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नागरिकता बिल: शिवसेना ने कहा- सरकार जब तक सवालों का जवाब नहीं देगी, समर्थन नहीं

News18Hindi
Updated: December 10, 2019, 4:25 PM IST
नागरिकता बिल: शिवसेना ने कहा- सरकार जब तक सवालों का जवाब नहीं देगी, समर्थन नहीं
उद्धव ठाकरे ने कहा, जब तक चीजें स्पष्ट नहीं होतीं, हम नागरिकता बिल का समर्थन नहीं करेंगे

महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने कहा, ‘हम नागरिकता संशोधन बिल पर आगे तब तक सरकार का समर्थन नहीं करेंगे, जब तक कुछ बातें स्पष्ट नहीं हो जाती.

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  • Last Updated: December 10, 2019, 4:25 PM IST
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नई दिल्ली. लोकसभा में नागरिकता संशोधन बिल (Citizenship Amendment Bill) का समर्थन करने वाली शिवसेना ने अब मोदी सरकार की मंशा आर सवाल खड़े कर दिए हैं. शिवसेना प्रमुख और महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने कहा, ‘हम नागरिकता संशोधन बिल पर आगे तब तक सरकार का समर्थन नहीं करेंगे, जब तक हमारे सवालों के जवाब नहीं मिल जाते.'

उद्धव ठाकरे ने कहा, ‘जो कोई असहमत होता है, वह देशद्रोही होता है, यह (बीजेपी) उनका भ्रम है. यह एक भ्रम है कि केवल बीजेपी को ही देश की परवाह है. हमने राज्यसभा में नागरिकता संशोधन में कुछ बदलाव के सुझाव दिए हैं. हम चाहते हैं कि राज्यसभा में इसे गंभीरता से लिया जाए.’ उद्धव ठाकरे ने कहा, ‘सराकर को यह स्पष्ट करना चाहिए कि ये शरणार्थी कहां रहेंगे?  किस राज्य में रहेंगे?’





महाराष्ट्र के सीएम ने कहा, ‘शिवसेना किसी को अच्छा या बुरा लगने के लिए कुछ नहीं करती, हमारे लिए देश सबसे आगे है. नागरिकता बिल को लेकर सोमवार को ही हमने अपनी भूमिका स्पष्ट कर दी थी. शिवसेना ने लोगसभा में बिल के समर्थन में वोट किया था. घुसपैठियों को बाहर करना ही हमारी प्रमुख भूमिका रही है. शिवसेना को क्या स्टैंड लेना है ये किसी को बताने की जरूरत नहीं है.’

लोकसभा ने सोमवार को इस विधेयक को पारित कर दिया है, जिसमें अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से धार्मिक प्रताड़ना के कारण 31 दिसंबर 2014 तक भारत आए गैर मुस्लिम शरणार्थी- हिन्दू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों के लोगों को भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन करने का पात्र बनाने का प्रावधान है. शिवसेना ने निचले सदन में विधेयक का समर्थन किया.

ठाकरे ने यहां संवाददाताओं से कहा कि विधेयक पर विस्तृत चर्चा जरूरी है. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार को इस विधेयक को लागू करने से अधिक अर्थव्यवस्था, नौकरी संकट और बढ़ती महंगाई पर चिंतित होना चाहिए. उन्होंने कहा, 'हमें इस धारणा को बदलना होगा कि इस विधेयक और भाजपा का समर्थन करने वाले देशभक्त हैं और जो इसका विरोध कर रहे हैं वो राष्ट्र-द्रोही हैं. विधेयक को लेकर उठाए गए सभी मु्द्दों पर सरकार को जवाब देना चाहिए.'

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First published: December 10, 2019, 3:03 PM IST
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