नालासोपारा केस: हिन्दू धर्म के खिलाफ बोलने वाले थे निशाने पर, कोर्ट में ATS का खुलासा

एटीएस का दावा है कि ये संदिग्ध महाराष्ट्र के अलग-अलग शहरों में आतंकी हमले को अंजाम देने की फिराक में थे. एटीएस ने इनके पास से देसी बम सहित भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री भी बरामद की है.

News18Hindi
Updated: September 1, 2018, 12:52 PM IST
नालासोपारा केस: हिन्दू धर्म के खिलाफ बोलने वाले थे निशाने पर, कोर्ट में ATS का खुलासा
प्रतीकात्मक तस्वीर
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Updated: September 1, 2018, 12:52 PM IST
अमन सय्यद

मुंबई में कथित हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ता वैभव राउत के घर से बरामद विस्फोटक मामले में एक सुनवाई करते हुए शुक्रवार को मुंबई की विशेष अदालत में बड़ा खुलासा हुआ. कोर्ट में ATS के जांच अधिकारियों ने मामले में गिरफ्तार पांचवें आरोपी अविनाश पवार की रिमांड लेने के लिए दलील में कहा की अब तक की जांच में परत दर परत कई बाते सामने आई है जिसमें एक बड़ी साजिश नजर आ रही है. ATS ने कोर्ट में दावा किया की पकड़े गए आरोपियों के निशाने पर ऐसे लोग थे जो हिन्दू धर्म के खिलाफ बयानबाजी करते हैं.

ATS ने कोर्ट में कहा, 'जांच के दौरान आरोपियों से मिली जानकारी के मुताबिक महाराष्ट्र के 4 बड़े लोग जिनमें राजनैतिक पार्टी के नेता और समाजसेवियों की रेकी की गयी थी. इस रेकी के पीछे क्या मकसद था इसका पता लगाना जरुरी है जिसके लिए आरोपी की रिमांड बढ़ाई जाए.' साथ ही ATS ने कोर्ट में बताया के अब तक की जांच में यह बात सामने आ चुकी है की मामले में गिरफ्तार आरोपियों ने बम बनाने और हथियार चलाने की ट्रेनिंग ली है.

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ट्रेनिंग के लिए अविनाश पवार और उसके दूसरे साथी महाराष्ट्र के बाहर दूसरे राज्यो में जाकर यह ट्रेनिंग लेते थे. अब तक पूरे केस में ATS ने 4 मोटरसाइकल और 2 कार बरामद की है. यह जानकारी भी कोर्ट के समक्ष रखी गयी. हालांकि बचाव पक्ष ने दलील दी कि जिन चार लोगों की रेकी की गयी है उसको साबित करने के लिए ATS ने कोर्ट में अब तक कोई रिकॉर्ड पेश नहीं किया है.

जिसके चलते कोर्ट से ATS को फटकार भी लगाई, साथ ही अदालत ने गौरी लंकेश की हत्या के मामले में गिरफ्तार अमोल काले को अपनी कस्टडी में लेने के लिए एटीएस ने क्या प्रयास किये? यह सवाल उठाये और सख्त लहजे में ATS की जांच में ढिलाई और लापरवाही की बात कही. इस केस में ATS ने कोर्ट के समक्ष एक डायरी रखी जिसमे सांकेतिक भाषा का इस्तेमाल हुआ है.

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यही आधार बनाकर अदालत ने कहा इन सांकेतिक भाषा में क्या लिखा गया जिसका पता लगाने लिए महाराष्ट्र ATS को जांच का का समय मिलना चाहिए इसलिए अविनाश पवार को 4 सितम्बर तक की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया.

महाराष्ट्र एटीएस ने एक बड़े ऑपरेशन को अंजाम देते हुए 10 अगस्त की रात मुंबई से सटे नालासोपारा में छापेमारी कर नालासोपारा और पुणे से तीन संदिग्ध आरोपियों गिरफ्तार किया था. पकड़े गए आरोपी हिंदू संगठन के सदस्य बताए जा रहे हैं.

एटीएस का दावा है कि ये संदिग्ध महाराष्ट्र के अलग-अलग शहरों में आतंकी हमले को अंजाम देने की फिराक में थे. एटीएस ने इनके पास से देसी बम सहित भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री भी बरामद की है. नालासोपारा से वैभव राउत के घर और दुकान पर छापे में 20 देसी बम, दो जिलेटिन छड़, 22 नॉन इलेक्ट्रॉनिक डेटोनेटर, विस्फोटक पाउडर, जहर की दो बोतल, बैटरी आदि सामान मिले थे.

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