अंडरवर्ल्ड का वह डॉन जिसकी मौत की खबर फिर निकली झूठी, जुर्म की दुनिया में इस नाम से जानते हैं

गैंगस्टर छोटा राजन गुरबत से कैसे डॉन बना इसकी लंबी कहानी है. (फाइल फोटो)

गैंगस्टर छोटा राजन गुरबत से कैसे डॉन बना इसकी लंबी कहानी है. (फाइल फोटो)

Underworld Don News: गैंगस्टर छोटा राजन (Chhota Rajan) की मौत की खबर दूसरी बार झूठ निकली. अंडरवर्ल्ड डॉन राजेंद्र सदाशिव निखाल्जे उर्फ छोटा राजन कैसे अपराध की दुनिया में आया और कैसे उसकी अंडवर्ल्‍ड डॉन दाऊद इब्राहिम (Dawood Ibrahim) के साथ कट्टर दोस्ती कट्टर दुश्मनी में बदल गई.

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नई दिल्ली. दिल्ली के तिहाड़ जेल (Tihar Jail) में बंद अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन (Chhota Rajan) एक बार फिर से चर्चा में है. शुक्रवार को छोटा राजन की मौत की खबर आई थी, हालांकि बाद में यह खबर झूठी निकली. छोटा राजन कुछ दिन पहले ही कोरोना संक्रमित  (Covid-19) पाया गया था, जिसके बाद उसे बीते 26 अप्रैल को एम्स (AIIMS) में भर्ती कराया गया. छोटा राजन पर कई साल पहले भी विदेश में हमला हुआ था, जिसमें वह बच निकला था. गैंगस्टर छोटा राजन गुरबत से कैसे डॉन बना इसकी लंबी कहानी है. आइए जानते हैं अंडरवर्ल्ड डॉन राजेंद्र सदाशिव निखाल्जे उर्फ छोटा राजन कैसे अपराध की दुनिया में आया और कैसे उसकी अंडवर्ल्‍ड डॉन दाऊद इब्राहिम (Dawood Ibrahim) के साथ कट्टर दोस्ती कट्टर दुश्मनी में बदल गई.

छोटा राजन की कहानी महाराष्ट्र के सतारा गांव से शुरू होती है

छोटा राजन मुंबई से 300 किलोमीटर दूर सतारा जिले के फलटन तहसील के गिरवी गांव का रहने वाला है. गांव में उसको नाना के नाम से लोग बुलाते हैं. राजेंद्र दलित परिवार से आता है और पांच भाई-बहनों में सबसे छोटा है. परिवार की स्थिति अच्छी नहीं थी, इसलिए गांव में चौथी कक्षा तक पढ़ाई के बाद वह मुंबई के चेंबूर इलाके के तिलक नगर बस्ती पहुंच गया. शुरुआती दिनों में छोटा राजन मुंबई में फिल्म टिकट ब्लैक में बेचने का काम करता था.

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छोटा राजन मुंबई से 300 किलोमीटर दूर सतारा जिले के फलटन तहसील के गिरवी गांव का रहने वाला है. (फाइल फोटो)

20 साल के उम्र में अपराध की दुनिया में रखा कदम

20 साल का जब राजेंद्र था उसकी जिंदगी में बड़ा मोड़ आया. जब सिनेमा हॉल के सामने वह ब्‍लैक में टिकटें बेच रहा था. तभी पुलिस ने कालाबाजारी पर श‍िकंजा कसने के लिए लाठीचार्ज कर दिया. राजेंद्र को गुस्सा आया और उसने पुलिसवाले को ही पीटना शुरू कर दिया. इस घटना में कई पुलिसवाले घायल हुए. पुलिस ने राजेंद्र सदाश‍िव को गिरफ्तार कर लिया. मुंबई के कई गिरोहों की इसकी चर्चा शुरू हो गई. कई गिरोह राजेंद्र पर नजरें टिकाए बैठे थे. आखिरकार जेल से रिहा होने के बाद राजेंद्र सदाश‍िव ने गैंगस्‍टर राजन नायर यानी बड़ा राजन के गैंग को जॉइन कर लिया.

