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13 लोगों का शिकार करने के बाद 14वां शिकार खोज रही मर चुकी बाघिन अवनि!

13 लोगों का शिकार करने के बाद 14वां शिकार खोज रही मर चुकी बाघिन अवनि!

फाइल फोटो

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मामले की गंभीरता को देखते हुए एक ओर राज्य सराकर ने चार सदस्यीय टीम बना कर जांच शुरू कर दी तो केंद्र ने भी कमिटी बना दी है. इस बीच पशु प्रेमी लगातार सुधीर के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं.

    महाराष्ट्र में नरभक्षी बाघिन अवनि की मौत के बाद भी सबके सीने में उसका डर बैठ गया है. यवतमाल के जंगलों में 13 लोगों को शिकार बनाने वाली अवनि अब अपना 14वां शिकार खोज रही है. अवनि का डर मंत्री, यहां तक कि उसे मारने वाले शूटर के दिल चक में समा गया है. हालांकि राज्य सरकार अपनी ओर से पूरी कोशिश कर रही है कि अवनि का जिन्न शांत हो जाए लेकिन ऐसा हो नहीं पा रहे हैं.

    दरअसल, अवनि की मौत के बाद केंद्र से लेकर राज्य तक में घमासान मच गया है. केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने अपनी ही पार्टी के नेता और महाराष्ट्र सरकार में वन और वित्त विभाग के कैबिनेट मंत्री सुधीर मुनगुंटीवार को कटघरे में खड़ा कर दिया. इसके बाद से सभी पशु प्रेमी संगठन और विपक्षी दल सुधीर पर हमलावर हो गए.

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    मामले की गंभीरता को देखते हुए एक ओर राज्य सराकर ने चार सदस्यीय टीम बना कर जांच शुरू कर दी तो केंद्र ने भी कमिटी बना दी है. इस बीच पशु प्रेमी लगातार सुधीर के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. वहीं विपक्षी दल कांग्रेस और शिवसेना ने सुधीर पर फेक एनकाउंटर कराने का आरोप लगाया गया है.

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    इतना ही नहीं अधिकारियों को इस बात का डर है कि अवनि का जिन्न मंत्री को छोड़ कहीं उन्हीं में से किसी का शिकार न कर ले और उन्हें इस्तीफा देना पड़ जाए. अवनि का शिकार करने वाले शूटर अजग अली को भी इस बात का डर है कि कहीं अवनी का पंजा, मंत्री और अधिकारियों को छोड़ उनके गले न पड़ जाए. कांग्रेस नेता संजय निरुपम ने मंत्री सुधीर पर तस्करी गिरोह से जुड़ने का आरोप लगा दिया जिसके बाद उन्होंने मानहानि का दावा करने की बात कही है.

    पशु प्रेमियों ने इस पूरे घटना क्रम में यह कह कर नई थियरी जोड़ दी है कि अवनि का शिकार बनने वाले सभी लोग साठ वर्ष के ऊपर के थे, तो वह जंगल में क्यों गए थे? या किसी ने जानबूझकर उन्हें जंगल में भेजा था क्योंकि राज्य सरकार ने मुआवजे की रकम बढ़ाकर आठ से 10 लाख कर दी. पशु प्रेमियों का सवाल है कि क्या लोगों ने जानबूझकर अपने परिवार के बुजुर्ग लोगों को अवनी का शिकार बनने के लिए भेजा ताकि उन्हें 10 लाख रुपए मुआवजा मिल सके?

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    इन सबके उलट एक बार फिर वही बात है कि अवनि, मौत के बाद सरकार को कटघरे में खड़ाकर न सिर्फ हिसाब मांग रही है बल्कि अपना 14वां शिकार भी ढूंढ़ रही है जिसे वह अपने पंजे या जबड़े से तो नहीं लेकिन गुनाहगार साबित कर कुर्सी से हटा सकें.

    Tags: Devendra Fadnavis, Maharashtra, Maneka gandhi

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