गलत इलाज के कारण गई थी पति की जान, अब पत्नी को मिला 15 लाख का मुआवजा

महाराष्ट्र राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने हाल के एक आदेश में कहा कि जहां एक अस्पताल उसके पति की बीमारी का पता नहीं लगा सका वहीं दूसरा उसे पर्याप्त उपचार मुहैया नहीं करा सका.

भाषा
Updated: August 2, 2019, 3:35 PM IST
गलत इलाज के कारण गई थी पति की जान, अब पत्नी को मिला 15 लाख का मुआवजा
चिकित्सीय लापरवाही के कारण हुई मौत में 15 लाख का मुआवजा मिला है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)
भाषा
Updated: August 2, 2019, 3:35 PM IST
महाराष्ट्र के राज्य उपभोक्ता आयोग ने नवी मुंबई के एक सरकारी अस्पताल और चेम्बूर स्थित एक अस्पताल को एक महिला को 15 लाख रुपये मुआवजा देने का निर्देश दिया है जिसके पति की चिकित्सीय लापरवाही के कारण नौ साल पहले मौत हो गई थी.

महाराष्ट्र राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने हाल के एक आदेश में कहा कि जहां एक अस्पताल उसके पति की बीमारी का पता नहीं लगा सका वहीं दूसरा उसे पर्याप्त उपचार मुहैया नहीं करा सका. मृतक की पत्नी स्वाति ने आरोप लगाया था कि मृतक दत्ता शेरखने (40) बीपीसीएल का एक कर्मचारी था और नवी मुंबई नगर निगम अस्पताल ने 2010 में उसका मायोकार्डिटिस (हृदय रोग) की बजाय मलेरिया का इलाज किया था.

2011 में महिला पहुंची थी आयोग
बाद में वह अपने पति को लेकर चेम्बूर स्थित सुश्रुत अस्पताल गई. महिला का आरोप है कि वहां उसके पति के इलाज में देरी हुई जिसके कारण उनकी मौत हो गई. महिला 2011 में अपने पति के इलाज में ‘चिकित्सा लापरवाही’ के संबंध में मुआवजा मांगने के लिए महाराष्ट्र राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग पहुंची थी.

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First published: August 2, 2019, 3:35 PM IST
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