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उद्धव ठाकरे ने BJP पर साधा निशाना- हिंदुत्व का बुर्का ओढ़कर अगर घाव दोगे तो...

घटना के 3 दिन बाद आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है.
घटना के 3 दिन बाद आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है.

सीएम उद्धव ठाकरे नागपुर में शिवसैनिकों (Shiv sena) के सम्मेलन में पहुंचे थे, जहां कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने बीजेपी पर निशाना साधा. उद्धव ने कहा कि जनता को लगना चाहिए कि अपनी सरकार है, शिवसेना परिवार का मुखिया राज्य का मुख्यमंत्री है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 16, 2019, 9:47 PM IST
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नागपुर. महाराष्ट्र के सीएम और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे (CM Uddhav Thackeray) ने कहा है, "मैं हिंदू हूं. हमने कोई धर्मांतरण नहीं किया है. सत्ता आती है, जाती है, जनता को साथ रहना चाहिए." सोमवार को नागपुर शिवसेना (Shiv sena) के कार्यकर्ता सम्मेलन में पहुंचे उद्धव ठाकरे ने संबोधित करते हुए कहा कि जनता को लगना चाहिए कि अपनी सरकार है. शिवसेना परिवार का मुखिया राज्य का मुख्यमंत्री है. उन्होंने कहा कि देश के भीतर असंतोष है. महाराष्ट्र में गठबंधन क्यों हुआ? सावरकर के अखंड हिंदुस्तान के लिए गठबंधन हुआ है.

नया नागरिकता कानून को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए उद्धव ने कहा कि पाकिस्तान में हिंदू की दशा दिखा रहे हैं, लेकिन बेलगांव, कर्नाटक में हिंदू की क्या दशा है, उनपर भाषा को लेकर अत्याचार हो रहा है, कर्नाटक में बीजेपी सरकार है, वहां उन्होंने क्या कदम उठाया. शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि हिंदुत्व का बुर्का ओढ़कर अगर देश को घाव दोगे तो ठीक नहीं.

नया नागरिकता कानून सावरकर के विचारों के खिलाफ
इससे पहले महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने नए नागरिकता कानून के तहत प्रताड़ित अल्पसंख्यकों को भारत में स्वीकार करने को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा. उद्धव ने कहा कि यह सावरकर का ‘अपमान’ है, जो सिंधु नदी से लेकर कन्याकुमारी तक की भूमि ‘एक देश’ के तहत लाना चाहते थे. उद्धव ठाकरे ने सवाल किया, "क्या सीएए विचारधारा पर आधारित है? इसे लेकर हो रही हिंसा का क्या? सीएए सावरकर के विचारों के खिलाफ है. शिवसेना को घेरने की बजाय बीजेपी सावरकर के मुद्दे पर आक्रामक क्यों नहीं है, जैसी वह नागरिकता कानून को लेकर है?"
युवा नेताओं के लिए कुर्सी छोड़ने को तैयार नहीं वरिष्ठ नेता: शिवसेना


बता दें, महाराष्ट्र में मंत्रिमंडल विस्तार से पहले शिवसेना ने सोमवार को कहा था कि वरिष्ठ और पुराने नेता युवा नेताओं के लिए मंत्री पद छोड़ने को राजी नहीं हैं. उसने कहा कि पुराने नेताओं को इस भ्रम में नहीं रहना चाहिए कि उनके बिना सरकार का काम नहीं चलेगा. मुखपत्र सामना के संपादकीय में किसी दल का नाम लिए बना कहा, ‘सरकार के अन्य विभाग भी महत्वपूर्ण होते हैं लेकिन ‘मलाईदार’ अथवा ‘वजनदार’ विभाग चाहिए, ऐसी एक भावना कुछ वर्षों से बलवती होती जा रही है. इस मानसिकता से बाहर निकलना अनिवार्य है. जिन्हें लगता है कि मलाईदार समझे जानेवाले विभागों से ही देश की अथवा जनता की सेवा की जा सकती है उनकी नीयत साफ नहीं है.’

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