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महाराष्ट्र के स्कूलों में शुरू हुई संविधान के प्रस्तावना की पढ़ाई
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Jyotsna Gangane | News18Hindi
Updated: January 27, 2020, 7:32 PM IST
महाराष्ट्र के स्कूलों में शुरू हुई संविधान के प्रस्तावना की पढ़ाई
महाराष्‍ट्र सरकार के आदेश को ध्‍यान में रखते हुए सभी स्‍कूलों में संविधान की प्रस्‍वातना का पठन शुरू हुआ है.

महाराष्ट्र सरकार (Maharashtra Government) ने प्रदेश के सभी स्कूलों में देश के संविधान (Constitution) की प्रस्तावना की पढ़ाई कराने के आदेश दिए हैं. इन्‍हीं आदेशों का पालन करते हुए महाराष्‍ट्र (Maharashtra) के सभी स्‍कूलों (Schools) ने आज से संविधान की पढ़ाई कराना शुरू कर दिया है.

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  • Last Updated: January 27, 2020, 7:32 PM IST
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मुंबई: महाराष्‍ट्र (Maharashtra) के स्‍कूलों में पढ़ने वाले हर बच्‍चे को अपने देश के संविधान (Constitution of India) की प्रस्‍तावना के बारे में जानना आवश्‍यक होगा. दरअसल, महाराष्‍ट्र सरकार (Maharashtra Government) ने हाल में एक आदेश पारित किया था, जिसके तहत सूबे के सभी स्‍कूलों में संविधान की प्रस्‍तावना की जानकारी सभी छात्रों को दी जाने की बात कही गई थी. सरकार के इन्‍हीं आदेशों का पालन करते हुए महाराष्‍ट्र के सभी स्‍कूलों ने संविधान की प्रस्‍तावना को पढ़ाना आज से शुरू कर दिया है.

क्‍या थे महाराष्‍ट्र सरकार के आदेश
महाराष्ट्र सरकार ने राज्‍य के सभी स्कूलों में देश के संविधान की प्रस्तावना के पठन का आदेश दिया था. इस आदेश के अनुसार, महाराष्ट्र के सभी सरकारी एवं गैर सरकारी स्‍कूलों में संविधान की प्रस्‍तावना को पढ़ाना अनिवार्य होगा. आदेश में यह भी बताया गया था कि प्रार्थना सभा के दौरान स्‍कूल में संविधान की प्रस्‍तावना का पठन होगा. संविधान की प्रस्‍तवाना के पठन के दौरान पहली कक्षा से दसवीं कक्षा के छात्र-छात्राओं की उपस्थिति को अनिवार्य किया गया है.

इन बच्‍चों को कंठस्‍थ है संविधान की प्रस्‍तावना



महाराष्‍ट्र में एक ऐसा स्‍कूल भी है, जहां पढ़ने वाले प्राइमरी के छात्रों को भी हमारे देश के संविधान की प्रस्तावना मुंह जुबानी याद है. दरअसल, हम मुंबई बीएमसी के प्रभादेवी प्राइमरी मराठी स्कूल में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की बात कर रहे हैं. इस स्‍कूल में पहली कक्षा से चौथी कक्षा के छात्र रोजाना संविधान की प्रस्तावना का पाठ बिना किसी किताब की मदद से करते हैं.



2013 में जारी हुआ था संविधान पठन का पहला सर्कुलर
स्‍कूल के प्रिंसिपल सिंधु पाटील के अनुसार, "हमारे स्कूल में हमने 5-6 साल पहले से ही संविधान की प्रस्तावना पढ़ाने की शुरुआत कर दी थी. महाराष्ट्र सरकार ने 2013 में संविधान पठन को लेकर सर्कुलर भेजा था. जिसके बाद से हम अपने बच्चों को हर रोज की होने वाली प्रार्थना के साथ ही संविधान की प्रस्तावना का पठन भी करवाते है. अब बच्चों को संविधान की प्रस्‍थावना कंठस्थ हो चुकी है." उन्‍होंने बताया कि स्कूल में दाखिल होने के महज 2-3 महीने के भीतर बच्चे संविधान की प्रस्‍तावना याद कर लेते हैं.



हर बच्‍चा जाने संविधान का मूल

महाराष्ट्र सरकार में शिक्षा मंत्री वर्षा गायकवाड़ ने बताया है कि हम बच्चों को स्कूल जीवन से ही यह सिखाना चाहते हैं कि हमारे देश के संविधान का मूल क्या है और इसलिए हमने स्कूल में संविधान पठन की शुरुआत की है.

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First published: January 27, 2020, 7:22 PM IST
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