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राज्यसभा में नागरिकता विधेयक पर रुख बदलेगी शिवसेना तो हम स्वागत करेंगे: कांग्रेस

भाषा
Updated: December 10, 2019, 8:32 PM IST
राज्यसभा में नागरिकता विधेयक पर रुख बदलेगी शिवसेना तो हम स्वागत करेंगे: कांग्रेस
नागरिकता संशोधन विधेयक को शिवसेना के समर्थन पर मनीष तिवारी ने कहा कि, दोनों दल विशेष परिस्थिति में महाराष्ट्र में साथ आए हैं लेकिन दोनों दलों की विचारधारा अलग है. (फाइल फोटो)

कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी (Manish Tiwari) ने नागरिकता संशोधन विधेयक (Citizenship Amendment Bill) को शिवसेना के समर्थन पर कहा कि, अलग परिस्थिति में दोनों दल महाराष्ट्र में साथ आए हैं, दोनों की विचारधारा अलग-अलग है.

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मुंबई. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के ताजा बयान की पृष्ठभूमि में कांग्रेस ने मंगलवार को कहा कि अगर शिवसेना नागरिकता संशोधन विधेयक (Citizenship Amendment Bill) पर राज्यसभा में अपना रुख बदलती है तो वह इसका स्वागत करेगी.

पार्टी प्रवक्ता मनीष तिवारी (Manish Tiwari) ने संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा, ‘यह विधेयक पूरी तरह असंवैधानिक है. इसको ध्यान में रखकर अगर शिवसेना राज्यसभा में अपने रुख में बदलाव करती है तो हम इसका स्वागत करेंगे. देश की सभी राष्ट्रवादी शक्तियां भी इसका स्वागत करेंगी.’ उन्होंने कहा कि अलग परिस्थिति में दोनों दल महाराष्ट्र में साथ आए हैं, लेकिन उनकी विचारधारा अलग-अलग है.

सवालों के जवाब मिलने के बाद राज्यसभा में बिल का समर्थन करेगी पार्टी: उद्धव ठाकरे
शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मंगलवार को कहा कि शिवसेना राज्यसभा में तब तक नागरिकता (संशोधन) विधेयक का समर्थन नहीं करेगी, जब तक कि पार्टी द्वारा लोकसभा में उठाए गए सवालों का जवाब नहीं मिल जाता. शिवसेना ने सोमवार को निचले सदन में विधेयक का समर्थन किया था.

लोकसभा में सोमवार को पारित हो गया विधेयक
लोकसभा ने सोमवार को इस विधेयक को पारित किया, जिसमें अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से धार्मिक प्रताड़ना के कारण 31 दिसंबर 2014 तक भारत आए गैर मुस्लिम शरणार्थियों यानी हिन्दू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों के लोगों को भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन करने का पात्र बनाने का प्रावधान है.

एक साथ रहना चाहते हैं तीनों दल: शशि थरूरकांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने कहा कि, महाराष्ट्र विकास आघाडी (Maharashtra Vikas Aghadi) के तीनों दल एक साथ रहना चाहते हैं, यह महत्वपूर्ण है. एक दूसरे के बीच फर्क को भी ओवरलुक किया है और यह कोई सीक्रेट भी नहीं है. सोमवार को शिवसेना ने बिल पर बीजेपी का समर्थन किया था क्योंकि हिंदुत्व उनका एजेंडा है, लेकिन एनसीपी और कांग्रेस इसे स्वीकार नहीं करती. यह स्पष्ट है कि बीजेपी को सत्ता से बाहर रखने के लिए, वैचारिक मतभेद को अलग रखकर भी बहुत पार्टियां एक साथ आ रही हैं.

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First published: December 10, 2019, 8:27 PM IST
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