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राजेंद्र सदाशिव निखाल्जे से छोटा राजन ऐसे बना

1982 में बड़ा राजन की हत्या पठान भाइयों ने अब्‍दुल कुंजू की मदद से करवा दी. बड़ा राजन को अदालत के बाहर गोली मारी गई थी. अब्‍दुल कुंजू भी बड़ा राजन का दुश्‍मन था. उसने बड़ा राजन की गर्लफ्रेंड से शादी की थी. बड़ा राजन की मौत के बाद गैंग का सारा काम अब राजेंद्र सदाश‍िव के हाथों में आ गया और नाम पड़ा छोटा राजन.

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बड़ा राजन की मौत के बाद गैंग का सारा काम अब राजेंद्र सदाश‍िव के हाथों में आ गया और नाम पड़ा छोटा राजन.

अंडरवर्ल्ड की लड़ाई में ऐसे बादशाहत कायम की

मुंबई में 70 -80 के दशक में अंडरवर्ल्ड के कई ग्रुप बने. इसी दशक में दाउद भी अंडरवर्ल्ड में अपना सिक्का जमा रहा था. शुरुआती सालों यानी 90 के दशक से पहले दाउद और छोटा राजन के बीच अच्छे संबंध थे, लेकिन 1992 में मुंबई ब्लास्ट के बाद दोनों की दोस्ती दुश्मनी में बदल गई. छोटा राजन गैंग में दाउद का खास गुर्गा रवि पुजारी शामिल हो गया, जिसके बाद दाउद और छोटा राजन में दुश्मनी और बढ़ गई.

भारत आना एक डील का हिस्सा?

जानकार बताते हैं कि छोटा राजन का भारत आना एक बड़ी डील का हिस्सा था. इसलिए एक डील के तहत उसे भारत लाया गया. दूसरी तरफ छोटा राजन स्वास्थ्य समस्याओं से भी जूझ रहा था. उसका काला कारोबार आस्ट्रेलिया, अफ्रीका जैसे देशों में चल रहा था, जिसे बचाने की बड़ी चुनौती थी. राजन को भी लगा कि वह भारत के जेलों में रह कर जिंदा रह सकता है. इसके अलावा खुफिया एजेंसी को भी लगा कि छोटा राजन के कई लोग दाउद के गैंग में काम कर रहे हैं, जिससे दाउद की हर गतिविधि को राजन को पता रहता है. इसी का नतीजा था जब बैंकॉक में राजन पर हमला हुआ तो वह वहां से जान बचा कर भाग निकला था.

छोटा राजन को लेकर फिल्म भी बन चुकी है

भारत में छोटा राजन को लेकर कई फिल्में भी बन चुकी हैं, जिसमें  दिखाया गया है कि अपराध की दुनिया में उसकी एंट्री सिनेमाघर से बाहर से ही हुई थी. वह मुंबई के शंकर सिनेमा के बाहर ब्‍लैक में टिकटें बेचा करता था. उसकी जिंदगी की कहानी पर संजय दत्त की 'वास्‍तव' से लेकर विवेक ओबेरॉय-अजय देवगन की 'कंपनी' तक कई फिल्‍में बन चुकी हैं.

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तिहाड़ जेल में छोटा राजन को कोरोना के चलते एम्स में भर्ती कराया गया है. Demo Pic.

सीबीआई इंडोनेशिया से लेकर भारत आई

आखिरकार 6 नवंबर 2015 को इंडोनेशिया के वाली से सीबीआई की एक टीम छोटा राजन को भारत ले कर आई. इंटरपोल की मदद से भारत लाने के बाद छोटा राजन को मुंबई में न रखकर दिल्ली के तिहाड़ में रखा गया. खुफिया एजेंसी को अंदेशा था कि मुंबई में दाउद राजन की हत्या करवा सकता है.

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छोटा राजन पर कई मामले दर्ज हैं

राजन पर महाराष्ट्र और देश के अलग-अलग राज्यों में 75 से ज्यादा क्रिमिनल केस दर्ज हैं. राजन पर अवैध वसूली, धमकी, मारपीट और हत्या और हत्या की कोशिश के मामले दर्ज हैं. राजन पर 20 से ज्यादा लोगों के मर्डर का भी सीधा आरोप है. मुंबई के जाने-माने क्राइम रिपोर्टर ज्‍योतिर्मय डे की हत्या में तो राजन को उम्र कैद की सजा सुनाई गई है. कहा जाता था किसी वारदात की पूरी खबर पुलिस के पास भले न हो लेकिन अंडरवर्ल्‍ड ज्योतिर्मय डे के पास रहती थी. राजन चाहता था कि ज्योतिर्मय डे उसके लिए काम करें.

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