अवनि बाघिन को मारने में किया गया नियमों का उल्लंघन: एनटीसीए समिति

राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) की तथ्यान्वेषी समिति की अंतिम रिपोर्ट में महाराष्ट्र में पिछले महीने मार डाली गयी बाघिन अवनि को मारने के तौर-तरीकों पर सवाल खड़े किये गये हैं.

News18Hindi
Updated: December 7, 2018, 12:41 AM IST
अवनि बाघिन को मारने में किया गया नियमों का उल्लंघन: एनटीसीए समिति
अवनि बाघिन (फाइल फोटो).
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Updated: December 7, 2018, 12:41 AM IST
राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) की तथ्यान्वेषी समिति की अंतिम रिपोर्ट में महाराष्ट्र में पिछले महीने मार डाली गयी बाघिन अवनि को मारने के तौर-तरीकों पर सवाल खड़े किये गये हैं.

समिति ने कहा है कि यवतमाल जिले में दो नवंबर को इस बाघिन को जिस टीम ने मारा, उसके और पशुचिकित्सकों के बीच कोई संचालन समन्वय नहीं था. इस बाघिन को बेहोश करने वाले डार्ट (नुकीली चीज) को भी अनधिकृत तरीके से दागा गया.

समिति ने यह भी कहा है कि जब निशानेबाज असगर अली खान ने बाघिन को मारा तब इस अभियान के समय पशुचिकित्सा संबंधी दवा का काम भी अनधिकृत व्यक्तियों ने संभाला. राज्य सरकार टी 1 (सरकारी नाम) नामक इस बाघिन की मौत को लेकर आलोचनाओं से घिर गई है. माना जाता है कि यवतमाल में इस बाघिन ने पिछले दो सालों में 13 लोगों की जान ले ली थी. इस बाघिन के मारे जाने पर पशुप्रेमियों और वन्यजीव संगठनों ने कड़ी नाराजगी जताई.



इस बाघिन की मौत की जांच के लिए आठ नवंबर को सेवानिवृत वन अवर प्रधान संरक्षक ओपी कालेर और एनजीओ वाइल्डलाईफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया के उपनिदेशक जोस लुईस की दो सदस्यीय समिति बनायी गई थी. समिति ने 28 नवंबर को प्राधिकरण के सदस्य सचिव को रिपोर्ट सौंपी थी.

एनटीसीए की रिपोर्ट के बारे में पूछे जाने पर महाराष्ट्र के वन मंत्री सुधीर मुंगतिवार ने मुम्बई में कहा कि उन्होंने रिपोर्ट नहीं देखी है और वह उसके निष्कर्षों पर कुछ नहीं कह सकते. उन्होंने कहा, ‘मैं उसे देख लूं, उसके बाद ही उस पर मैं कुछ टिप्पणी कर पाऊंगा’.

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