कोरोनाकाल में बंद हुई कमाई तो चायवाला बन गया अबू सलेम का 'गुर्गा', महेश मांजरेकर से मांगी 35 करोड़ की रंगदारी
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कोरोनाकाल में बंद हुई कमाई तो चायवाला बन गया अबू सलेम का 'गुर्गा', महेश मांजरेकर से मांगी 35 करोड़ की रंगदारी
आरोपी ने महेश मांजरेकर को 23 से 25 अगस्त के बीच कई धमकी भरे फोन कॉल किए. हवाला के जरिए 35 करोड़ रुपए बताए गए ठिकाने पर पहुंचाने को कहा था.

गिरफ्तार आरोपी का नाम मिलिंद तुसनकर है. 34 साल का तुसनकर ठाणे में चाय की टपरी लगाता था. मार्च से लगे पूरे लॉकडाउन (Coronavirus Lockdown) की वजह से यह चाय की टपरी पहले करीब दो महीने तक पूरी तरह बंद रही. जिसके बाद वह अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम (Abu Salem) का फर्जी गुर्गा बनकर जाने-माने फिल्म डायरेक्टर महेश मांजरेकर (Mahesh Manjrekar) से 35 करोड़ रुपये का हफ्ता मांग रहा था.

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  • Last Updated: August 28, 2020, 7:29 AM IST
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मुंबई. कोरोना वायरस महामारी (Covid-19 Pandemic) की वजह से देश में लगाए गए लॉकडाउन (Locdown) से कई लोगों का काम-धंधा चौपट हो गया है. ऐसे में कुछ लोग कमाई के लिए गलत रास्ता भी अपनाने लगे हैं. ताजा मामला महाराष्ट्र के रत्नागिरी का है. यहां एक चायवाला अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम (Abu Salem) का फर्जी गुर्गा बनकर जाने-माने फिल्म डायरेक्टर महेश मांजरेकर (Mahesh Manjrekar) से 35 करोड़ रुपये का हफ्ता मांग रहा था. फिलहाल पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है.

गिरफ्तार आरोपी का नाम मिलिंद तुसनकर है. 34 साल का तुसनकर ठाणे में चाय की टपरी लगाता था. मार्च से लगे पूरे लॉकडाउन की वजह से यह चाय की टपरी पहले करीब दो महीने तक पूरी तरह बंद रही. इससे उसकी रोजी-रोटी भी बंद हो गई. ऐसे में उसने कमाई के लिए दूसरा रास्ता चुना. रत्नागिरी के खेड तालुका से सारखाली में रहने वाले आरोपी ने पूछताछ के दौरान बताया कि लॉकलाउन में पैसे खत्म हो गए थे, इसलिए उसने मांजरेकर को धमकाकर पैसे वसूलने की कोशिश की. आरोपी खुद को अबू सलेम का गुर्गा बता रहा था, लेकिन पुलिस के मुताबिक उसका अंडरवर्ल्ड से कोई लेना देना नहीं है.

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क्राइम ब्रांच से जुड़े एक अधिकारी के अनुसार, आरोपी ने महेश मांजरेकर को 23 से 25 अगस्त के बीच कई धमकी भरे फोन कॉल किए. हवाला के जरिए 35 करोड़ रुपए बताए गए ठिकाने पर पहुंचाने को कहा था. मांजरेकर ने दादर पुलिस स्टेशन में मामले की शिकायत की थी. चूंकि मामला 35 करोड़ रुपये की उगाही का था, इसलिए केस मुंबई क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर कर दिया गया. मामले की गंभीरता को देखते हुए सीनियर इंस्पेक्टर अजय सावंत की अगुआई में इंस्पेक्टर सचिन कदम और अरविंद पवार ने मामले की छानबीन शुरू की.
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने फोन के अलावा कुछ धमकी भरे मैसेज भी किए थे. इसके बाद से ही उसका मोबाइल फोन बंद था. इसलिए पुलिस को उसे तलाश करने में परेशानी हो रही थी. लेकिन कुछ सूचनाओं के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंचने में कामयाब रही.

यू-ट्यूब पर वीडियो देख बन गया डॉन
पुलिस के मुताबिक, चाय की टपरी में खाली समय में आरोपी यूट्यूब पर वीडियो देखता रहता था. इसी दौरान उसने फिलहाल तलोजा जेल में बंद माफिया सरगना अबू सलेम से जुड़े कई वीडियो देखे. अबू सलेम ने मुंबई में क्या-क्या क्राइम किया? उसके गुर्गों के क्या नाम हैं? हफ्ता मांगने के लिए क्या और कैसे बोलना होता है? ये सब वीडियो से समझने के बाद उसने पूरी साजिश रची. फिर माईनेता डॉट काम से महेश मांजरेकर का नंबर हासिल किया. इसके बाद अबू सलेम के नाम से धमकी भरे मैसेज भेजने शुरू कर दिए.

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मांजरेकर को लिखा ये मैसेज
अबू सलेम बने आरोपी ने एक और मोबाइल नंबर भी लिख छोड़ा, जिसमें कहा कि यह हवाला ऑपरेटर का नंबर है. इस नंबर पर तुम उससे बात करो, फौरन रकम भेजो और हां, तुम्हें ही हवाला ऑपरेटर को उसका इस 35 करोड़ रुपये में 15 प्रतिशत एक्सट्रा कमिशन भी देना पड़ेगा.

आरोपी के पास से पुलिस ने धमकी देने के लिए इस्तेमाल 2 सिमकार्ड और मोबाइल फोन जब्त कर लिया है. कोर्ट में पेशी के बाद आरोपी को 2 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है.
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