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शरद पवार बोले- लोगों को BJP के ऐसे विकल्प की जरूरत जो भारत में टिके
Nagpur News in Hindi

भाषा
Updated: December 18, 2019, 11:11 PM IST
शरद पवार बोले- लोगों को BJP के ऐसे विकल्प की जरूरत जो भारत में टिके
एनसीपी चीफ शरद पवार (फाइल फोटो)

भारत के पड़ोसी देशों के लोगों के लिए नागरिकता कानून को लेकर पूछे गए सवाल पर एनसीपी (NCP) अध्यक्ष शरद पवार (Sharad Pawar) ने कहा कि देश को बीजेपी के विकल्प की जरूरत है, जो भारत में टिक सके.

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  • Last Updated: December 18, 2019, 11:11 PM IST
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नागपुर. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी/एनसीपी (NCP) अध्यक्ष शरद पवार (Sharad Pawar) ने बुधवार को तंज करते हुए कहा कि देश को सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी/बीजेपी (BJP) के विकल्प की जरूरत है, जो देश में टिक सके. राष्ट्रीय स्तर पर बीजेपी विरोधी गठबंधन बनने की संभावनाओं के सवाल पर पवार ने मीडिया से कहा, "इस तरह के संकेत हैं कि देश के कुछ हिस्सों में बीजेपी-विरोधी भावनाएं उमड़ रही हैं."

उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) का परोक्ष उल्लेख करते हुए कहा, "लोगों को ऐसे बदलाव के लिए विकल्प की जरूरत है और ऐसे विकल्प को देश में टिकना होगा." राहुल गांधी ने मंगलवार को कहा था कि उन्होंने दक्षिण कोरिया की यात्रा के दौरान वहां के प्रधानमंत्री ली नाक-योन से मुलाकात की थी. राहुल गांधी की दक्षिण कोरिया की यात्रा ऐसे समय में हुई जब भारत में संशोधित नागरिकता कानून को लेकर प्रदर्शन हो रहे थे.

गैर-बीजेपी दल कुछ समान मुद्दों पर साथ आ रहे
नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ विपक्ष के नेताओं की राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात के संदर्भ में पवार ने कहा, "ऐसा लगता है कि गैर-बीजेपी दल कुछ समान मुद्दों पर साथ आ रहे हैं." उन्होंने कहा कि सरकार का मुकाबला करने के लिहाज से एक अधिक ‘संगठित ढांचा’ बनाने के लिए इन दलों को थोड़ा और वक्त चाहिए.

असम में भी सीएए का विरोध हो रहा
नागरिकता संशोधन कानून पर बढ़ते विरोध के बारे में पूछे जाने पर एनसीपी अध्यक्ष ने कहा, "ऐसी उम्मीद थी कि अशांति कुछ राज्यों तक सीमित रहेगी." उन्होंने कहा कि बीजेपी की इस आंकाक्षा के विपरीत कि कुछ राज्यों में नए कानून का स्वागत किया जाएगा, उसके शासन वाले असम में भी अधिनियम का विरोध हो रहा है.

वरिष्ठ एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि अगर किसी राज्य को एनआरसी लागू करना पड़ा और लोगों को डिटेंशन केंद्रों में रखना पड़ा तो यह अव्यावहारिक होगा. ऐसे केंद्रों में कितने लोगों को रखा जा सकेगा और कब तक रखा जा सकेगा?

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First published: December 18, 2019, 10:09 PM IST
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