लाइव टीवी

26/11 हमला: फांसी पर लटकने से पहले कसाब के आखिरी अल्‍फाज, ‘आप जीत गए, मैं हार गया’
Mumbai News in Hindi

News18Hindi
Updated: November 26, 2018, 11:03 AM IST
26/11 हमला: फांसी पर लटकने से पहले कसाब के आखिरी अल्‍फाज, ‘आप जीत गए, मैं हार गया’
आतंकी अजमल कसाब फाइल फोटो

26 नवंबर 2008 को कसाब के साथ जिन अन्य आतंकियों ने मुंबई पर हमला किया था, वो कौन है, कहां से आए थे. इस बात की जानकारी सिर्फ आईबी में काम कर रहे अधिकारी दत्ता पडसलगीकर के पास थी

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 26, 2018, 11:03 AM IST
  • Share this:
मुंबई पर हुए आतंकी हमले को आज 10 साल पूरे हो गए हैं. इस हमले की रची गई साजिश से लेकर फांसी के फंदे तक गिरफ्त में आया एक मात्र जिंदा आतंकी अजमल कसाब के फांसी पर चढ़ने तक की कहानी 26/11 हमले के मुख्य जांच अधिकारी रमेश महाले ने अपनी किताब में बयां की है.

महाले ने अपनी किताब ''26 /11 कसाब और मैं'' में बताया कि इस हमले की जांच में तकरीबन 98 बेहतरीन अधिकारियों को शामिल किया गया था, और उन सभी अधिकारियों की कमान मेरे हाथों में दी गई थी. उन्होंने बताया कि जब आतंकी कसाब को फांसी के लिए ले जाया जा रहा था तब कसाब ने मुझसे कहा ‘महाले सर आप जीत गए और मैं हार गया.’

महाले की इस किताब के विमोचन के दौरान एक और नई जानकारी खुलकर सामने आई, जो शायद अब तक कि जांच-पड़ताल में कहीं पर भी इस बात का जिक्र नहीं किया गया था. 26 नवंबर 2008 को कसाब के साथ जिन अन्य आतंकियों ने मुंबई पर हमला किया था, वो कौन है, कहां से आए थे. इस बात की जानकारी सिर्फ आईबी में काम कर रहे अधिकारी दत्ता पडसलगीकर के पास थी. उन्होंने ही फोन कर मुंबई पुलिस को ये जानकारी दी थी की हमला करने वाले आंतकी पाकिस्तान के हैं.

ये भी पढ़ें- साब का बचाव करने वाले वकीलों को अभी तक नहीं मिली है फीस



ये बात महाले की किताब के विमोचन के वक्त मुंबई पुलिस के कानून व्यवस्था के मुखिया देवेन भारती ने सबके सामने उजागर की. रमेश महाले की इस किताब के विमोचन के दौरान वे सभी 97 अधिकारी मौजूद रहे जो इस जांच के अहम हिस्सा थे. वहीं किताब का विमोचन करने आए महाराष्ट्र के महासंचालक दत्ता पडसलगीकर ने कहा कि महाले का वीआरएस लेने का निर्णय गलत था, ऐसे पुलिस अधिकारी की मुंबई पुलिस को सख्त जरूरत है.

ये भी पढ़ें- मुंबई 26/11 अटैक: 'मैंने मौत को देखा है, सिर्फ चाय की वजह से बच गई जान'

दत्ता पडसलगीकर कहा कि इस आतंकी केस को सुलझाने का मुख्य श्रेय महाले को ही जाता है. महाले ने देश ही नहीं बल्कि दुनिया में महाराष्ट्र का नाम बड़ा किया है. महाले की सबसे बड़ी जीत तब हुई  जब फांसी पर लटकने से पहले आतंकी कसाब ने महाले से कहा,  ‘महाले सर आप जीत गS और मैं हार गया.’

ये भी पढ़ें-26/11 मुंबई हमला: 10 साल बाद अमेरिका का ऐलान- दोषियों को पकड़वाने पर 50 लाख डॉलर का इनाम

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए Mumbai से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: November 26, 2018, 10:33 AM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर