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केंद्रीय मंत्री नारायण राणे को बॉम्बे हाई कोर्ट से मिली बड़ी राहत, बंगले पर BMC फिलहाल नहीं करेगी कार्रवाई

पिछले कुछ महीनों से राणे परिवार और ठाकरे सरकार के बीच जमकर सियासी जंग देखने को मिली है.  (फोटो- @MeNarayanRane)

पिछले कुछ महीनों से राणे परिवार और ठाकरे सरकार के बीच जमकर सियासी जंग देखने को मिली है. (फोटो- @MeNarayanRane)

नारायण राणे (Narayan Rane) ने बीएमसी द्वारा उनके जुहू इलाके में स्थित बंगले अधिसा में अवैध निर्माण को लेकर बीएमसी द्वा ...अधिक पढ़ें

मुंबई. केंद्रीय मंत्री नारायण राणे (Narayan Rane) को बॉम्बे हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है. बीएमसी की नोटिस के खिलाफ राणे द्वारा बॉम्बे हाई कोर्ट में दायर की गई याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने बीएमसी को आदेश दिया कि वो राणे के बंगले पर तुरंत कार्रवाई न करें. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने बीएमसी को आदेश दिया कि राणे की याचिका पर सुनवाई होने दें. अगर सुनवाई के बाद राणे के खिलाफ फैसला जाता है तो भी तीन सप्ताह तक बीएमसी कोई कार्रवाई नहीं करेगी. अगर फैसला राणे के विरोध में जाता है तो, इन तीन सप्ताह के भीतर उन्हें कोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील करने का अधिकार होगा.

दरअसल नारायण राणे ने बीएमसी द्वारा उनके जुहू इलाके में स्थित बंगले अधिसा में अवैध निर्माण को लेकर बीएमसी द्वारा भेजे गए नोटिस के खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए याचिका दायर की है. जानकारी के मुताबिक नारायण राणे ने अपनी इस याचिका में बीएमसी द्वारा जारी की गई नोटिस को अवैध बताते हुए उस पर रोक लगाने की मांग की थी. सुनवाई के दौरान राणे की तरफ से यह दलील दी गई कि बीएमसी की तरफ से उन्हें अवैध निर्माण को नियमित करने का वक़्त ही नही दिया गया, जिस पर बीएमसी के वकीलों ने यह दलील दी कि राणे एक तरफ कह रहे हैं कि उन्होंने कोई अवैध निर्माण नहीं किया और दूसरी तरफ नियमित करने का समय भी मांग रहे हैं.

क्या है पूरा मामला?
दरअसल मुम्बई के पॉश जुहू इलाके में नारायण राणे का 8 मंजिला अधीसा बंगला है. इस बंगले में अवैध निर्माण होने की शिकायत के बाद बीएमसी की टीम कुछ दिनों पहले इंस्पेक्शन करने के लिए वहां पहुंची थी. इंस्पेक्शन की इस रिपोर्ट के बाद बीएमसी की तरफ से नारायण राणे को नोटिस भेजी गई थी और 15 दिनों के भीतर बंगले में हुए अवैध निर्माण को हटाने का निर्देश दिया गया था. 15 दिन बीतने के बाद जब राणे परिवार ने अवैध निर्माण को नहीं हटाया तो बीएमसी ने पिछले सप्ताह दूसरा नोटिस जारी करते हुए फिर से 15 दिनों के भीतर अवैध निर्माण को हटाने को कहा है. नोटिस के मुताबिक अगर राणे परिवार खुद से अवैध निर्माण नहीं हटाता है तो बीएमसी तोड़कर कार्रवाई करके उसे हटाएगी, ऐसा चेतावनी भी दी गई है. बीएमसी द्वारा जारी की गई नोटिस के मुताबिक राणे के बंगले के कई फ्लोर पर अवैध निर्माण हुआ है, जिसे तोड़ना बहुत जरूरी है.

ठाकरे सरकार Vs राणे
बता दें कि पिछले कुछ महीनों से राणे परिवार और ठाकरे सरकार के बीच जमकर सियासी जंग देखने को मिली है. फिर चाहे वो दिशा सालियान मामले में राणे फैमिली के खिलाफ मुम्बई पुलिस द्वारा केस दर्ज करने की बात हो, या फिर शरद पवार का संबंध दाऊद इब्राहिम से जोड़ने वाले बयान को लेकर मामला दर्ज होने की.

Tags: Bombay high court, Narayan Rane

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