कब्रगाह बनते आशियाने, आखिर क्यों मरने पर मजबूर हैं मुंबईकर

बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने 499 बिल्डिंगों की लिस्ट जारी कर साफ कर दिया है कि ये बिल्डिंग रहने लायक नहीं है.

Abhishek Pandey | News18Hindi
Updated: July 17, 2019, 2:20 PM IST
कब्रगाह बनते आशियाने, आखिर क्यों मरने पर मजबूर हैं मुंबईकर
डोंगरी हादसे की तस्वीर
Abhishek Pandey | News18Hindi
Updated: July 17, 2019, 2:20 PM IST
मुंबई के डोंगरी इलाके में मंगलवार को बड़ा हादसा हुआ. लगातार बारिश के चलते एक 4 मंजिला बिल्डिंग ढह गई. इस हादसे में अब तक 14 लोगों की मौत हो गई है और कई लोग अभी भी मलबे में दबे हुए हैं.

वहीं, मुंबई में सैकड़ों बिल्डिंग जर्जर अवस्था में हैं. ये बिल्डिंग कभी आपको मौत की नींद सुला सकती है. ये हम नहीं बल्कि बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) कह रही है. उन सभी 499 बिल्डिंगों की लिस्ट बीएमसी में जारी कर साफ कर दिया है कि ये बिल्डिंग रहने लायक नहीं है. लोग यहां से निकल कर अपना नया आशियाना खोज ले. लेकिन नया आशियाना कहां खोज ले और इस नए आशियाने के लिए व्यक्ति की जेब गवाही दे रही है या नहीं, इस बात पर बीएमसी के अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक चुप्पी साधे हुए हैं.

बीएमसी के स्ट्रक्चरल ऑडिटर सुरेश साहु ने बताया कि लोग नोटिस इग्नोर करते हैं. लोगों को 4 नोटिस दिया जाता है. सोसाइटी को पहली नोटिस में हल्का फुल्का रिपेयर, दूसरे नेटिस में टूटे प्लास्टर और बिल्डिंग को रिपेयर करने का नोटिस, तीसरा नोटिस जब बिल्डिंग में बड़ी दरारें आ जाती है तब हम बिल्डिंग का पूरा प्लास्टर तोड़कर उसके तमाम सारे समानों को चेंज करने के लिए बोलते हैं और आखिर में चौथा नोटिस तुरंत बिल्डिंग गिराने का क्योंकि एक मिनट भी बिल्डिंग रहना खतरनाक हे सकता है.

आखिर क्यों मरने पर मजबूर हैं मुंबईकर

मुंबई के लोग पहले के समय सस्ते में घर खरीद लिया था लेकिन अब बढ़ती महंगाई में उनके पास घर खरीदने का बजट नहीं है. जो भी बिल्डर बिल्डिंग बनाने या रिडेवलपमेंट के लिए आते हैं वो पहले कुछ महीने का भाड़ा देते हैं. बाद में भाड़ा देना बंद कर देते हैं और बिल्डिंग भी आधे में छोड़कर भाग जाते हैं. अपना घर छोड़ किराए के मकान में रहने के साथ फिर दुबारा घर मिलने की उम्मीद धीरे-धीरे मुंबईकरों की खत्म होने लगती है. इसलिए लोग घर में दफन होना ज्यादा बेहतर समझते है.

यहां देखें मुंबई की जर्जर इमारतों की पूरी लिस्ट

करप्शन के कारण बिल्डर पर लगाम नहीं लगाते हैं और बिल्डर मनमानी करने पर अड़ा रहता है. उलटा मुंबईकर इन अधिकारियो के खिलाफ शिकायत कर के उनके नजरो में चढ़ जाता है और अधिकारी और बिल्डर मिलकर शिकायत करने वाले का घर ही डॉक्यूमेंट के अभाव में रोक देते हैं. यही वजह है कि कोई भी व्यक्ति इनकी मनमानियों की शिकायत नहीं कर पाता है. यही कारण है कि लोग जिस घर में पैदा होते हैं और वही घर उनकी कब्र बन जाता है.
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First published: July 17, 2019, 12:37 PM IST
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