लाइव टीवी

जब सिंगापुर से लाखों में खरीदी गई एक मछली के दुख में नेताओं से नहीं मिले थे उद्धव ठाकरे

News18Hindi
Updated: December 6, 2019, 12:28 PM IST
जब सिंगापुर से लाखों में खरीदी गई एक मछली के दुख में नेताओं से नहीं मिले थे उद्धव ठाकरे
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और एक समय शिवसेना में रहे नारायण राणे ने इस घटना का जिक्र अपनी किताब में किया है. (उद्धव ठाकरे- फाइल फोटो)

नारायण राणे ने अपनी किताब में महाराष्ट्र की राजनीति, शिवसेना से अलग होने से लेकर उद्धव ठाकरे के नेतृत्व तक पर लिखा है. इसमें बताया गया है कि कैसे उद्धव ठाकरे एक मछली के कारण अपने पार्टी के नेताओं को समय देने के बावजूद उनसे नहीं मिले थे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 6, 2019, 12:28 PM IST
  • Share this:
मुंबई. उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) वर्तमान में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री हैं. एक समय में नारायण राणे (Narayan Rane) भी शिवसेना में थे और उन्हें पार्टी ने मुख्यमंत्री भी बनाया. लेकिन जब पार्टी में बाल ठाकरे युग का अंत हो रहा था और उद्धव युग की शुरुआत हो रही थी, तब नारायण राणे ने शिवसेना से नाता तोड़ लिया. वे कांग्रेस में शामिल हो गए. फिलहाल बीजेपी में हैं. इसी साल महाराष्ट्र में हुए विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले उनकी एक किताब आई. इस किताब का नाम है, 'नो होल्ड्स बार्ड.'

इस किताब में नारायण राणे ने महाराष्ट्र की राजनीति, शिवसेना से अलग होने से लेकर उद्धव ठाकरे के नेतृत्व तक पर लिखा है. इस किताब का एक अंश हिंदी अखबार एनबीटी में छपा. इसमें बताया गया है कि कैसे उद्धव ठाकरे एक मछली के कारण अपने पार्टी के नेताओं को समय देने के बावजूद उनसे नहीं मिले थे. नारायण राणे ने यह भी बताया है कि साल 2003 से ही शिवसेना आत्मघाती मोड में है.

नारायण राणे ने एक किस्से का जिक्र करते हुए किताब में लिखा है, 'जब ये अफवाहें चल रही थीं कि साहेब और मेरे बीच सब ठीक नहीं चल रहा, कुछ चिंतित सैनिकों ने उस वक्त भंडारा के जिला प्रमुख शेषराव गिरहपुंजे के नेतृत्व में उद्धव जी से मिलने का वक्त मांगा और उनसे मिलने विदर्भ के एक दूर के गांव से पहुंचे. जब वे मातोश्री पहुंचे तो उन्हें 4-5 घंटे इंतजार करवाया गया, जिसके बाद एक सहयोगी ने आकर उन्हें बताया कि उद्धव जी नहीं मिल सकते और उन्हें कल आना चाहिए.'

नारायण राणे फिलहाल बीजेपी में हैं. एक समय में वो शिवसेना के कद्दावर नेता माने जाते थे.


राणे आगे लिखते हैं, 'शेषराव और उनके साथ आए लोगों ने रात गुजारने के लिए कोई सस्ती जगह ढूंढी और फिर जैसा तय था, वे अगले दिन मातोश्री पहुंचे. फिर उन्हें कई घंटे इंतजार कराया गया. जब उनका संयम जवाब देने लगा तो शेषराव ने एक सहयोगी को पकड़ा और पूछा कि उद्धव साहब किस चीज में इतना व्यस्त है कि वह पहले से निर्धारित वक्त होने के बावजूद हमसे पांच मिनट मिल भी नहीं सकते.'

घटना का जिक्र करते हुए पूर्व शिवसेना नेता लिखते हैं, 'शेषराव के मुताबिक, उसने बेरुखी से जवाब दिया कि असल बात यह है कि उद्धव साहेब हाल ही में कुछ लाख रुपए की कीमत की एक मछली सिंगापुर से लेकर आए ते और वह कल मर गई. वह अभी भी उसका दुख मना रहे हैं और अपने कमरे से बाहर नहीं आ रहे. इस कहानी की मैं पूरे यकीन के साथ पुष्टि कर सकता हूं क्योंकि जब उद्धव जी ने वह महंगी मछली ली तो मैं उनके साथ ही था.'
ये भी पढ़ें-

सिंचाई घोटाला: अजित पवार को बड़ी राहत, बॉम्बे HC ने 17 मामलों में दी क्लीन चिट

महाराष्ट्र में हफ्ते भर बाद भी बिना काम के हैं उद्धव के मंत्री, BJP ने कसा तंज

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए Mumbai से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: December 6, 2019, 12:28 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर