं था. शिवसेना ने ओवैसी के बयान का हवाला देते हुए कहा कि हमलावर बाबर के नाम पर पांच एकड़ जमीन की खैरात देने की दिलदारी सिर्फ हिन्‍दुस्‍तान ही दिखा सकता है.
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बता दें कि अयोध्या विवाद पर शनिवार को सुप्रीम कोर्ट का बहुप्रतीक्षित फैसला आया था. चीफ जस्टिस (CJI) रंजन गोगोई ने विवादित जमीन रामलला विराजमन को देने की बात कही थी. साथ ही फैसले में सुन्नी वक्फ बोर्ड को अयोध्या में ही कहीं पांच एकड़ जमीन देने को कहा था. दरअसल, सीजेआई रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने अयोध्या विवाद पर लगातार 40 दिन तक सुनवाई के बाद 16 अक्टूबर को फैसला सुरक्षित रख लिया था.

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First published: November 11, 2019, 9:33 AM IST
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